राष्ट्रपति से मिला विपक्ष: वोट-चोरी पर 4 बड़ी मांगें

बंद कमरे की बैठक, फिर बाहर आकर दावा
शुक्रवार शाम राष्ट्रपति भवन में हुई बंद कमरे की बैठक के बाद विपक्षी नेता जब पत्रकारों के सामने आए, तो "वोट चोरी" की लड़ाई दिल्ली की सड़कों से निकलकर राष्ट्रपति भवन के गलियारों तक पहुंच चुकी थी।
INDIA ब्लॉक के सांसदों का 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिला। नेतृत्व लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी कर रहे थे, उनके साथ कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे भी थे। एजेंसी ANI की रिपोर्ट के अनुसार प्रतिनिधिमंडल में तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी, NCP नेता सुप्रिया सुले, नेशनल कॉन्फ्रेंस नेता उमर अब्दुल्ला, समाजवादी पार्टी के राजीव राय, CPI(M) के एम.ए. बेबी और CPI के डी. राजा शामिल थे।
राष्ट्रपति भवन में दाखिल होने से पहले विपक्षी नेता विजय चौक और संविधान सदन के सेंट्रल हॉल में जुटे थे। द हिंदू की मॉर्निंग रिपोर्ट के अनुसार, सूत्रों के हवाले से राहुल गांधी ने वहां कहा कि सरकार "rattled" यानी बौखलाई हुई है, और अगर विपक्ष अपना अभियान जारी रखे तो सरकार अपना कार्यकाल पूरा किए बिना गिर सकती है।
ज्ञापन में चार मांगें क्या हैं
प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति को 9 अक्टूबर की तारीख वाला ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन की चार मांगें ये हैं:
| मांग | ज्ञापन में क्या लिखा है |
|---|---|
| CEC का इस्तीफा | मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें; 2023 का वह कानून रद्द हो जो CEC और चुनाव आयुक्तों को आजीवन प्रतिरक्षा देता है |
| SIR पर रोक | मतदाता सूचियों के Special Intensive Revision (SIR) पर तत्काल रोक; "अवैध रूप से हटाए गए" 13.30 करोड़ मतदाता तुरंत बहाल हों |
| बैलेट पेपर की वापसी | सभी चुनावों में पेपर बैलेट से मतदान हो |
| चुनाव निरस्त | बीते दो वर्षों के विधानसभा चुनाव, जिनमें "वोट चोरी" का निर्णायक सबूत पेश किया गया है, रद्द किए जाएं |
ज्ञापन में सीधे आरोप किस पर
ज्ञापन की भाषा बेहद तीखी है। मेमोरैंडम के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने "पूरी चुनावी व्यवस्था और लोकतांत्रिक ढांचे को विकृत कर दिया" है, और "चुनाव-दर-चुनाव बड़े पैमाने पर वोट चोरी के अकाट्य सबूत" हैं।
ज्ञापन में हरियाणा, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, दिल्ली और पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनावों का नाम लेकर कहा गया है कि ये "चुराए गए" हैं। मेमोरैंडम के अनुसार EVM और मतदाता सूचियों, दोनों में कई विधानसभा और लोकसभा चुनावों में भाजपा ने हेरफेर किया है।
यहां यह साफ करना ज़रूरी है कि ये सब ज्ञापन के दावे हैं, स्थापित तथ्य नहीं। ज्ञापन में संविधान के अनुच्छेद 326 का हवाला दिया गया है, जिसके तहत वोट का अधिकार प्रतिनिधित्वपूर्ण लोकतंत्र की नींव है। मेमोरैंडम कहता है कि चुनाव आयोग इस अधिकार का "संवैधानिक अभिरक्षक" है, "मालिक" नहीं, और उसे संविधान के प्रति जवाबदेह रहना होगा, राजनीतिक आकाओं के प्रति नहीं। ज्ञापन में यह भी लिखा है कि हस्ताक्षरकर्ता सांसद "देश की 60 प्रतिशत से अधिक आबादी" का प्रतिनिधित्व करते हैं।
राहुल गांधी: "मैं हैरान था, स्तब्ध था"
मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने पत्रकारों के सामने बैठक का अपना ब्योरा रखा। ANI की रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने कहा: "I was shocked and stunned that the President of India accepted what we said." उनका कहना था कि उन्हें उम्मीद थी राष्ट्रपति इस बात से इनकार करेंगी कि वोट चोरी हो रही है, या कहेंगी कि भारत में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावी व्यवस्था है।
गांधी ने आगे कहा: "The President in no way denied what we said, questioned what we said, or argued what we said. She accepted our statement and then told us that we needed to provide her with proof of 'election chori'." उनके अनुसार राष्ट्रपति ने सबूत मांगे, और विपक्ष का जवाब था कि वोट चोरी के सबूत "पूरे देश को पता हैं"; राज्य-दर-राज्य चुनाव चुराए गए, 2024 का चुनाव चुराया गया।
राहुल गांधी ने यह भी ऐलान किया कि विपक्ष सोमवार को सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से मिलेगा और उन्हें ज्ञापन सौंपेगा। उनके शब्दों में, विपक्ष अपने पास जुटाए गए साक्ष्य राष्ट्रपति को तब पेश करेगा "जब वह इन्हें स्वीकार करने को तैयार होंगी"।
