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वाराणसी में Arvind की ₹150 करोड़ गारमेंट यूनिट शुरू

By Gagariya Editorial Desk•25 Oct 2026 IST•5 min read•Human Reviewed & Fact-Checked
वाराणसी में Arvind की ₹150 करोड़ गारमेंट यूनिट शुरू
Photo: Own or licensed by the publisher

25 अक्टूबर की दोपहर वाराणसी के मीरजामुराद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने Arvind Limited की नई गारमेंट फैक्ट्री का फीता काटा और फैक्ट्री के अंदर जाकर उत्पादन का काम देखा। इस दौरान उन्होंने वहां काम कर रही करीब 300 महिलाओं से बातचीत भी की। उद्घाटन के समय उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद थे।

gagariya ने 24 अक्टूबर को इस दौरे की पूर्व-सूचना दी थी। अब दौरा हो चुका है, और फैक्ट्री के आंकड़े सामने आ गए हैं।

फैक्ट्री में क्या-क्या है

कंपनी ने शेयर बाजारों को दी सूचना में कहा है कि यह उसकी पहली बड़ी मैन्युफैक्चरिंग इकाई है जो पूर्वांचल में लगी है। अहमदाबाद की Arvind Limited टेक्सटाइल से रिटेल तक के कारोबार में है।

तथ्य आंकड़ा
निवेश लगभग ₹150 करोड़
जमीन 5.5 एकड़ (कंपनी की सूचना के अनुसार)
निर्मित क्षेत्र लगभग 65,000 वर्ग फुट
उत्पाद निटवियर — अंडरगारमेंट्स, टी-शर्ट, शॉर्ट्स, लोअर
रोजगार की उम्मीद 1,000 से अधिक लोग
राजस्व की संभावना ₹250 करोड़ (कंपनी का अनुमान)

फैक्ट्री में ऑटोमेटेड उत्पादन प्रणाली लगाई गई है। कंपनी ने कामगारों के लिए परिसर में ही हॉस्टल भी बनाए हैं और काम बढ़ने पर आवासीय सुविधा बढ़ाने की योजना बताई है।

एक मतभेद: फैक्ट्री कितने एकड़ में है

फैक्ट्री के आकार को लेकर आंकड़े एक जैसे नहीं हैं। कंपनी की शेयर बाजारों को दी सूचना में जमीन 5.5 एकड़ बताई गई है। कुछ खबरों में इसे करीब 7 एकड़ बताया गया है, और स्थानीय रिपोर्टों के हवाले से 7-8 एकड़ का आंकड़ा भी सामने आया है। किसी एक आंकड़े को अंतिम नहीं माना जा रहा है। निवेश का आंकड़ा भी कुछ स्थानीय रिपोर्टों में ₹100 करोड़ से ₹150 करोड़ के दायरे में बताया गया है, जबकि कंपनी की सूचना और समाचार एजेंसी की खबर में ₹150 करोड़ दर्ज है।

पूर्वांचल के लिए इसका मतलब क्या है

वाराणसी की पहचान सदियों से हथकरघा और बनारसी सिल्क से रही है। यह फैक्ट्री उस पहचान के साथ एक नई परत जोड़ती है — संगठित क्षेत्र में बना निटवियर, जो सीधे वैश्विक बाजार के लिए तैयार होगा। कंपनी का कहना है कि हाल में हुए मुक्त व्यापार समझौतों (FTA) से यूरोप और ब्रिटेन के बाजारों तक पहुंच आसान हुई है, और यह फैक्ट्री उसी दिशा में लगाई गई है।

पहले पूर्वांचल के गारमेंट कारोबार को दूसरे औद्योगिक केंद्रों पर निर्भर रहना पड़ता था। अब जिले में ही एक बड़ी संगठित इकाई खुलने से स्थानीय आपूर्ति श्रृंखला, परिवहन और सहायक सेवाओं को भी काम मिलने की उम्मीद है। केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह ने उद्घाटन का स्वागत करते हुए कहा कि इससे स्थानीय महिलाओं को रोजगार मिलेगा और उनकी आर्थिक भागीदारी को गति मिलेगी।

