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भारत अब Horizon Europe से जुड़ेगा, EU funding मिलेगी

By Gagariya Editorial Desk•Published 7 Nov 2026 IST•4 min read•Reviewed by the Gagariya editorial team
भारत अब Horizon Europe से जुड़ेगा, EU funding मिलेगी
Photo: Own or licensed by the publisher

6 नवंबर 2026 को European Commission और भारत ने Horizon Europe से भारत के जुड़ने पर बातचीत पूरी कर ली। समझौते पर हस्ताक्षर और दोनों तरफ की मंज़ूरी के बाद, जनवरी 2027 से भारत इस programme से associated country के रूप में जुड़ जाएगा। यह EU का flagship research programme है, जिसका बजट 2021 से 2027 के लिए €93.5 अरब है।

पहले क्या था, अब क्या बदलेगा

बात पहले अब
दर्जा भारत associated country नहीं था जनवरी 2027 से association की उम्मीद
EU funding भारतीय संस्थानों को Horizon Europe से सीधी funding नहीं मिलती थी Pillar II के तहत सीधी funding मिलेगी
projects में भूमिका भारतीय शोधकर्ता Pillar II projects का नेतृत्व नहीं कर सकते थे भारतीय शोधकर्ता Pillar II projects का नेतृत्व कर सकेंगे
शर्तें EU सदस्यों के बराबर नहीं covered areas में EU counterparts के बराबर, बदले में programme budget में वित्तीय योगदान

एक बात पर ध्यान देना ज़रूरी है। मौजूदा Horizon Europe programme दिसंबर 2027 में खत्म हो रहा है। यानी जनवरी 2027 से शुरू होकर association का पहला चरण करीब 12 महीने का होगा। यह छोटी खिड़की उन संस्थानों के लिए मायने रखती है जो अभी से तैयारी करना चाहते हैं।

Pillar II में क्या-क्या आता है

भारत को पूरे programme की access नहीं मिल रही है। समझौता Pillar II तक सीमित है, जिसका पूरा नाम है Global Challenges and European Industrial Competitiveness। यह programme का सबसे बड़ा हिस्सा है और इसमें बहु-देशीय research projects को funding मिलती है।

समझौते के अनुसार, Pillar II में ये क्षेत्र आते हैं: health, digital technologies, industry, space, climate, energy और bioeconomy। इसके साथ artificial intelligence भी इस दायरे में शामिल है। यानी जिन भारतीय संस्थानों का काम इन क्षेत्रों में है, उनके लिए यह दरवाज़ा सबसे पहले खुल रहा है।

Association का मतलब यह भी है कि भारत EU को इस programme के लिए वित्तीय योगदान देगा। यह योगदान कितना होगा, यह अभी घोषित नहीं हुआ है।

भारतीय शोधकर्ताओं और विश्वविद्यालयों के लिए मतलब

शोधकर्ताओं के लिए: अब वे EU funding के लिए सीधे आवेदन कर सकेंगे और Pillar II के तहत बड़े अंतरराष्ट्रीय consortia का नेतृत्व कर सकेंगे। Association के बिना यह भूमिका भारतीय शोधकर्ताओं के लिए संभव नहीं थी। जिन शोधकर्ताओं के पास EU साझेदारों के साथ चल रहे सहयोग हैं, उनके लिए यह बदलाव सबसे तुरंत काम का है।

विश्वविद्यालयों और research संस्थानों के लिए: वे covered areas में EU के संस्थानों के बराबर शर्तों पर हिस्सा ले सकेंगे। इसका मतलब है कि funding calls में भारतीय संस्थान अब बराबरी के applicant होंगे। संस्थानों को अभी से अपने EU counterparts से संपर्क साधना चाहिए और Pillar II के विषयों में साझा proposals की तैयारी शुरू करनी चाहिए।

व्यवसायों और startups के लिए: EU Commissioner Ekaterina Zaharieva ने कहा कि समझौता व्यवसायों के लिए नए अवसर खोलेगा और दोनों तरफ के शोधकर्ताओं को साथ काम करने में मदद करेगा। उनका कहना था कि Europe और India भविष्य की तकनीकों को विकसित करने में साझेदार बनना चाहते हैं।

