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संजय दत्त का 'सुकून' वाला बयान, बवाल के बाद सफ़ाई

By Gagariya Editorial Desk•6 Oct 2026 IST•5 min read•Human Reviewed & Fact-Checked
संजय दत्त का 'सुकून' वाला बयान, बवाल के बाद सफ़ाई
Photo: Own or licensed by the publisher

शुक्रवार शाम शेखर सुमन के यूट्यूब टॉक शो 'शेखर टोनाइट' का गांधी जयंती स्पेशल एपिसोड प्रसारित हुआ. उसी शो में अभिनेता संजय दत्त ने कहा था कि देश की जनता बहुत प्यारी है, लेकिन उन्हें देश में अब वह सुकून महसूस नहीं होता. बयान की क्लिप सोशल मीडिया पर फैली और दो दिन बाद चार अक्टूबर की देर रात दत्त ने X पर लंबी सफ़ाई जारी की. शो के होस्ट शेखर सुमन भी उनके बचाव में उतर आए हैं.

शो में असल में क्या कहा गया

द हिंदू के मुताबिक़, शो के दौरान दत्त ने देश की मेहमाननवाज़ी की तारीफ़ की और कहा कि उनकी ख़्वाहिश देश में अमन की है. इसके बाद उन्होंने वह लाइन बोली जिसने विवाद को हवा दी: "The people of this country are so lovely. There should be peace here. I can't feel that peace in our country anymore. We Indians are large-hearted people, and we are hospitable. We have given so much, and we should always remain that way. I pray to Shivji that those days come back soon."

यही बयान तीनों प्रमुख अंग्रेज़ी अख़बारों ने हूबहू छापा है. डेक्कन हेराल्ड और इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में भी वही शब्द मिलते हैं. फर्क सिर्फ़ इतना है कि कोई इसे 'बयान' कह रहा है, कोई 'टिप्पणी' और कोई 'सवाल'. लेकिन शब्द एक हैं. बात साफ़ है कि दत्त ने यह बात शो के भीतर, हंसी-मज़ाक के माहौल में कही थी.

'मुन्ना भाई' बनकर प्रधानमंत्री

एपिसोड का दूसरा हिस्सा और भी ज़्यादा चर्चा में रहा. शो में दत्त को पांच मिनट के लिए देश का प्रधानमंत्री बनने की कल्पना करने को कहा गया. द हिंदू के मुताबिक़, उन्होंने अपने मशहूर किरदार मुन्ना भाई के अंदाज़ में करीब पांच मिनट का एक संबोधन किया, जिसमें वे काल्पनिक प्रधानमंत्री बने हुए थे.

उसी भाषण में उन्होंने गांधी जी के तीन बंदरों का ज़िक्र किया. द हिंदू के अनुसार दत्त ने कहा, "Apun Gandhi ji ko bahut maanta hai. Aur Gandhi ji ke teen bandar sabko pata hai, bura mat dekho, bura mat suno, bura mat kaho. Lekin aaj ek chautha bandar bhi mangta hai. Bura dekhega to use theek kaun karega?" यानी अगर कोई कुछ ग़लत देखे तो उसे ठीक कौन करेगा.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक़ इस काल्पनिक संबोधन में दत्त ने कहा था, "But you people don't have to worry at all. I am not going abroad to celebrate this happiness. I will stay right here, among all of you. Otherwise, how will there be a connection between the PM and the people?" ट्रिब्यून इंडिया के अनुसार उन्होंने यह भी कहा कि वे महात्मा गांधी की तस्वीरें हर जगह लगाएंगे और भाईचारा बढ़ाएंगे.

सोशल मीडिया पर क्यों भड़का मामला

बयान की क्लिप जब सोशल मीडिया पर फैली तो प्रतिक्रिया दो धड़ों में बंटी. एक तरफ़ के लोगों ने दत्त के बयान को देश के ख़िलाफ़ बताया. दूसरी तरफ़ के लोगों ने इसे अभिव्यक्ति की आज़ादी का मामला कहा. द हिंदू की रिपोर्ट कहती है कि टिप्पणी पर 'मिश्रित प्रतिक्रिया' हुई और मामला 'उग्र विवाद' में बदल गया. डेक्कन हेराल्ड ने लिखा कि बयान ने ऑनलाइन विवाद खड़ा कर दिया और सुर्ख़ियों में छा गया. इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक़ टिप्पणियां जल्द ही वायरल हो गईं और कई सोशल मीडिया यूज़र्स ने अभिनेता की आलोचना की.

दत्त पहले भी सुर्ख़ियों में रहे हैं, लेकिन इस बार विवाद की जड़ एक टॉक शो की बातचीत थी. यही वजह है कि मामले ने 'बात को संदर्भ से काटकर पेश किया गया' वाली पुरानी बहस को फिर जिंदा कर दिया.

संजय दत्त की सफ़ाई: X पर क्या लिखा

चार अक्टूबर की देर रात दत्त ने X पर अपनी बात रखी. द हिंदू के मुताबिक़, यह सफ़ाई एपिसोड के प्रसारण के दो दिन बाद आई. उन्होंने लिखा, "I would like to clarify that it was never my intention to hurt, offend, or disrespect the sentiments of any individual, community, or institution."