किसे क्या मिलेगा, क्या करना होगा

  • नौकरी खोज रहे स्थानीय युवाओं और महिलाओं के लिए: 1,000 से अधिक नौकरियों की उम्मीद जताई गई है, जिनमें महिलाओं की बड़ी हिस्सेदारी होगी। परिसर में हॉस्टल भी हैं।
  • सावधानी की बात: अभी तक इस फैक्ट्री के लिए कोई भर्ती सूचना, आवेदन लिंक या भर्ती कैलेंडर सार्वजनिक नहीं हुआ है। फैक्ट्री का उद्घाटन और भर्ती की घोषणा दो अलग बातें हैं। कोई भी व्यक्ति नौकरी के नाम पर दस्तावेज या पैसे मांगे तो पहले कंपनी की ओर से जारी भर्ती सूचना देखें।
  • स्थानीय कारोबारियों के लिए: कपड़े की आपूर्ति, पैकेजिंग, परिवहन और लॉजिस्टिक्स से जुड़े छोटे कारोबारों को सहायक काम मिलने की संभावना है।
  • निर्यात से जुड़े कारोबारियों के लिए: यूरोप और ब्रिटेन के बाजारों में भारतीय निटवियर की पहुंच इस फैक्ट्री से बढ़ सकती है, लेकिन इसके लिए असली निर्यात ऑर्डर का इंतजार करना होगा।

उसी दिन वाराणसी में और क्या हुआ

फैक्ट्री के उद्घाटन के बाद प्रधानमंत्री नमो घाट पर भारतीय वायुसेना के हवाई प्रदर्शन 'Wings Over Ganges' में शामिल हुए। यह प्रदर्शन वायुसेना की 94वीं वर्षगांठ के मौके पर दो दिन तक चलने वाले एयर फोर्स डे एरियल डिस्प्ले-2026 का हिस्सा है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी इस कार्यक्रम में मौजूद रहे। घाटों पर बड़ी संख्या में लोग हवाई करतब देखने पहुंचे थे।

आगे क्या होगा

अब नजर तीन बातों पर रहेगी। पहली, कंपनी कब और कितने पदों के लिए भर्ती की औपचारिक सूचना जारी करती है। दूसरी, फैक्ट्री का उत्पादन कब पूरी क्षमता पर पहुंचता है और ₹250 करोड़ की राजस्व संभावना हकीकत में कितनी बदलती है। तीसरी, यूरोप और ब्रिटेन के बाजारों से मिलने वाले पहले निर्यात ऑर्डर। इन तीनों का जवाब आने वाले महीनों में मिलेगा, और वही बताएगा कि यह उद्घाटन पूर्वांचल के लिए कितना बड़ा मोड़ साबित होता है।

📷 Illustration: AI-generated

Questions people ask

वाराणसी में कौन सी फैक्ट्री शुरू हुई है?
Arvind Limited की नई गारमेंट फैक्ट्री, जो मीरजामुराद में लगी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 अक्टूबर 2026 को इसका उद्घाटन किया।
इस फैक्ट्री में कितना निवेश हुआ है?
कंपनी के अनुसार लगभग ₹150 करोड़ का निवेश हुआ है। फैक्ट्री 65,000 वर्ग फुट निर्मित क्षेत्र में फैली है और इसमें ऑटोमेटेड उत्पादन प्रणाली लगी है।
कितनी नौकरियां मिलेंगी?
कंपनी के अनुसार 1,000 से अधिक लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं होंगी। परिसर में कामगारों के लिए हॉस्टल भी बनाए गए हैं।
इस फैक्ट्री में क्या बनेगा?
जरूरी निटवियर उत्पाद — अंडरगारमेंट्स, टी-शर्ट, शॉर्ट्स और लोअर। कंपनी का लक्ष्य इन्हें यूरोप और ब्रिटेन जैसे वैश्विक बाजारों तक पहुंचाना है।
इस फैक्ट्री में नौकरी के लिए आवेदन कैसे करें?
अभी तक कोई भर्ती सूचना या आवेदन लिंक सार्वजनिक नहीं हुआ है। कंपनी की ओर से जारी भर्ती सूचना का इंतजार करें। नौकरी के नाम पर पैसे या दस्तावेज मांगने वाले किसी बिचौलिए पर भरोसा न करें।

Sources

  1. ANI via LatestLY — PM Modi inaugurates Arvind facility in Varanasi (latestly.com)
  2. Kalkine — Arvind's stock-exchange filing on the Varanasi plant (kalkine.co.in)
  3. ScanX — Arvind inaugurates ₹150 crore Varanasi facility (scanx.trade)
  4. NewKerala — PM Modi inaugurates Arvind textile unit, attends IAF show (newkerala.com)
  5. The Freedom Press — PM Modi witnesses IAF air show, inaugurates garment facility (thefreedompress.in)
  6. Nation Press — Giriraj Singh hails Varanasi garment unit launch (nationpress.com)

Editorial Note: This explainer was researched using verified primary sources and official notifications, then independently fact-checked, reviewed, and finalized under human editorial guidance by the Gagariya desk.

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