Cyclone Murasu ओंगोल से टकराया, अब कमज़ोर पड़ रहा है

3 नवंबर की सुबह 3:30 से 5:30 बजे के बीच Severe Cyclonic Storm Murasu दक्षिण आंध्र प्रदेश के तट से टकराया। मौसम विभाग ने बताया है कि यह तट नेल्लोर और नरसापुर के बीच, ओंगोल के पास पार हुआ। उस समय हवाओं की रफ्तार 100–110 किलोमीटर प्रति घंटे थी और झोंके 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच रहे थे। तट पार करने से पहले मौसम विभाग ने आंध्र प्रदेश और उससे सटे उत्तरी तमिलनाडु तट के लिए red message चेतावनी जारी की थी।
तूफ़ान की टाइमलाइन
| समय | स्थिति |
|---|---|
| 2 नवंबर | तूफ़ान severe cyclonic storm बना; चेन्नई में 11 उड़ानें रद्द हुईं |
| 3 नवंबर, सुबह 3:30–5:30 | ओंगोल के पास तट से टकराया, हवाएं 100–110, झोंके 120 किलोमीटर प्रति घंटे |
| 3 नवंबर, दोपहर तक | कमजोर होकर cyclonic storm बना |
| 3 नवंबर, रात 8:30 बजे | deep depression में बदला, विजयवाड़ा से करीब 70 किलोमीटर पश्चिम-दक्षिणपश्चिम |
| 4 नवंबर, रात 2:30 बजे का बुलेटिन | deep depression, तटीय आंध्र और पूर्वी तेलंगाना के ऊपर, हवाएं 55–65, झोंके 75 किलोमीटर प्रति घंटे |
| 4 नवंबर, बुधवार सुबह | depression में और कमजोर होने का अनुमान |
मौसम विभाग के 4 नवंबर के 2:30 बजे के बुलेटिन में कहा गया है कि यह सिस्टम अब उत्तर-उत्तरपूर्व की ओर बढ़ रहा है। बुधवार सुबह तक इसके depression में बदलने की उम्मीद है। तटीय आंध्र में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश अभी भी हो सकती है। मछुआरों को सुबह तक आंध्र तट से दूर रहने की सलाह दी गई है। अगला बुलेटिन सुबह 8:30 बजे आएगा।
यात्रा पर असर
तूफ़ान से पहले ही यात्रा व्यवस्था बिगड़ने लगी थी। 2 नवंबर को चेन्नई हवाई अड्डे पर 11 उड़ानें रद्द हुईं, जिनमें विजयवाड़ा, राजमुंदरी, कडपा और तिरुचिरापल्ली से जुड़ी सेवाएं शामिल थीं। विजयवाड़ा, विशाखापत्तनम और तिरुपति हवाई अड्डों पर भी उड़ानें प्रभावित हुईं।
रेल मार्ग पर भी असर पड़ा। दक्षिण तट रेलवे ने करावाडी स्टेशन के पास तेज हवाएं दर्ज होने के बाद विजयवाड़ा–ओंगोल–गुडूर खंड पर ट्रेनों की आवाजाही अस्थायी रूप से रोक दी। कम से कम 7 ट्रेनों का रास्ता बदला गया। इनमें तिरुवनंतपुरम सेंट्रल से नई दिल्ली जाने वाली केरल एक्सप्रेस (12625), सर एम. विश्वेश्वरैया टर्मिनल बेंगलुरु–हटिया एक्सप्रेस (18638), हावड़ा–बेंगलुरु सुपरफास्ट (22863) और कानपुर सेंट्रल–बेंगलुरु स्पेशल (04131) शामिल हैं। बदले रास्ते पर ये ट्रेनें रेणिगुंटा, येर्रागुंटला, नांदयाल, गुंटूर और विजयवाड़ा से होकर चलीं। यात्रा से पहले अपनी ट्रेन और उड़ान की ताजा स्थिति जरूर जांच लें, क्योंकि बहाली की गति मौसम पर निर्भर करेगी।
किसे क्या करना है
- तटीय आंध्र के निवासी: भारी बारिश वाले इलाकों में जलभराव से बचें, मौसम विभाग का अगला बुलेटिन देखें और स्थानीय प्रशासन के निर्देश मानें।
- मछुआरे: सुबह तक समुद्र में न जाएं। मौसम विभाग की सलाह साफ है कि आंध्र तट से दूर रहें।
- यात्री: चेन्नई, विजयवाड़ा, तिरुपति, राजमुंदरी और विशाखापत्तनम से यात्रा करने वाले अपनी उड़ान की स्थिति एयरलाइन से पक्की करें। विजयवाड़ा–ओंगोल–गुडूर रूट के यात्री ट्रेन का बदला रूट और समय जांच लें।