इसके बाद उन्होंने अपने बयान का संदर्भ समझाया. दत्त ने लिखा, "My remarks were made in the context of a scripted conversation intended to be light-hearted and humorous. The spirit behind them was similar to the humour and satire seen in films like Munna Bhai, particularly the concept of 'Gandhigiri,' which was intended to convey a message of love, warmth, togetherness, and goodwill. Unfortunately, my words were interpreted outside of that intended context."

सीधे शब्दों में कहें तो दत्त का दावा यह है कि बातचीत पहले से तय स्क्रिप्ट का हिस्सा थी और उसका मकसद हल्का-फुल्का हास्य था, न कि किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना. गांधीगिरी का ज़िक्र उन्होंने जानबूझकर किया, क्योंकि 'मुन्ना भाई' फ़िल्मों की यही पहचान रही है.

शेखर सुमन बचाव में उतरे

शो के होस्ट शेखर सुमन ने भी दत्त का बचाव किया. इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक़, सुमन ने NDTV से बातचीत में कहा, "Sanjay Dutt has huge respect for our country and fellow countrymen, and what he said was completely innocuous and in a very positive way. He should not be penalised and maligned for what he never said or meant. I know him for years; he is a good man who loves his country and has utmost regard for it."

सुमन का कहना है कि दत्त ने जो कहा, वह पूरी तरह निर्दोष और सकारात्मक अंदाज़ में था. उन्होंने यह भी जोड़ा कि वे दत्त को वर्षों से जानते हैं और वह देश से प्रेम करने वाले व्यक्ति हैं. उनका तर्क है कि अभिनेता को उस बात के लिए बदनाम नहीं किया जाना चाहिए जो उन्होंने कहा या मतलब निकाला ही नहीं.

टाइमलाइन: कब क्या हुआ

तारीख़ घटना
2 अक्टूबर 'शेखर टोनाइट' का गांधी जयंती स्पेशल एपिसोड प्रसारित; दत्त का बयान और मुन्ना भाई वाला संबोधन इसी शो का हिस्सा
2–4 अक्टूबर बयान की क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल; तीखी प्रतिक्रिया और बहस
4 अक्टूबर (देर रात) दत्त ने X पर सफ़ाई जारी की; कहा कि बातचीत स्क्रिप्टेड और हल्की-फुल्की थी
5 अक्टूबर शेखर सुमन ने NDTV से बातचीत में दत्त का बचाव किया (इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट)

आगे क्या देखना होगा

सफ़ाई के बाद भी बहस पूरी तरह ठंडी नहीं पड़ी है. अब देखना यह होगा कि क्या दत्त या उनकी टीम इस मामले पर आगे कुछ और कहती है, और क्या शो के बाकी हिस्सों की क्लिप भी इसी तरह सामने आती हैं. एक टॉक शो की स्क्रिप्टेड बातचीत कब 'बयान' बन जाती है और कब 'विवाद', इसका जवाब शायद अगली ऐसी ही घटना में फिर मिलेगा.

Questions people ask

संजय दत्त ने शो में असल में क्या कहा था?
शेखर सुमन के टॉक शो 'शेखर टोनाइट' में दत्त ने कहा था कि देश के लोग बहुत प्यारे हैं, लेकिन उन्हें देश में अब वह सुकून महसूस नहीं होता. उन्होंने भारतीयों को बड़े दिल वाला और मेहमाननवाज़ बताया. यह बयान अंग्रेज़ी में था और द हिंदू, डेक्कन हेराल्ड व इंडियन एक्सप्रेस ने इसे हूबहू छापा है.
इस बयान पर विवाद क्यों भड़का?
बयान की क्लिप सोशल मीडिया पर फैलने के बाद लोगों की प्रतिक्रिया दो धड़ों में बंट गई. कुछ लोगों ने इसे देश के ख़िलाफ़ बयान बताया, तो कुछ ने इसे अभिव्यक्ति की आज़ादी का मामला कहा. द हिंदू के मुताबिक़ इस पर मिश्रित प्रतिक्रिया हुई और मामला उग्र विवाद में बदल गया, जिसके बाद दत्त को सफ़ाई देनी पड़ी.
संजय दत्त ने अपनी सफ़ाई में क्या कहा?
चार अक्टूबर की देर रात X पर दत्त ने लिखा कि किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना उनका मकसद नहीं था. उनके मुताबिक़ बातचीत पहले से तय स्क्रिप्ट का हिस्सा थी, जिसका अंदाज़ हल्का-फुल्का था. उन्होंने कहा कि इसका भाव 'मुन्ना भाई' फ़िल्मों की गांधीगिरी वाली हास्य-शैली जैसा था और शब्दों को संदर्भ से बाहर समझा गया.
शो में 'प्रधानमंत्री' वाला हिस्सा क्या था?
शो में दत्त को पांच मिनट के लिए देश का काल्पनिक प्रधानमंत्री बनने को कहा गया. द हिंदू के मुताबिक़ उन्होंने मुन्ना भाई के अंदाज़ में संबोधन किया और गांधी जी के तीन बंदरों के बाद 'चौथे बंदर' की बात कही. इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार उन्होंने कहा कि वे खुशी मनाने विदेश नहीं जाएंगे, लोगों के बीच ही रहेंगे.

Sources

  1. The Hindu (thehindu.com)
  2. Deccan Herald (deccanherald.com)
  3. Indian Express (indianexpress.com)
  4. Tribune India (tribuneindia.com)

Editorial Note: This explainer was researched using verified primary sources and official notifications, then independently fact-checked, reviewed, and finalized under human editorial guidance by the Gagariya desk.

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