शाह का ऐलान: 2029 में कांग्रेस की चौथी हार

मंगलवार 13 अक्टूबर को नई दिल्ली में गृह मंत्री अमित शाह पत्रकारों के सामने आए। गुजरात के निकाय चुनावों के नतीजे उनके हाथ में थे। शाह के बताए अनुसार BJP ने तीन शहरी निकायों की 104 में से 90 सीटें जीती थीं। इन्हीं आंकड़ों को आधार बनाकर उन्होंने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर सीधा हमला बोला।
The Hindustan Times और The Hindu BusinessLine के अनुसार शाह ने कहा, "I want to tell Shri Rahul ji and his associates to prepare themselves once again for a crushing defeat in 2029. In the 2029 general elections, the NDA is going to win with a resounding majority, and the Congress is going to face defeat for the fourth consecutive time." उन्होंने आगे कहा, "The people of this country are with Narendra Modi ji, with the BJP, with the NDA. You cannot deny this truth."
यह बयान उस दिन आया जब विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के विरोध में अपना अभियान तेज कर रहा था। HT के अनुसार विपक्ष का कहना है कि SIR में गड़बड़ी के आरोप चुनाव प्रक्रिया की ईमानदारी से जुड़े हैं और वह कुमार को हटाने की मांग पर कायम है।
गुजरात के तीन निकाय, एक ही गणित
शाह ने जो आंकड़े रखे, वे तीनों खबरों (HT, BusinessLine, Free Press Journal) में एक जैसे दर्ज हैं। गांधीनगर नगर निगम में BJP ने 44 में से 38 सीटें जीतीं, कांग्रेस को 5 और एक निर्दलीय को 1 सीट मिली। यह निगम शाह के अपने लोकसभा क्षेत्र में आता है।
आम आदमी पार्टी ने गांधीनगर की सभी 32 सीटों पर चुनाव लड़ा और सभी पर उसकी ज़मानत ज़ब्त हो गई। शाह के अनुसार पिछली बार के मुकाबले गांधीनगर में BJP का वोट शेयर 10 प्रतिशत बढ़ा है।
| निकाय/मोर्चा | BJP | बाकी |
|---|---|---|
| गांधीनगर नगर निगम (कुल 44) | 38 | कांग्रेस 5, निर्दलीय 1 |
| तीनों निकाय (कुल 104) | 90 | अन्य 14 |
| AAP (32 सीटों पर लड़ी) | 0 | सभी 32 पर ज़मानत ज़ब्त |
यह तालिका शाह के बताए आंकड़ों पर आधारित है, जो तीनों खबरों में समान रूप से दर्ज हैं।
राजस्थान और त्रिपुरा के दावे
The Hindu BusinessLine के अनुसार शाह ने सिर्फ गुजरात तक अपनी बात नहीं रखी। उन्होंने राजस्थान के स्थानीय निकाय चुनावों का हवाला दिया, जहां उनके अनुसार BJP ने 90 प्रतिशत नगर निगम, 66 प्रतिशत नगर परिषद और 65 प्रतिशत नगर पालिकाएं जीतीं। त्रिपुरा के ग्रामीण और स्थानीय चुनावों में भी जीत का हवाला दिया गया। यह दावा अकेले BusinessLine की खबर में दर्ज है।
उपचुनावों को लेकर शाह ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और पुदुचेरी में हुए उपचुनावों में कांग्रेस एक भी सीट नहीं जीत सकी। BusinessLine की खबर के अनुसार उन्होंने रेजीनगर में तृणमूल कांग्रेस को 75 हजार से ज्यादा वोटों से हराने और पुदुचेरी में NDA की सहयोगी ऑल इंडिया NR कांग्रेस की 8,482 वोटों की जीत का जिक्र किया। कांग्रेस का वोट शेयर 22 प्रतिशत रहा, ऐसा शाह ने कहा। ये ब्यौरे अकेले BusinessLine में हैं।
41 साल वाला दावा
शाह का सबसे तीखा निशाना गुजरात को लेकर था। Free Press Journal के अनुसार उन्होंने कहा, "the Congress party has not won a single election in 41 years. The last election they won was back in 1985; since then, they have faced continuous defeats in Gujarat." BusinessLine में भी यही दावा दर्ज है कि 1985 के बाद से कांग्रेस ने गुजरात में कोई चुनाव नहीं जीता और पिछले 41 सालों में लगातार हार मिली।
