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सियांग बांध विरोध हिंसक, केंद्र ने 250 CRPF जवान भेजे

By Gagariya Editorial Desk•25 Oct 2026 IST•3 min read•Human Reviewed & Fact-Checked
सियांग बांध विरोध हिंसक, केंद्र ने 250 CRPF जवान भेजे
Photo: Own or licensed by the publisher

शुक्रवार 23 अक्टूबर 2026 को सियांग, अपर सियांग और पूर्वी सियांग जिलों में 12 घंटे का बंद रहा। यह बंद आदि बाने केबांग यूनाइटेड (ABKU), SUMP प्रभावित क्षेत्र युवा संघ, सियांग इंडिजिनस फार्मर्स फोरम यूथ विंग और आदि गालो वेलफेयर सोसायटी सहित संगठनों ने सियांग नदी पर प्रस्तावित 11,200 मेगावाट के सियांग अपर मल्टीपर्पज प्रोजेक्ट (SUMP) के खिलाफ बुलाया था। मांग थी कि हिरासत में लिए गए 10 प्रदर्शनकारी छोड़े जाएं और परियोजना से जुड़ी सर्वे गतिविधियां वापस ली जाएं।

पासीघाट में क्या हुआ

बंद खत्म होने के बाद शुक्रवार 23 अक्टूबर को रात करीब 11 बजे पासीघाट (पूर्वी सियांग) में हिंसा हुई। रिपोर्टों के अनुसार NHPC कार्यालय में आग लगाई गई, एक थाने में आग लगाई गई और पुलिस वाहनों को जलाया गया। पुलिस वाहनों की संख्या को लेकर रिपोर्टों में मतभेद है — एक रिपोर्ट में 7 और दूसरी में 9 वाहनों का उल्लेख है, इसलिए कोई एक संख्या अंतिम नहीं मानी जा सकती। राज्य भाजपा अध्यक्ष कलिंग मोयोंग और पासीघाट पश्चिम के विधायक निनोंग एरिंग के आवासों में तोड़फोड़ हुई, आदि बाने केबांग का कार्यालय लूटा गया, और एक रिपोर्ट में मरियांग-गेकू के विधायक ओनी पान्यांग के आवास का भी उल्लेख है।

घायल और प्रतिबंध

पासीघाट में पुलिस पर पथराव हुआ और आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया। एक रिपोर्ट के अनुसार आंसू गैस के संपर्क में आने के बाद सांस लेने में तकलीफ के कारण चार महिलाओं को अस्पताल में भर्ती कराया गया। घायलों की संख्या को लेकर भी रिपोर्टों में मतभेद है: एक रिपोर्ट में दिते-दिमे में पथराव में 4-5 कर्मियों के घायल होने का उल्लेख है, बाद की रिपोर्टों में कुल 40 से अधिक पुलिस/सुरक्षा कर्मियों के घायल होने का उल्लेख है, और शुरुआती रिपोर्टों में केवल कई घायलों का उल्लेख था। आंकड़े रिपोर्टिंग के साथ बदलते रहे, इसलिए कोई एक संख्या अंतिम नहीं है। पूर्वी सियांग के कुछ हिस्सों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू की गई। शनिवार 24 अक्टूबर को पासीघाट बंद रहा, और पूर्वी सियांग प्रशासन ने पासीघाट, मेबो और रुक्सिन में सार्वजनिक बैठकों, रैलियों और जुलूसों पर प्रतिबंध लगा दिया।

मुख्यमंत्री और केंद्र की प्रतिक्रिया

मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने 24 अक्टूबर को हिंसा की निंदा की, ABK यूथ विंग और यूथ एसोसिएशन को बातचीत के लिए आमंत्रित किया, और कहा कि प्री-फिजिबिलिटी रिपोर्ट (PFR) की प्रक्रिया पूरी होने तक वे पूरा महीना सियांग क्षेत्र को समर्पित कर रहे हैं। केंद्र की प्रतिक्रिया (25 अक्टूबर को रिपोर्ट) के अनुसार केंद्रीय गृह मंत्रालय लगभग 250 CRPF कर्मियों (दो RAF कंपनियों) को नवी मुंबई से पासीघाट तक विशेष IAF विमान से भेज रहा है, और स्थानीय पुलिस के साथ फ्लैग मार्च किए गए हैं।

परियोजना की पृष्ठभूमि और मतभेद

SUMP अभी सर्वे चरण में है। सियांग नदी तिब्बत से भारत में आती है और असम में ब्रह्मपुत्र बन जाती है। इस परियोजना को ऊपर की ओर बन रहे एक बड़े चीनी बांध के जवाब में भारत की नियोजित परियोजना के रूप में बताया जाता है, लेकिन इससे नदी किनारे आदि गांव प्रभावित होंगे। इमारतों को हुए नुकसान की सीमा का आकलन अभी किया जा रहा है (पासीघाट DSP टोनी टाटक के अनुसार)। इस बारे में भी मतभेद है: पासीघाट के एक अधिकारी ने स्क्रॉल को बताया कि इमारतें पूरी तरह नहीं जली थीं, केवल वाहन जलाए गए थे और थाने पर पत्थर फेंके गए थे — यह आग लगाने वाली रिपोर्टों से अलग है, इसलिए इसे मतभेद के रूप में ही दर्ज किया जाना चाहिए।📷 फोटो: Ishanjyotibora, Wikimedia Commons (CC BY-SA 4.0)

Questions people ask

सियांग में विरोध क्यों हो रहा है?
प्रस्तावित 11,200 मेगावाट के सियांग अपर मल्टीपर्पज प्रोजेक्ट के खिलाफ; मांग है कि 10 हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारी छोड़े जाएं और सर्वे गतिविधियां वापस ली जाएं।
पासीघाट में क्या हुआ?
23 अक्टूबर की रात बंद के बाद हिंसा भड़की; NHPC कार्यालय और थाने में आग लगाई गई, पुलिस वाहनों को जलाया गया।
केंद्र ने क्या किया है?
गृह मंत्रालय ने करीब 250 CRPF जवानों को पासीघाट भेजने का फैसला किया है।
मुख्यमंत्री का रुख क्या है?
पेमा खांडू ने हिंसा की निंदा की है और बातचीत का प्रस्ताव दिया है।

Sources

  1. VidiaNews (vidianews.com)
  2. LatestLY (latestly.com)
  3. NewsPlainly (newsplainly.com)
  4. DY365 (dy365live.com)
  5. The Daily Jagran (thedailyjagran.com)
  6. Tech Word News (techwordnews.com)

Editorial Note: This explainer was researched using verified primary sources and official notifications, then independently fact-checked, reviewed, and finalized under human editorial guidance by the Gagariya desk.

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