बातचीत का सफ़र: 2001 से 2027

  1. 2001: भारत और EU के बीच Agreement for Scientific and Technological Cooperation पर हस्ताक्षर हुए, जिसे बाद में 2030 तक बढ़ा दिया गया।
  2. 27 जनवरी 2026: EU-India शिखर सम्मेलन में Joint Comprehensive Strategic Agenda towards 2030 अपनाया गया और Horizon Europe से भारत के जुड़ने पर exploratory talks शुरू करने पर सहमति बनी।
  3. 6 फरवरी 2026: association पर exploratory talks शुरू हुईं।
  4. 17 जुलाई 2026: औपचारिक बातचीत शुरू हुई।
  5. 6 नवंबर 2026: European Commission और भारत ने बातचीत पूरी कर ली।
  6. जनवरी 2027: association शुरू होने की उम्मीद, बशर्ते समझौते पर हस्ताक्षर हो जाएँ और दोनों तरफ की मंज़ूरी पूरी हो।

इस दौरान दोनों पक्षों का सहयोग EU-India Trade and Technology Council के ज़रिए भी बढ़ा, जिसमें artificial intelligence, digital public infrastructure, semiconductors और 6G जैसे विषय शामिल हैं।

आगे के कदम

अगला कदम औपचारिक समझौते पर हस्ताक्षर है। इसके जनवरी 2027 में होने की संभावना जताई गई है, लेकिन तारीख की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। हस्ताक्षर के बाद दोनों तरफ की आंतरिक मंज़ूरी पूरी होगी और फिर association लागू होगा।

भारतीय संस्थानों को तीन बातों पर नज़र रखनी चाहिए: हस्ताक्षर की तारीख, भारत के वित्तीय योगदान की रकम और Pillar II के तहत funding calls का कार्यक्रम। इनमें से कोई भी अभी घोषित नहीं हुआ है। और एक बात साफ़ है, मौजूदा programme दिसंबर 2027 में खत्म हो रहा है, इसलिए जो संस्थान इस मौके का इस्तेमाल करना चाहते हैं, उनके पास तैयारी के लिए ज़्यादा समय नहीं है।

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📷 फोटो: KenSwe72, Wikimedia Commons (CC BY 4.0)

Questions people ask

Horizon Europe क्या है?
यह European Union का flagship research and innovation programme है, जिसका बजट 2021 से 2027 के लिए €93.5 अरब है। इसमें health, AI, space, climate, energy और bioeconomy जैसे क्षेत्रों में research को funding मिलती है।
भारतीय शोधकर्ताओं को इससे क्या फायदा होगा?
Association के बाद भारतीय शोधकर्ता, विश्वविद्यालय और व्यवसाय Horizon Europe से सीधी funding पा सकेंगे और Pillar II के तहत अंतरराष्ट्रीय research projects का नेतृत्व कर सकेंगे।
भारत कब से इस programme से जुड़ेगा?
Association जनवरी 2027 से शुरू होने की उम्मीद है, लेकिन इसके लिए पहले समझौते पर हस्ताक्षर और दोनों तरफ की मंज़ूरी पूरी होनी ज़रूरी है।
क्या भारत को पूरे programme की access मिलेगी?
नहीं। समझौता Pillar II तक सीमित है, जिसका नाम Global Challenges and European Industrial Competitiveness है। यह programme का सबसे बड़ा हिस्सा है, लेकिन पूरा programme नहीं।
भारत के साथ और कौन से देश इस programme से जुड़े हैं?
Horizon Europe से 23 non-EU देश associated हैं, जिनमें UK, Canada, Japan, South Korea और Switzerland शामिल हैं। Australia के साथ भी बातचीत पूरी हो चुकी है।

Editorial note: This story was researched from public sources and drafted with the help of AI tools. It was then read, checked against those sources and approved by the Gagariya editorial team before publication. How we work.

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