- किसान और तटीय गांवों के लोग: तेज हवा में गिरे पेड़ों, बिजली के खंभों और टूटी नावों की खबरें आई हैं। नुकसान की सूचना स्थानीय प्रशासन को दें, खुद बिजली के तारों के पास न जाएं।
नुकसान के शुरुआती आंकड़े
नुकसान का कोई अंतिम आकलन अभी सामने नहीं आया है। आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (APSDMA) के प्रबंध निदेशक प्रखर जैन ने बताया है कि बापटला जिले में 2 लोगों की मौत हुई है — चिन्नागंजम में 25 साल के युवक और करमचेडु में 65 साल की महिला की, इमारतें गिरने से। सुबह की शुरुआती रिपोर्टों में कोई हताहत नहीं बताया गया था, लेकिन दिन में बाद में यह जानकारी सामने आई। APSDMA के शुरुआती अनुमान के मुताबिक करीब ₹344 करोड़ का नुकसान और 52,459 हेक्टेयर फसल प्रभावित हुई है, लेकिन यह अंतिम आकलन नहीं है। गुंटूर, बापटला और पालनाडु के राहत केंद्रों में 12,230 लोग रह रहे हैं। फसलों, पेड़ों, बिजली के खंभों और मछली पकड़ने वाली नावों को नुकसान की खबरें हैं।
यह भी साफ रहे कि मुरासु आंध्र का पहला तूफ़ान नहीं है। करीब एक हफ्ते पहले Cyclone Arnab भी इसी राज्य से टकरा चुका है।
आगे क्या होगा
अब नजर 4 नवंबर सुबह 8:30 बजे के अगले IMD बुलेटिन पर रहेगी। सिस्टम के depression में बदलने के बाद भी तटीय आंध्र में कहीं-कहीं भारी बारिश का खतरा बना हुआ है। तेलंगाना, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में भी बारिश की चेतावनी रही है। जब तक मौसम विभाग चेतावनी वापस न ले, तटीय इलाकों में सतर्कता ही सबसे सुरक्षित रास्ता है।
Further reading
- IMD cyclone press bulletin (PDF)
- Cyclone Murasu live updates and IMD bulletins
- Cyclone Murasu travel disruptions: flights and trains
📷 Illustration: AI-generated
Questions people ask
- Cyclone Murasu कहां और कब तट से टकराया?
- 3 नवंबर को सुबह 3:30 से 5:30 बजे के बीच, ओंगोल के पास, नेल्लोर और नरसापुर के बीच। हवाएं 100–110 किलोमीटर प्रति घंटे थीं, झोंके 120 तक।
- 4 नवंबर सुबह तूफ़ान की क्या स्थिति है?
- यह deep depression बन गया है और उत्तर-उत्तरपूर्व की ओर बढ़ रहा है। बुधवार सुबह तक इसके depression में बदलने का अनुमान है।
- क्या आज भी बारिश होगी?
- मौसम विभाग ने कहा है कि तटीय आंध्र में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। मछुआरों को सुबह तक तट से दूर रहने की सलाह है।
- ट्रेन और उड़ानें क्यों प्रभावित हुईं?
- तेज हवा और बारिश के कारण विजयवाड़ा–ओंगोल–गुडूर खंड पर आवाजाही रोकी गई और कम से कम 7 ट्रेनों का रास्ता बदला गया। चेन्नई में 2 नवंबर को 11 उड़ानें रद्द हुईं।
- नुकसान का पक्का आंकड़ा क्या है?
- अभी कोई अंतिम आकलन नहीं आया है। APSDMA के शुरुआती अनुमान के मुताबिक करीब ₹344 करोड़ का नुकसान और 52,459 हेक्टेयर फसल प्रभावित हुई है। बापटला जिले में 2 मौतें पुष्ट हुई हैं।
Editorial Note: This explainer was researched using verified primary sources and official notifications, then independently fact-checked, reviewed, and finalized under human editorial guidance by the Gagariya desk.
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