यह बयान शाह का अपना दावा है। खबरों में इसका स्वतंत्र तथ्य-परीक्षण नहीं है, इसलिए इसे उनके बयान के रूप में ही पढ़ा जाना चाहिए। शाह ने कहा कि चार दशक सत्ता में रहने के बाद भी गुजरात में BJP के खिलाफ सत्ता-विरोधी लहर नहीं उठी और यही कांग्रेस के नेतृत्व के लिए सोचने का विषय होना चाहिए।
SIR पर सबसे तीखा वार
SIR को लेकर शाह ने राहुल गांधी से सीधा सवाल पूछा। BusinessLine के अनुसार उनके शब्द थे, "I want to ask Shri Rahul Gandhi ji directly: Is this the result of the SIR? The SIR started only after 2024." उनका तर्क था कि कांग्रेस की चुनावी हार SIR से बहुत पहले शुरू हुई थी, इसलिए हर हार के लिए पुनरीक्षण प्रक्रिया को दोष देना ठीक नहीं।
इसके बाद उन्होंने एक गंभीर आरोप लगाया। HT और Free Press Journal के अनुसार शाह ने कहा कि SIR के विरोध के पीछे घुसपैठियों को बचाने का "एक्शन प्लान" है। उन्होंने राहुल गांधी पर "नकारात्मक राजनीति" करने का आरोप लगाया और कहा कि गढ़े हुए मीडिया इवेंट और झूठ की गूंज से लोगों का भरोसा नहीं जीता जा सकता।
आत्मचिंतन वाली लाइन HT में इस तरह दर्ज है। शाह ने कहा कि राहुल गांधी को चुनाव नतीजों से सीखकर आत्मचिंतन करना चाहिए। हर हार पर चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाने के बजाय कांग्रेस को लोगों के बीच अपनी स्वीकार्यता पर विचार करना चाहिए।
उसी दिन की दूसरी तस्वीर: राहुल गांधी की चाय बैठक
जिस दिन शाह यह बयान दे रहे थे, उसी दिन राहुल गांधी ने दिल्ली में 5 सुनहरी बाग रोड स्थित अपने आवास पर विपक्षी नेताओं, नागरिक समाज के कार्यकर्ताओं और छात्र नेताओं के साथ चाय पर बैठक की। HT के अनुसार इस बैठक में 12 पार्टियों के नेता शामिल थे।
राहुल गांधी ने बैठक के बाद कहा, "There are no parallel protests, but only one singular protest, and the protest has one mission: restoration of democracy in India." उनका कहना था कि देश में लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाया गया है और चुनाव व्यवस्था को नष्ट किया गया है।
HT की खबर के अनुसार विपक्ष जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल से हटाने के फैसले के खिलाफ भी लड़ेगा। सरकार ने नए प्रदर्शन स्थल के रूप में रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और पूर्वी दिल्ली के CBD मैदान तय किए हैं। विपक्ष ने कहा कि वह सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतज़ार करेगा, लेकिन जंतर-मंतर पर विकेंद्रीकृत कार्यक्रम जारी रहेंगे। बैठक में "INDIA प्लस" समूह बनाने, मॉक पार्लियामेंट करने और 24 घंटे के नोटिस पर "सरप्राइज मूवमेंट" जैसे विचार भी सामने आए। ये ब्यौरे अकेले HT की खबर में हैं।
आगे क्या
दोनों पक्ष अब अपनी-अपनी लकीर खींच चुके हैं। विपक्ष ने कहा है कि वह CEC ज्ञानेश कुमार को हटाने और SIR को रद्द करने की मांग पर कायम रहेगा। शाह ने उसी दिन साफ कर दिया कि BJP इन आंदोलनों को चुनावी असफलता का बहाना मानती है। अब विपक्ष सुप्रीम कोर्ट के रुख का इंतज़ार करेगा। उसी फैसले के बाद दिल्ली में अगली बड़ी कार्रवाई की तस्वीर बनेगी।
📷 फोटो: Captgs, Wikimedia Commons (CC BY-SA 4.0)
Questions people ask
- अमित शाह ने 2029 के चुनाव को लेकर क्या कहा?
