खरगे से माफी की मांग, BJP का देशभर में विरोध

बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में सोमवार को पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे भाजपा नेताओं को हिरासत में ले लिया। हिरासत में लिए गए नेताओं में कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक और पूर्व उपमुख्यमंत्री सी. एन. अश्वथ नारायण भी शामिल थे। ये नेता कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की एक टिप्पणी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे।
पटना में क्या कहा गया था
25 अक्टूबर को पटना में बिहार के पहले मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण सिंह की जयंती के कार्यक्रम में खरगे बोल रहे थे। इस दौरान श्रोताओं में से एक व्यक्ति ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहीं नहीं जाएंगे। जवाब में खरगे ने कहा, 'मोदी का बाप भी जाएगा।' रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने यह बात कई बार दोहराई। भाजपा ने इस टिप्पणी को प्रधानमंत्री के दिवंगत पिता पर निजी हमला बताया और इसे अशोभनीय कहा।
विरोध कहाँ-कहाँ हुआ
26 अक्टूबर को भाजपा ने दिल्ली, पटना, जम्मू, कोलकाता, बेंगलुरु और तेलंगाना के एमजे मार्केट समेत कई जगहों पर प्रदर्शन किए। दिल्ली में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने खरगे के आवास के बाहर प्रदर्शन किया। बिहार में भाजपा कार्यकर्ताओं ने मार्च निकाला और खरगे का पुतला जलाया। कोलकाता में कार्यकर्ताओं ने पुतला लेकर मार्च किया, जम्मू में खरगे के पोस्टर जलाए गए।
दोनों पक्षों का अपना-अपना पक्ष
भाजपा की मांग साफ है — खरगे बिना शर्त सार्वजनिक माफी मांगें और अपनी टिप्पणी वापस लें। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने टिप्पणी की निंदा की। दूसरी ओर कांग्रेस नेताओं ने टिप्पणी का बचाव किया है। कर्नाटक के मंत्री प्रियंक खरगे ने इसे गैर-मुद्दा बताया, जबकि सांसद इमरान मसूद ने इसे श्रोता की टिप्पणी पर दिया गया तत्काल जवाब बताया। अब तक खरगे की ओर से माफी नहीं आई है।
घटनाक्रम
- 25 अक्टूबर: पटना में श्रीकृष्ण सिंह जयंती कार्यक्रम के दौरान खरगे की टिप्पणी।
- 25 अक्टूबर की शाम: भाजपा ने सोमवार को सभी प्रदेश मुख्यालयों पर प्रदर्शन की घोषणा की।
- 26 अक्टूबर: देशभर में प्रदर्शन; बेंगलुरु में नेताओं को हिरासत में लिया गया।
SIR, यानी मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण, वह मुद्दा था जिस पर खरगे पटना में बोल रहे थे।
इस मामले में अगला मोड़ तब आएगा जब खरगे या कांग्रेस की ओर से कोई औपचारिक बयान आएगा, या भाजपा अपने विरोध का अगला कदम घोषित करेगी।
📷 फोटो: मल्लिकार्जुन खरगे (फाइल फोटो), Ministry of Labour and Employment, Government of India, Wikimedia Commons (GODL-India)
Questions people ask
- खरगे ने पटना में क्या कहा था?
- 25 अक्टूबर को पटना में श्रीकृष्ण सिंह जयंती कार्यक्रम के दौरान, एक श्रोता के यह कहने पर कि प्रधानमंत्री मोदी कहीं नहीं जाएंगे, खरगे ने जवाब दिया, 'मोदी का बाप भी जाएगा।'
- भाजपा क्या मांग कर रही है?
- भाजपा मांग कर रही है कि खरगे बिना शर्त सार्वजनिक माफी मांगें और अपनी टिप्पणी वापस लें।
- विरोध कहाँ-कहाँ हुए?
- 26 अक्टूबर को दिल्ली, पटना, जम्मू, कोलकाता, बेंगलुरु और तेलंगाना के एमजे मार्केट में प्रदर्शन हुए; दिल्ली में खरगे के आवास के बाहर प्रदर्शन किया गया।
- बेंगलुरु में क्या हुआ?
- फ्रीडम पार्क में प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने आर. अशोक और सी. एन. अश्वथ नारायण समेत कई भाजपा नेताओं को हिरासत में लिया।
- कांग्रेस का पक्ष क्या है?
- कांग्रेस नेताओं ने टिप्पणी का बचाव किया है; प्रियंक खरगे ने इसे गैर-मुद्दा बताया और इमरान मसूद ने इसे श्रोता की टिप्पणी पर दिया गया तत्काल जवाब बताया। अब तक खरगे की ओर से माफी नहीं आई है।
Sources
- PTI via The Hindu BusinessLine (thehindubusinessline.com)
- Nation Press — BJP protests nationwide (nationpress.com)
- Nation Press — Karnataka BJP protest (nationpress.com)
- 7Globe — protests across states (7globe.in)
Editorial Note: This explainer was researched using verified primary sources and official notifications, then independently fact-checked, reviewed, and finalized under human editorial guidance by the Gagariya desk.
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