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राज्यों को ₹1.09 लाख करोड़ अतिरिक्त किस्त मिली

By Gagariya Editorial Desk•1 Nov 2026 IST•3 min read•Human Reviewed & Fact-Checked
राज्यों को ₹1.09 लाख करोड़ अतिरिक्त किस्त मिली
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31 अक्टूबर की शाम को जारी हुई किस्त

उत्तर प्रदेश को इस किस्त में सबसे ज्यादा ₹19,208 करोड़ मिले हैं — पूरी रकम का 17.6%। वित्त मंत्रालय ने 31 अक्टूबर 2026 की शाम को बताया कि 28 राज्यों को कुल ₹1,09,019 करोड़ की अतिरिक्त किस्त जारी कर दी गई है। यह रकम नियमित मासिक devolution से अलग है। मंत्रालय ने कहा कि यह रिलीज त्योहारी मौसम को देखते हुए की गई है, ताकि राज्य पूंजीगत खर्च तेज कर सकें और विकास व कल्याण से जुड़े खर्च पूरे कर सकें। यह इस वित्त वर्ष (2026-27) की दूसरी अतिरिक्त किस्त है। पहली अतिरिक्त किस्त भी इतनी ही रकम की थी और वह 1 अगस्त 2026 को जारी हुई थी। यानी दो अतिरिक्त किस्तों में अब तक ₹2,18,038 करोड़ राज्यों को अतिरिक्त रूप से दिए जा चुके हैं।

किस राज्य को कितना मिला

सबसे बड़ी रकम उत्तर प्रदेश को मिली है: ₹19,208 करोड़। इसके बाद बिहार को ₹10,845 करोड़, मध्य प्रदेश को ₹8,010 करोड़, पश्चिम बंगाल को ₹7,866 करोड़ और महाराष्ट्र को ₹7,022 करोड़ मिले हैं। राजस्थान को ₹6,460 करोड़, ओडिशा को ₹4,819 करोड़, आंध्र प्रदेश को ₹4,597 करोड़, कर्नाटक को ₹4,504 करोड़ और गुजरात को ₹4,094 करोड़ मिले। सबसे छोटी रकम सिक्किम को मिली: ₹365 करोड़।

राज्य रकम (₹ करोड़) कुल का हिस्सा
उत्तर प्रदेश 19,208 17.6%
बिहार 10,845 9.9%
मध्य प्रदेश 8,010 7.3%
पश्चिम बंगाल 7,866 7.2%
महाराष्ट्र 7,022 6.4%
राजस्थान 6,460 5.9%
पहले पाँच राज्यों को मिलाकर ₹52,951 करोड़ बनता है, जो पूरी किस्त का 48.6% है। यह बँटवारा राज्यों की आबादी, आय और जरूरत जैसे तय मानकों पर आधारित हिस्सेदारी से होता है, न कि किसी राज्य की माँग पर।

यह पैसा आम आदमी को सीधे क्यों नहीं मिलेगा

यह समझना जरूरी है कि यह रकम किसी नागरिक के खाते में नहीं जाएगी। Tax devolution का मतलब है कि केंद्र सरकार अपने कर संग्रह का एक हिस्सा राज्य सरकारों को देती है। अभी केंद्र के करों का 41% हिस्सा 14 किस्तों में राज्यों के बीच बाँटा जाता है। यह किस्त उसी हिस्सेदारी का एक अग्रिम भुगतान है, जो सामान्य समय-सारणी से पहले जारी किया गया है। मंत्रालय ने यह नहीं कहा है कि राज्यों को यह पैसा किसी खास योजना पर ही खर्च करना होगा। रिलीज में खर्च की कोई शर्त और कोई रिपोर्टिंग की माँग नहीं बताई गई है। मंत्रालय की अपेक्षा सिर्फ इतनी है कि राज्य सड़क, स्कूल, अस्पताल जैसी पूंजीगत परियोजनाओं और कल्याण योजनाओं पर खर्च बढ़ाएँ।

क्या बदला, क्या नहीं

पहले, राज्य हर महीने की नियमित किस्त का इंतजार करते थे। अब, अगस्त और अक्टूबर में दो अतिरिक्त किस्तों से राज्यों के पास त्योहारी महीनों में खर्च के लिए पहले से ज्यादा नकदी है। दूसरी ओर, यह कोई नई कमाई या कोई अतिरिक्त अनुदान नहीं है — यह राज्यों के अपने हिस्से का पैसा है, जो पहले दिया जा रहा है। बजट 2026-27 में राज्यों को tax devolution के रूप में कुल ₹15.26 लाख करोड़ देने का अनुमान है, जबकि 2025-26 के संशोधित अनुमान में यह ₹13.93 लाख करोड़ था। वित्त मंत्री ने कहा है कि यह अतिरिक्त किस्त मजबूत आर्थिक गतिविधि और अच्छी कर वसूली की वजह से संभव हुई है।

आगे क्या देखें

अगली नियमित मासिक किस्त सामान्य समय-सारणी के अनुसार आएगी, लेकिन मंत्रालय ने उसकी तारीख या रकम अभी घोषित नहीं की है। राजस्थान को ₹6,460 करोड़ मिले हैं, जो कुल का 5.9% है, और ओडिशा व आंध्र प्रदेश को क्रमशः ₹4,819 करोड़ और ₹4,597 करोड़ मिले। अब देखने वाली बात यह होगी कि राज्य इस अतिरिक्त रकम से कौन-सी पूंजीगत परियोजनाएँ तेज करते हैं और क्या त्योहारी मौसम में इसका असर सड़कों, स्कूलों और अस्पतालों के काम पर दिखता है। 📷 फोटो: Shahnoor Habib Munmun, Wikimedia Commons (CC BY 3.0)

Questions people ask

Tax devolution क्या है?
केंद्र सरकार अपने कर संग्रह का एक तय हिस्सा राज्य सरकारों को देती है। अभी यह हिस्सा 41% है, जो साल में 14 किस्तों में बाँटा जाता है।
क्या यह पैसा आम नागरिकों को मिलेगा?
नहीं। यह रकम राज्य सरकारों के खजाने में जाती है, किसी व्यक्ति के खाते में नहीं।
सबसे ज्यादा पैसा किस राज्य को मिला?
उत्तर प्रदेश को ₹19,208 करोड़, जो पूरी किस्त का 17.6% है।
यह दूसरी अतिरिक्त किस्त क्यों खास है?
क्योंकि पहली अतिरिक्त किस्त 1 अगस्त 2026 को भी इतनी ही रकम की थी, यानी दो किस्तों में ₹2,18,038 करोड़ अतिरिक्त दिए जा चुके हैं।
क्या राज्यों को यह पैसा किसी खास काम पर खर्च करना होगा?
मंत्रालय की रिलीज में कोई अनिवार्य शर्त नहीं बताई गई है; अपेक्षा पूंजीगत खर्च और विकास व कल्याण योजनाओं को तेज करने की है।

Sources

  1. Finance Ministry release via PIB, 31 October 2026 (technologyforyou.org)
  2. The Hindu BusinessLine report on the release (thehindubusinessline.com)
  3. New Kerala report with state-wise shares (newkerala.com)

Editorial Note: This explainer was researched using verified primary sources and official notifications, then independently fact-checked, reviewed, and finalized under human editorial guidance by the Gagariya desk.

This story is informational only and is not financial advice. Decisions about money belong with a registered adviser — the sources above are a good place to start reading.

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