- 13 अक्टूबर को नई दिल्ली में शाह ने कहा कि 2029 के आम चुनाव में एनडीए प्रचंड बहुमत से सत्ता में लौटेगा और कांग्रेस की लगातार चौथी हार होगी। उन्होंने राहुल गांधी और उनके सहयोगियों से इस हार के लिए पहले से तैयार रहने को कहा। यह बयान गुजरात के निकाय चुनावों में BJP की जीत के बाद आया।
- गुजरात के निकाय चुनावों में किसे कितनी सीटें मिलीं?
- शाह के बताए आंकड़ों के अनुसार BJP ने तीन शहरी निकायों की 104 में से 90 सीटें जीतीं। गांधीनगर नगर निगम में BJP को 44 में से 38, कांग्रेस को 5 और एक निर्दलीय को 1 सीट मिली। AAP ने सभी 32 सीटों पर चुनाव लड़ा और सभी पर ज़मानत ज़ब्त हो गई।
- SIR क्या है और इस पर शाह का क्या आरोप है?
- SIR यानी मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण, जिसे लेकर विपक्ष ने गड़बड़ी के आरोप लगाए हैं और CEC ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग की है। शाह का आरोप है कि SIR का विरोध घुसपैठियों को बचाने का एक्शन प्लान है। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया 2024 के बाद शुरू हुई, जबकि कांग्रेस पहले से हार रही है।
- राहुल गांधी और विपक्ष ने इस पर क्या कहा?
- राहुल गांधी ने 12 पार्टियों के नेताओं के साथ चाय बैठक के बाद कहा कि अब समानांतर आंदोलन नहीं, लोकतंत्र बहाल करने का एक ही आंदोलन है। विपक्ष जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल से हटाने के फैसले को चुनौती देगा और सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतज़ार करेगा।
- 2029 में कांग्रेस की 'चौथी हार' का मतलब क्या है?
- शाह के इस बयान का अर्थ है कि कांग्रेस 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव हारने के बाद 2029 में चौथी बार भी हारेगी। तीनों चुनावों में BJP के नेतृत्व वाली NDA सत्ता में आई थी। 2029 के चुनाव में अभी करीब तीन साल का समय बाकी है।
Sources
- Hindustan Times - Congress will face defeat in 2029: Amit Shah hits out at Rahul Gandhi (hindustantimes.com)
- The Hindu BusinessLine - Amit Shah targets Rahul Gandhi, predicts NDA victory in 2029 (thehindubusinessline.com)
- Free Press Journal - Amit Shah hits out at Rahul Gandhi after BJP's Gujarat poll win (freepressjournal.in)
Editorial Note: This explainer was researched using verified primary sources and official notifications, then independently fact-checked, reviewed, and finalized under human editorial guidance by the Gagariya desk.
Keep reading

india · 26 Oct 2026
अपर सुबनसिरी में बंद, डापोरिजो में सड़क जाम और वाहनों में आग
26 अक्टूबर को अपर सुबनसिरी में SUHEP के खिलाफ 12 घंटे का बंद; डापोरिजो में सड़क जाम और वाहनों में आग की खबरें। यह सियांग विरोध की अपडेट नहीं है।

india · 26 Oct 2026
खरगे से माफी की मांग, BJP का देशभर में विरोध
पटना की टिप्पणी पर भाजपा का देशभर में विरोध, बिना शर्त माफी की मांग; कांग्रेस ने बचाव किया।

india · 26 Oct 2026
Ladli Behna Yojana Installment: Check Status and Dates
Find out how to check your Ladli Behna Yojana installment status, eligibility criteria, and payment dates for beneficiaries in Madhya Pradesh.
The day’s verified stories, one email, 7 am IST. No noise.