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बंगाल की खाड़ी में नया सिस्टम, आंध्र तट पर भारी बारिश अलर्ट

By Gagariya Editorial Desk•1 Nov 2026 IST•2 min read•Human Reviewed & Fact-Checked
बंगाल की खाड़ी में नया सिस्टम, आंध्र तट पर भारी बारिश अलर्ट
Photo: Own or licensed by the publisher

तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में 2 नवंबर को कहीं-कहीं अत्यंत भारी बारिश हो सकती है, और रायलसीमा में 2 और 3 नवंबर को बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान है।

IMD के 31 अक्टूबर 2026 के बुलेटिन के अनुसार, दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी और लगे अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह व अंडमान सागर पर एक सुस्पष्ट निम्न दबाव क्षेत्र है। IMD ने कहा कि यह 6 घंटों में अवदाब और 24 घंटों में चक्रवाती तूफान बन सकता है। यह पश्चिम-उत्तर-पश्चिम बढ़ रहा है और 2 नवंबर की शाम तक आंध्र तट के पास पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी तक पहुँच सकता है।

यह अर्नब नहीं है: क्या बदला

28 अक्टूबर को चक्रवात अर्नब 150 kmph की हवाओं के साथ आंध्र प्रदेश और यनम तट पर टकराया था। नया सिस्टम उससे अलग और बाद का है, इसे अर्नब का जारी रहना समझना गलत होगा। दोनों की तारीख और रास्ता अलग हैं, पर दोनों का असर आंध्र तट पर पड़ने का पूर्वानुमान है।

कहाँ, कब भारी बारिश

क्षेत्र पूर्वानुमान
तटीय आंध्र प्रदेश और यनम 2 नवंबर: कहीं-कहीं अत्यंत भारी; 3 नवंबर: बहुत भारी
रायलसीमा 2 और 3 नवंबर: बहुत भारी
ओडिशा 3 और 4 नवंबर: भारी
तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल 5 नवंबर तक भारी
केरल, माहे 4 नवंबर तक भारी

2-3 नवंबर को कृष्णा, गुंटूर, NTR, पलनाडु, बापटला में भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान है। एलुरु, पश्चिम गोदावरी, प्रकाशम, नेल्लोर, नांद्याल, कडपा, अन्नमय्या, तिरुपति में भारी बारिश संभव है।

तटवर्ती जिलों और मछुआरों के लिए क्या मतलब

1 नवंबर को आंध्र तट पर 30 से 40 kmph की हवाएँ, झोंके 50 kmph तक, और समुद्र उबड़-खाबड़ रहेगा। तटीय निवासियों और मछुआरों को IMD के अगले बुलेटिन देखने चाहिए; बारिश और हवा का असर सिस्टम की गति और रास्ते पर निर्भर करेगा।

तीव्रता और लैंडफॉल पर स्रोतों में मतभेद

अनिश्चितता साफ है। IMD महानिदेशक ने कहा है कि 80 से 90 kmph की हवाएँ, झोंके 100 kmph तक, और मंगलवार सुबह, 3 नवंबर को आंध्र तट पर संभावित लैंडफॉल हो सकता है। दूसरी ओर, IMD ने लैंडफॉल की पुष्टि नहीं की है, और एक अन्य पूर्वानुमान में सिर्फ अवदाब के 2 नवंबर के आसपास तट तक पहुँचने की बात है। इसलिए लैंडफॉल तथ्य नहीं है। मुरासु नाम भी सिर्फ रिपोर्ट हुआ है, IMD की घोषणा नहीं; यह भारत का प्रस्तावित नाम है, तमिल में अर्थ ढोल है।

2 नवंबर की शाम को सिस्टम की ताकत साफ होगी, और 3 नवंबर को लैंडफॉल की आशंका वाली बात की परीक्षा होगी। अगले IMD बुलेटिन पर नजर रखनी होगी।

📷 फोटो: NOAA/NESDIS, Wikimedia Commons (Public Domain) — 2019 के चक्रवात फेनी की उपग्रह तस्वीर, प्रतीकात्मक

Questions people ask

नया सिस्टम आंध्र तट के पास कब पहुँचेगा?
IMD के अनुसार, 2 नवंबर 2026 की शाम तक इसके पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में आंध्र तट के पास पहुँचने की उम्मीद है।
सबसे भारी बारिश कहाँ होगी?
तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में 2 नवंबर को कहीं-कहीं अत्यंत भारी और 3 नवंबर को बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान है; रायलसीमा में 2 और 3 नवंबर को बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान है।
क्या इस सिस्टम का लैंडफॉल तय है?
नहीं। एक रिपोर्ट में 3 नवंबर सुबह संभावित लैंडफॉल की बात है, लेकिन IMD ने लैंडफॉल की पुष्टि नहीं की है।
क्या यह चक्रवात अर्नब ही है?
नहीं। अर्नब 28 अक्टूबर को 150 kmph की हवाओं के साथ टकरा चुका है; यह उससे अलग और बाद का सिस्टम है।
अगर यह तूफान बनता है तो इसका नाम क्या होगा?
मुरासु नाम सिर्फ रिपोर्ट हुआ है, IMD की घोषणा नहीं; यह भारत का प्रस्तावित नाम है, तमिल में अर्थ ढोल है।

Sources

  1. After Cyclone Arnab, another Bay of Bengal cyclone to hit India (jagranjosh.com)
  2. Heavy rainfall forecast as new weather system develops over Bay of Bengal (thecsrjournal.in)
  3. Andhra Pradesh cyclone threat grows as heavy rain looms (urbanacres.in)
  4. New cyclonic storm forms over Bay of Bengal (thetimesofbengal.com)

Editorial Note: This explainer was researched using verified primary sources and official notifications, then independently fact-checked, reviewed, and finalized under human editorial guidance by the Gagariya desk.

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