गुजरात के 4 जिलों में सूखा घोषित, किसानों को राहत पैकेज

26 अक्टूबर 2026 को गांधीनगर में हुई उच्च स्तरीय बैठक के बाद गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कच्छ, जामनगर, देवभूमि द्वारका और पोरबंदर को सूखा प्रभावित घोषित कर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में औसतन 89 प्रतिशत बारिश होने के बावजूद इन चार जिलों में बारिश पर्याप्त नहीं रही। इसी वजह से सरकार ने इन जिलों के लिए राहत उपायों की घोषणा की है।
सूखा क्यों घोषित हुआ
राज्य के आंकड़े और इन चार जिलों की स्थिति के बीच का अंतर ही इस फैसले की वजह है। गुजरात सरकार ने कहा कि राज्य में 26 अक्टूबर तक 810 मिलीमीटर बारिश हुई है, जबकि पिछले साल इसी तारीख तक 996 मिलीमीटर बारिश हुई थी। यानी इस साल अब तक पिछले साल की तुलना में 19 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। राज्य का औसत 89 प्रतिशत दिखता है, लेकिन यह औसत उन जिलों की कमी को छिपा देता है जहां बारिश कम हुई। सूखा घोषित होने का मतलब यह है कि अब इन चार जिलों में राहत के नियम लागू होंगे, जो सामान्य स्थिति में लागू नहीं होते।
किसे क्या मिलेगा
| किसके लिए | क्या मिलेगा |
|---|---|
| किसान | SDRF से प्रति हेक्टेयर ₹8,500, अधिकतम 2 हेक्टेयर तक |
| पशुपालक | राहत शिविर में प्रति पशु प्रतिदिन ₹80, दो महीने तक |
| ग्रामीण मजदूर | 1 नवंबर से VB-G RAM G के तहत 150 दिन का रोजगार |
| चारा | ₹2 प्रति किलो की दर से रियायती चारा |
रकम को एक उदाहरण से समझें। अगर किसी किसान की 1 हेक्टेयर फसल प्रभावित हुई है, तो उसे ₹8,500 मिलेंगे। अगर प्रभावित क्षेत्र 2 हेक्टेयर है, तो रकम ₹17,000 हो जाएगी, क्योंकि 8,500 को 2 से गुणा करने पर 17,000 आता है। 2 हेक्टेयर से ज्यादा क्षेत्र पर भी अधिकतम सीमा 2 हेक्टेयर ही रहेगी। इसी तरह, राहत शिविर में रखे गए एक पशु के लिए दो महीने में ₹4,800 बनते हैं, क्योंकि ₹80 प्रतिदिन को 60 दिन से गुणा करने पर ₹4,800 आता है। यह गणना दो महीने को 60 दिन मानकर की गई है।
पशुपालन और चारा
पशुपालकों के लिए चारे की व्यवस्था जून-जुलाई 2026 से ही चल रही है। गुजरात सरकार ने कहा कि अब तक 1.21 करोड़ किलो रियायती चारा बांटा जा चुका है, और अभी 3 करोड़ किलो का स्टॉक उपलब्ध है। जरूरत पड़ने पर और चारा भी उपलब्ध कराया जाएगा। इसका मतलब यह है कि जिन किसानों के पास अपने पशुओं के लिए चारा नहीं है, उन्हें ₹2 प्रति किलो की दर से चारा मिल रहा है। राहत शिविरों में रखे गए पशुओं के लिए अलग से प्रतिदिन ₹80 की सहायता भी तय की गई है।
पानी की स्थिति
पानी को लेकर सरकार ने कहा कि राज्य के 206 प्रमुख बांधों में 66 प्रतिशत भंडारण है। रबी सीजन में 76 बांधों के कमांड क्षेत्र में सिंचाई का पानी देने की योजना है। उत्तर गुजरात के 11, मध्य गुजरात के 12, दक्षिण गुजरात के 9, सौराष्ट्र के 39 और कच्छ के 5 बांधों से 1 से 4 चक्रों में सिंचाई होगी, जो उपलब्धता पर निर्भर करेगी। सौराष्ट्र के बांधों में शेत्रुंजी, ब्राह्मणी और मच्छू शामिल हैं। पीने के पानी का भंडार 30 जून 2027 तक बनाए रखने की योजना है।
पृष्ठभूमि
पृष्ठभूमि के तौर पर, 22 अक्टूबर 2026 को कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने सौराष्ट्र के लिए सूखा घोषित करने की मांग की थी। आज की घोषणा उस मांग के बाद आई है और अब यह मांग पुरानी पड़ गई है, क्योंकि सरकार ने चार जिलों के लिए सूखा घोषित कर दिया है। इस खबर में मांग के समय बताए गए जिला-वार आंकड़ों को आधिकारिक आंकड़ा नहीं माना गया है।
शब्दावली
SDRF: राज्य आपदा मोचन कोष, जिससे आपदा प्रभावित लोगों को सहायता दी जाती है। VB-G RAM G: विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड अजीविका मिशन, जिसके तहत प्रभावित जिलों में रोजगार दिया जाएगा।
आगे क्या होगा
1 नवंबर से प्रभावित जिलों में VB-G RAM G के तहत 150 दिन का रोजगार शुरू होगा। रबी सीजन में 76 बांधों के कमांड क्षेत्र में सिंचाई की योजना आगे बढ़ेगी। पीने के पानी का भंडार 30 जून 2027 तक बनाए रखना होगा, इसलिए आने वाले महीनों में पानी की उपलब्धता पर नजर रहेगी। राहत शिविरों में पशुओं के लिए दो महीने की सहायता और रियायती चारे की व्यवस्था भी इसी दौरान चलती रहेगी।
📷 Illustration: AI-generated
Questions people ask
- कौन से 4 जिले सूखा प्रभावित घोषित हुए हैं?
- कच्छ, जामनगर, देवभूमि द्वारका और पोरबंदर को 26 अक्टूबर 2026 को सूखा प्रभावित घोषित किया गया है।
- किसान को कितनी सहायता मिलेगी?
- SDRF से प्रति हेक्टेयर ₹8,500 मिलेंगे, अधिकतम 2 हेक्टेयर तक, यानी अधिकतम ₹17,000 प्रति किसान।
- पशुपालकों के लिए क्या व्यवस्था है?
- राहत शिविरों में रखे गए पशुओं के लिए प्रति पशु प्रतिदिन ₹80 की सहायता दो महीने तक मिलेगी, और ₹2 प्रति किलो की दर से रियायती चारा भी दिया जा रहा है।
- रोजगार कब से और कितने दिन मिलेगा?
- 1 नवंबर से प्रभावित जिलों में VB-G RAM G के तहत 150 दिन का रोजगार मिलेगा।
- पीने के पानी की व्यवस्था कब तक की गई है?
- पीने के पानी का भंडार 30 जून 2027 तक बनाए रखने की योजना है।
Sources
- The Hindu BusinessLine (thehindubusinessline.com)
- Nation Press (nationpress.com)
Editorial Note: This explainer was researched using verified primary sources and official notifications, then independently fact-checked, reviewed, and finalized under human editorial guidance by the Gagariya desk.
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