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SEBI के नए Settlement नियम आज से लागू, ऑनलाइन आवेदन

By Gagariya Editorial Desk•Published 7 Nov 2026 IST•4 min read•Reviewed by the Gagariya editorial team
SEBI के नए Settlement नियम आज से लागू, ऑनलाइन आवेदन
Photo: Own or licensed by the publisher

7 नवंबर 2026 से शेयर बाज़ार के नियमन में एक बड़ा बदलाव लागू हो गया है। SEBI के नए Settlement नियम आज से प्रभावी हैं। अब जिन लोगों या कंपनियों पर प्रतिभूति कानूनों के उल्लंघन का मामला चल रहा है, वे उसे एक तय प्रक्रिया से निपटा सकेंगे, और समझौते की रकम बातचीत से नहीं, एक फॉर्मूले से तय होगी।

SEBI ने 6 नवंबर को जारी प्रेस विज्ञप्ति (PR 70/2026) में कहा कि SEBI (Settlement of Administrative and Civil Proceedings) Regulations, 2026 आज से लागू हो गए हैं। ये नियम 2018 के पुराने Settlement नियमों की जगह लेते हैं। इसके साथ SEBI ने ऑनलाइन आवेदन की सुविधा, Settlement रकम कैलकुलेटर, FAQs और एक हेल्प डेस्क भी शुरू किया है, ताकि आवेदन करना आसान हो। SEBI की वेबसाइट पर कैलकुलेटर के इस्तेमाल का एक explainer वीडियो भी दिया गया है।

पुराने नियमों से क्या बदला

बात 2018 के नियम 2026 के नियम
रकम कैसे तय होती थी बातचीत से फॉर्मूले से
आवेदन कैसे होता था कागज़ी प्रक्रिया ऑनलाइन आवेदन, कैलकुलेटर, FAQs, हेल्प डेस्क
शो-कॉज़ नोटिस के बाद आवेदन की समय-सीमा 60 दिन 90 दिन
न्यूनतम Settlement रकम तय नहीं थी पहली बार वालों के लिए ₹3 लाख, बाकी के लिए ₹7 लाख
फास्ट-ट्रैक रास्ता नहीं था दो तरह के फास्ट-ट्रैक, ₹10 लाख तक की रकम के लिए
आवेदन फीस — व्यक्ति के लिए ₹25,000, बाकी के लिए ₹35,000 (वापस नहीं होगी)

रकम कैसे तय होगी

नए नियमों में Settlement रकम एक फॉर्मूले से निकलेगी। इसमें आधार रकम के साथ कार्यवाही का चरण, नियामकीय कार्रवाई, उल्लंघन की गंभीरता, और बढ़ाने या घटाने वाले कारण शामिल होंगे। फॉर्मूला है: Settlement Amount = आधार रकम × (चरण + नियामकीय कार्रवाई + गंभीरता + बढ़ाने वाले कारण − घटाने वाले कारण)।

एक उदाहरण से समझिए। मान लीजिए फॉर्मूले से किसी मामले की Settlement रकम ₹10 लाख निकलती है। अगर वही मामला एक बार के पुराने मामलों वाले मौके (नीचे देखें) के तहत निपटाया जाए, तो 20% ज़्यादा, यानी ₹12 लाख देने होंगे। इसके ऊपर आवेदन फीस अलग से लगेगी: व्यक्ति के लिए ₹25,000 और कंपनी या अन्य आवेदक के लिए ₹35,000। यह फीस वापस नहीं होगी, चाहे आवेदन मंज़ूर हो या नहीं।

फास्ट-ट्रैक रास्ता क्या है

छोटे मामलों के लिए दो फास्ट-ट्रैक रास्ते बनाए गए हैं: उल्लंघन के आधार पर और रकम की सीमा के आधार पर। रकम की सीमा वाले रास्ते में ₹10 लाख तक की Settlement रकम वाले मामले तेज़ी से निपटाए जा सकेंगे, बशर्ते उनमें गलत तरीके से कमाए गए फायदे की वापसी या कोई सुधारात्मक शर्त शामिल न हो।

कौन इस रास्ते से बाहर है

सभी मामले Settlement से नहीं निपटाए जा सकेंगे। जानबूझकर कर्ज़ न चुकाने वाले (wilful defaulters), धोखाधड़ी करने वाले कर्ज़दार और भगोड़े आर्थिक अपराधियों से जुड़े मामले इसमें नहीं आएँगे। जिन मामलों का असर पूरे बाज़ार पर पड़ा हो, जिनमें निवेशकों को बड़ा नुकसान हुआ हो, या जिनसे बाज़ार की साख को नुकसान पहुँचा हो, वे भी बाहर रखे जा सकते हैं।

