अगस्त 2026 में भारत का कोयला आयात 5.83% घटा

मंत्रालय ने अगस्त के आंकड़े जारी किए
कोयला मंत्रालय ने 1 नवंबर 2026 को अगस्त महीने के कोयला आयात के आंकड़े जारी किए। आंकड़ों के मुताबिक कुल आयात एक साल पहले के 111.05 मिलियन टन से घटकर 104.57 मिलियन टन रह गया, यानी 6.48 मिलियन टन की कमी। मंत्रालय ने कहा है कि यह गिरावट घरेलू उत्पादन बढ़ने, उपलब्धता सुधरने और सप्लाई चेन मजबूत होने का नतीजा है।
कहां कितनी गिरावट आई
| श्रेणी | अगस्त 2025 | अगस्त 2026 | बदलाव |
|---|---|---|---|
| कुल आयात | 111.05 MT | 104.57 MT | -5.83% |
| पावर सेक्टर | 22.77 MT | 21.32 MT | -6.39% |
| ब्लेंडिंग (घरेलू प्लांट) | 4.64 MT | 3.00 MT | -35.23% |
| आयातित कोयला प्लांट (ICB) | 18.13 MT | 18.31 MT | +0.98% |
| कोकिंग कोल | 28.49 MT | 27.30 MT | -4.18% |
| कुल खपत में आयात की हिस्सेदारी | 21.20% | 19.30% | -1.90 पॉइंट |
| सबसे बड़ी गिरावट घरेलू कोयला प्लांटों में ब्लेंडिंग के लिए होने वाले आयात में आई, जो 35.23% घटकर 3.00 मिलियन टन रह गया। पावर सेक्टर का कुल आयात 6.39% घटकर 21.32 मिलियन टन हुआ। |
एक बारीक फर्क: कुल गिरावट, फिर भी कुछ आयात बढ़ा
हेडलाइन गिरावट के पीछे एक फर्क ध्यान देने लायक है। कुल आयात घटा है, लेकिन आयातित कोयले पर चलने वाले प्लांटों (ICB) का आयात 0.98% बढ़कर 18.31 मिलियन टन हो गया। मंत्रालय ने साफ किया है कि ये प्लांट मुख्य रूप से आयातित कोयले पर चलने के लिए बने हैं, इसलिए उनकी जरूरत अलग है। इसी तरह स्टील सेक्टर के लिए जरूरी कोकिंग कोल का आयात 4.18% घटकर 27.30 मिलियन टन हुआ, पर मंत्रालय ने यह भी कहा है कि देश के अपने कोकिंग कोल भंडार की गुणवत्ता सीमित है, इसलिए स्टील सेक्टर की इस श्रेणी में आयात जरूरत बनी रहती है। यानी निर्भरता घटी है, खत्म नहीं हुई है।
किस पर असर, आगे क्या देखना है
आम पाठक के लिए इसका सीधा मतलब यह है कि बिजली उत्पादन के लिए देशी कोयले पर भरोसा बढ़ रहा है। मंत्रालय ने कहा है कि वह First Mile Connectivity मजबूत करने, कोयला निकासी का बुनियादी ढांचा सुधारने और थर्मल प्लांटों के स्टॉक पर नजर रखने पर काम कर रहा है। रेल मंत्रालय और Coal India Limited के साथ तालमेल से बिजली कंपनियों को समय पर कोयला पहुंचाने का लक्ष्य है। आगे सितंबर 2026 के आयात आंकड़े बताएंगे कि यह गिरावट एक महीने की बात थी या रुझान बन रहा है। साथ ही थर्मल प्लांटों के कोयला स्टॉक और स्टील सेक्टर की कोकिंग कोल जरूरत पर नजर रहेगी। 📷 Illustration: AI-generated
Questions people ask
- अगस्त 2026 में भारत ने कितना कोयला आयात किया?
- 104.57 मिलियन टन, जो अगस्त 2025 के 111.05 मिलियन टन से 5.83% कम है।
- पावर सेक्टर का आयात कितना घटा?
- 6.39% घटकर 21.32 मिलियन टन रह गया, जो एक साल पहले 22.77 मिलियन टन था।
- ब्लेंडिंग के लिए आयात इतना क्यों घटा?
- मंत्रालय के मुताबिक घरेलू कोयले की उपलब्धता सुधरी है, इसलिए घरेलू प्लांटों में ब्लेंडिंग के लिए आयात 35.23% घटकर 3.00 मिलियन टन रह गया।
- क्या सारा आयात घटा है?
- नहीं। आयातित कोयले पर चलने वाले प्लांटों का आयात 0.98% बढ़कर 18.31 मिलियन टन हो गया, क्योंकि ये प्लांट मुख्य रूप से आयातित कोयले पर चलने के लिए बने हैं।
- कोकिंग कोल का क्या हाल है?
- कोकिंग कोल का आयात 4.18% घटकर 27.30 मिलियन टन हुआ, पर मंत्रालय ने कहा है कि देशी भंडार की गुणवत्ता सीमित होने से स्टील सेक्टर में इसकी आयात जरूरत बनी रहती है।
Sources
- PIB release via Technology For You (technologyforyou.org)
- BizzBuzz report on the ministry figures (bizzbuzz.news)
- TradingView summary of the ministry release (tradingview.com)
Editorial Note: This explainer was researched using verified primary sources and official notifications, then independently fact-checked, reviewed, and finalized under human editorial guidance by the Gagariya desk.
This story is informational only and is not financial advice. Decisions about money belong with a registered adviser — the sources above are a good place to start reading.
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