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MP के 5 ग्रीनफील्ड कॉरिडोर: ₹63,296 करोड़, 1,398 km

By Gagariya Editorial Desk•Published 7 Nov 2026 IST•3 min read•Reviewed by the Gagariya editorial team
MP के 5 ग्रीनफील्ड कॉरिडोर: ₹63,296 करोड़, 1,398 km
Photo: Own or licensed by the publisher

पाँचों कॉरिडोर चार लेन और एक्सेस-कंट्रोल्ड होंगे, यानी इन पर गाँवों और कस्बों से सीधी एंट्री नहीं होगी। सबसे लंबा रास्ता जबलपुर–आशापुर है, 358 किलोमीटर, और सबसे छोटा सागर–सतना, 227 किलोमीटर। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 5 नवंबर 2026 को भोपाल में मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम (MPRDC) के निदेशक मंडल की 49वीं बैठक में इनकी प्रगति की समीक्षा की। बैठक में अनुमानित लागत ₹63,296 करोड़ बताई गई। अभी सड़क बनना शुरू नहीं हुआ है; सिर्फ फिजिबिलिटी अध्ययन और DPR का काम चल रहा है।

पाँच कॉरिडोर कौन-कौन से हैं

कॉरिडोर लंबाई
भोपाल–मंदसौर 258 km
सागर–सतना 227 km
जबलपुर–आशापुर 358 km
भोपाल–ग्वालियर 320 km
कटनी–सिंगरौली 235 km
कुल 1,398 km
सबसे लंबा कॉरिडोर जबलपुर–आशापुर है, 358 किलोमीटर। सबसे छोटा सागर–सतना है, 227 किलोमीटर। ये पाँच रास्ते मालवा, बुंदेलखंड, महाकोशल और विंध्य के बड़े शहरों को जोड़ते हैं। भोपाल से दो कॉरिडोर निकलते हैं, एक मंदसौर की तरफ और एक ग्वालियर की तरफ।

अभी काम तैयारी के चरण में है

अभी सड़क बनना शुरू नहीं हुआ है। परियोजनाएँ तैयारी के चरण में हैं। भोपाल–मंदसौर, सागर–सतना और जबलपुर–आशापुर कॉरिडोर के लिए सलाहकार फिजिबिलिटी रिपोर्ट और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार कर रहे हैं। कई अलाइनमेंट विकल्पों पर विचार चल रहा है, यानी रास्ता किस गाँव-कस्बे से होकर जाएगा, यह अभी तय नहीं है। बोर्ड ने पाँचों परियोजनाओं के लिए फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार करने को मंज़ूरी दी है। DPR पर अंतिम फैसला तभी होगा, जब परियोजना व्यवहार्य पाई जाएगी। बैठक में मुख्यमंत्री ने सड़क निर्माण का काम तेज़ करने का निर्देश भी दिया। MPRDC के हाईवे फंड का नाम अब "विकसित मध्य प्रदेश संकल्प पथ" रखा गया है। फंड के नाम के अलावा बैठक में निर्माण की कोई समय-सीमा या रकम के बँटवारे की घोषणा नहीं हुई।

पुराने ₹33,000 करोड़ वाले पैकेज से फर्क

पाठकों को एक पुरानी घोषणा से भ्रम हो सकता है। 2025 में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने मध्य प्रदेश में पाँच ग्रीनफील्ड आर्थिक कॉरिडोर की घोषणा की थी, जिनकी लागत ₹33,000 करोड़ बताई गई थी। वे रास्ते अलग थे: भोपाल–इंदौर, ग्वालियर–शिवपुरी, सागर–छतरपुर, रीवा–सिंगरौली और रतलाम–जावरा। नई योजना उससे अलग है। इसमें रास्ते भी अलग हैं और लागत भी अलग है, ₹63,296 करोड़। दोनों को एक ही पैकेज समझना गलत होगा। पुराने पैकेज में भोपाल–जबलपुर के बीच 255 किलोमीटर का ग्रीनफील्ड हाईवे भी शामिल था, जिसकी DPR दिसंबर 2025 तक पूरी होनी थी। नई योजना MPRDC की बोर्ड बैठक से निकली है, जबकि पुरानी घोषणा केंद्र सरकार की तरफ से हुई थी।

किन इलाकों पर असर पड़ेगा

कॉरिडोर जिन शहरों को जोड़ते हैं, वहाँ व्यापार और आवाजाही पर सीधा असर पड़ेगा। भोपाल–मंदसौर रास्ता मालवा को राजधानी से जोड़ेगा। सागर–सतना और कटनी–सिंगरौली बुंदेलखंड और विंध्य के खनन व औद्योगिक इलाकों को जोड़ेंगे। भोपाल–ग्वालियर रास्ता राजधानी को चंबल-ग्वालियर क्षेत्र से जोड़ेगा। जबलपुर–आशापुर महाकोशल के अंदर आवाजाही आसान करेगा। लेकिन यह फायदा अभी कागज़ पर है। जब तक अलाइनमेंट तय नहीं होता, यह नहीं कहा जा सकता कि किस गाँव या कस्बे की ज़मीन अधिग्रहण में आएगी। ज़मीन अधिग्रहण, पर्यावरण मंज़ूरी या टोल को लेकर अभी कोई घोषणा नहीं हुई है।