आवेदन की जाँच के लिए एक Internal Committee और एक High Powered Advisory Committee बनाई गई है। ये समितियाँ आवेदन देखकर Settlement की शर्तें सुझाएँगी, और अंतिम फैसला SEBI के Whole Time Members का पैनल लेगा।

पुराने लंबित मामलों के लिए एक बार का मौका

जिनके मामले नियम लागू होने के दिन से पहले से लंबित हैं, और जिन्होंने 2018 के नियमों के तहत आवेदन नहीं किया था, या जिनका आवेदन खारिज, वापस या लौटा दिया गया था, उनके लिए एक बार की 90 दिन की खिड़की खुली है। वे 5 फरवरी 2027 तक आवेदन कर सकते हैं, पर उन्हें तय रकम से 20% ज़्यादा देना होगा।

यह मौका उन मामलों तक भी पहुँचता है या नहीं जो SAT या सुप्रीम कोर्ट में अपील के रूप में लंबित हैं, इस पर कानूनी टिप्पणियों में मतभेद है। नियमों का शब्दार्थ इसे वहाँ तक ले जाता है, पर SEBI की बोर्ड टिप्पणी का इरादा इससे अलग बताया जाता है। यह बिंदु अभी तय नहीं है।

तारीखों पर एक मतभेद

नियमों के अधिसूचित होने की तारीख पर भी थोड़ा अंतर है, और किसी एक तारीख को अंतिम नहीं माना जा रहा। SEBI के बयान के अनुसार नियम 8 अक्टूबर 2026 को अधिसूचित हुए। कानूनी विश्लेषण में कहा गया है कि अधिसूचना 6 अक्टूबर की है और 7 अक्टूबर को सरकारी गजट में छपी थी। लागू होने की तारीख (7 नवंबर 2026) पर सभी स्रोत एकमत हैं।

आगे क्या देखना होगा

अब जिन पर शो-कॉज़ नोटिस आया है, उनके पास आवेदन के लिए 60 दिन की बजाय 90 दिन होंगे, जब तक मामला SEBI के सामने लंबित है। SAT या सुप्रीम कोर्ट में चल रहे मामलों पर यह समय-सीमा लागू नहीं होती। पुराने मामलों वालों के लिए 5 फरवरी 2027 की तारीख अहम है, इसके बाद एक बार का मौका बंद हो जाएगा। SEBI की वेबसाइट पर कैलकुलेटर, FAQs और हेल्प डेस्क से आवेदन की प्रक्रिया देखी जा सकती है।

यह खबर जानकारी के लिए है, निवेश सलाह नहीं है।

📷 Illustration: AI-generated

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Questions people ask

SEBI के नए Settlement नियम कब से लागू हुए?
7 नवंबर 2026 से। ये 2018 के पुराने नियमों की जगह लेते हैं। SEBI ने 6 नवंबर को प्रेस विज्ञप्ति PR 70/2026 में इसकी घोषणा की थी।
Settlement की रकम अब कैसे तय होगी?
बातचीत की जगह एक फॉर्मूले से। SEBI की वेबसाइट पर रकम कैलकुलेटर भी दिया गया है, जिससे आवेदक पहले से अंदाज़ा लगा सकते हैं।
आवेदन की फीस और न्यूनतम रकम कितनी है?
फीस व्यक्ति के लिए ₹25,000 और बाकी आवेदकों के लिए ₹35,000 है, और यह वापस नहीं होगी। न्यूनतम Settlement रकम पहली बार वालों के लिए ₹3 लाख और बाकी के लिए ₹7 लाख है।
मेरा पुराना मामला लंबित है, क्या मैं अब भी आवेदन कर सकता हूँ?
हाँ, एक बार के मौके के तहत 5 फरवरी 2027 तक आवेदन कर सकते हैं, पर तय रकम से 20% ज़्यादा देना होगा।
क्या सभी मामले Settlement से निपटाए जा सकते हैं?
नहीं। जानबूझकर कर्ज़ न चुकाने वालों, धोखाधड़ी करने वालों और भगोड़े आर्थिक अपराधियों के मामले बाहर हैं। बाज़ार पर बड़े असर वाले मामले भी बाहर रखे जा सकते हैं।

Sources

  1. hi INDiA (IANS) — SEBI's new settlement regulations come into force with online filing, fast-track mechanism (hiindia.com)
  2. Devdiscourse (ANI) — SEBI's new settlement regulations to come into effect from November 7 (devdiscourse.com)
  3. LegalEra — SEBI 2026 Settlement Regulations: Key Changes (legaleraonline.com)
  4. TaxGuru — SEBI Settlement Regulations 2026: New Rules, Fees, Timelines & Fast-Track Settlement (taxguru.in)
  5. Consult Guruji — SEBI's new settlement regulations take effect from 7 November (consultguruji.com)

Editorial note: This story was researched from public sources and drafted with the help of AI tools. It was then read, checked against those sources and approved by the Gagariya editorial team before publication. How we work.

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