आगे क्या देखना होगा

अगले चरण में तीन बातें देखने लायक हैं। पहली, तीन कॉरिडोर की फिजिबिलिटी रिपोर्ट कब आती है और अलाइनमेंट क्या तय होता है। दूसरी, बाकी दो कॉरिडोर की DPR का काम कब शुरू होता है। तीसरी, बोर्ड DPR को व्यवहार्य मानता है या नहीं, क्योंकि उसी के बाद निर्माण की बात आगे बढ़ेगी। तब तक यह योजना एक बड़ी घोषणा है, सड़क नहीं। इसके साथ ही यह भी देखना होगा कि पुराने ₹33,000 करोड़ वाले पैकेज के रास्तों का काम कहाँ तक पहुँचा, ताकि दोनों योजनाओं की प्रगति अलग-अलग समझी जा सके। 📷 फोटो: Aman Gupta, Wikimedia Commons (CC BY-SA 3.0)

Questions people ask

MP में 5 ग्रीनफील्ड कॉरिडोर कौन-कौन से हैं?
पाँच कॉरिडोर भोपाल–मंदसौर (258 km), सागर–सतना (227 km), जबलपुर–आशापुर (358 km), भोपाल–ग्वालियर (320 km) और कटनी–सिंगरौली (235 km) हैं। कुल लंबाई 1,398 किलोमीटर है। पाँचों चार लेन, एक्सेस-कंट्रोल्ड होंगे, यानी इन पर गाँवों और कस्बों से सीधी एंट्री नहीं होगी। ये मालवा, बुंदेलखंड, महाकोशल और विंध्य के बड़े शहरों को जोड़ते हैं।
MP ग्रीनफील्ड कॉरिडोर की लागत कितनी है?
पाँचों कॉरिडोर की अनुमानित लागत ₹63,296 करोड़ है। रकम का कॉरिडोर-वार बँटवारा अभी घोषित नहीं हुआ है। बैठक में मुख्यमंत्री ने सड़क निर्माण का काम तेज़ करने का निर्देश दिया, लेकिन निर्माण की कोई समय-सीमा या रकम के बँटवारे की घोषणा नहीं हुई। यह लागत 2025 वाली ₹33,000 करोड़ की घोषणा से अलग है।
भोपाल मंदसौर कॉरिडोर कितने km का है?
भोपाल–मंदसौर कॉरिडोर 258 किलोमीटर का है। यह भोपाल से निकलने वाले दो कॉरिडोर में से एक है, दूसरा भोपाल–ग्वालियर (320 km) है। भोपाल–मंदसौर, सागर–सतना और जबलपुर–आशापुर कॉरिडोर के लिए सलाहकार फिजिबिलिटी रिपोर्ट और DPR तैयार कर रहे हैं, और कई अलाइनमेंट विकल्पों पर विचार चल रहा है।
MP में ग्रीनफील्ड कॉरिडोर का निर्माण कब शुरू होगा?
निर्माण की कोई तारीख घोषित नहीं हुई है। परियोजनाएँ तैयारी के चरण में हैं; फिजिबिलिटी रिपोर्ट और DPR तैयार हो रहे हैं। DPR पर अंतिम फैसला तभी होगा, जब परियोजना व्यवहार्य पाई जाएगी। बोर्ड ने पाँचों परियोजनाओं के लिए फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार करने को मंज़ूरी दी है। अलाइनमेंट तय होने के बाद ही निर्माण की बात आगे बढ़ेगी।
MPRDC की बैठक में क्या फैसला हुआ?
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 5 नवंबर 2026 को भोपाल में MPRDC की 49वीं बोर्ड बैठक में पाँच ग्रीनफील्ड कॉरिडोर की प्रगति की समीक्षा की। बोर्ड ने पाँचों परियोजनाओं के लिए फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार करने को मंज़ूरी दी। MPRDC के हाईवे फंड का नाम अब "विकसित मध्य प्रदेश संकल्प पथ" रखा गया है। निर्माण की कोई समय-सीमा घोषित नहीं हुई।

Sources

  1. Connecting every village, city through roads is our goal, says CM Yadav; five greenfield corridors proposed worth Rs 63,296 Cr (indianeconomicobserver.com)
  2. Madhya Pradesh Plans Five Greenfield Highways Worth Rs 63,296 Crore (newkerala.com)
  3. MP CM Mohan Yadav Chairs MPRDC Meeting to Expedite Road Construction (khelja.in)
  4. CM Mohan Yadav Announces 5 Green Field Corridors Worth ₹63,296 Cr for MP (nationpress.com)
  5. MP's ₹33,000 Crore Economic Corridors (2025 Gadkari announcement) (itdcindia.com)

Editorial note: This story was researched from public sources and drafted with the help of AI tools. It was then read, checked against those sources and approved by the Gagariya editorial team before publication. How we work.

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