ममता बनर्जी और खड़गे ने क्या कहा
ममता बनर्जी ने मुलाकात को सकारात्मक बताया। ANI के अनुसार उन्होंने कहा: "She said she will investigate; she will go through the details, and she needs evidence. She has asked us to send, which we said we will." यानी राष्ट्रपति ने मामले की जांच का भरोसा दिया है, ब्योरे को देखेंगी और उन्हें सबूत चाहिए, जो भेजे जाएंगे।
मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति को चार दिन पहले शुरू हुए आंदोलन की जानकारी देने गया था और उसने अपना पूरा पक्ष रखा। ANI की रिपोर्ट के अनुसार खड़गे ने कहा कि उन्होंने EVM हटाकर बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग रखी। राष्ट्रपति ने ध्यान से सुना और कहा कि वह मामले की गहराई से जांच करेंगी, संबंधित पक्षों से सलाह लेंगी और सही रास्ता तय करेंगी। साक्ष्य संकलित किए जा रहे हैं और मांगे गए सबूत भेजे जाएंगे।
BJP का पलटवार: "झूठ"
राहुल गांधी के दावे पर BJP ने उसी रात तीखा पलटवार किया। पार्टी प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि गांधी राष्ट्रपति मुर्मू की प्रतिक्रिया के बारे में झूठ बोल रहे हैं। पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार त्रिवेदी ने राहुल गांधी की टिप्पणी को "unfortunate and bizarre" यानी दुर्भाग्यपूर्ण और विचित्र बताया, और आरोप लगाया कि वह संवैधानिक संस्थाओं को बार-बार राजनीतिक विवादों में घसीट रहे हैं।
त्रिवेदी ने यह भी कहा कि गांधी के साथ खड़े नेताओं की बॉडी लैंग्वेज से उनके दावे पर सवाल उठते हैं, और बैठक का असली ब्योरा INDIA ब्लॉक के बाहर किसी को स्पष्ट करना चाहिए।
दोनों पक्षों के दावे सीधे एक-दूसरे से टकरा रहे हैं। राष्ट्रपति भवन की ओर से इस मुलाकात पर कोई आधिकारिक बयान उपलब्ध सूत्रों में सामने नहीं आया है, इसलिए राष्ट्रपति की असल प्रतिक्रिया क्या थी, इसकी पुष्टि किसी स्वतंत्र स्रोत से नहीं हो पाई है।
आगे क्या
सबसे नज़दीकी तारीख सोमवार है। पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार विपक्षी नेता सोमवार को मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपेंगे।
साथ ही, राहुल गांधी और खड़गे के अनुसार, वोट चोरी के जो साक्ष्य विपक्ष ने जुटाने का दावा किया है, वे राष्ट्रपति को तब भेजे जाएंगे जब वह इन्हें स्वीकार करने को तैयार होंगी।
इस मुलाकात की पृष्ठभूमि में शनिवार को दिल्ली में जंतर-मंतर प्रदर्शन को लेकर कड़ी सुरक्षा रही। उस पर विस्तृत खबर आज सुबह के अंक में पढ़ी जा सकती है।
📷 फोटो: Indian National Congress, Wikimedia Commons (CC BY-SA 3.0)
Questions people ask
- INDIA ब्लॉक ने राष्ट्रपति से क्या मांगा?
- ज्ञापन में चार मांगें हैं: चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा और CEC को प्रतिरक्षा देने वाले 2023 के कानून की निरस्ती; मतदाता सूची के SIR पर रोक और 13.30 करोड़ हटाए गए मतदाताओं की बहाली; सभी चुनावों में बैलेट पेपर की वापसी; बीते दो वर्षों के विधानसभा चुनावों का निरस्तीकरण, जिनमें वोट चोरी के निर्णायक सबूत का दावा है।
- राहुल गांधी ने राष्ट्रपति की प्रतिक्रिया पर क्या दावा किया?
- राहुल गांधी ने कहा कि उन्हें उम्मीद थी राष्ट्रपति वोट चोरी के आरोपों से इनकार करेंगी, लेकिन वह 'हैरान और स्तब्ध' थे कि उन्होंने बात स्वीकार की और सिर्फ़ सबूत मांगे। गांधी का कहना है कि सबूत पूरे देश को पता हैं और राष्ट्रपति के तैयार होने पर पेश किए जाएंगे।
- BJP ने इस पर क्या प्रतिक्रिया दी?
- BJP प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि राहुल गांधी राष्ट्रपति मुर्मू की प्रतिक्रिया के बारे में झूठ बोल रहे हैं और उनकी टिप्पणी 'दुर्भाग्यपूर्ण और विचित्र' है। त्रिवेदी का आरोप है कि गांधी संवैधानिक संस्थाओं को बार-बार राजनीतिक विवादों में घसीट रहे हैं; उनके अनुसार बैठक का असली ब्योरा INDIA ब्लॉक के बाहर किसी को स्पष्ट करना चाहिए।
- क्या राष्ट्रपति सच में चुनाव रद्द कर सकती हैं?
- ज्ञापन में राष्ट्रपति से उनके 'गुड ऑफिसेज़' के इस्तेमाल की अपील की गई है, यानी नैतिक-संवैधानिक दबाव। संसदीय व्यवस्था में राष्ट्रपति आमतौर पर मंत्रिपरिषद की सलाह पर काम करती हैं, इसलिए चुनाव निरस्त करने का सीधा रास्ता सुप्रीम कोर्ट के ज़रिए ही दिखता है; यही वजह है कि विपक्ष सोमवार को मुख्य न्यायाधीश से मिलने जा रहा है।
- आगे क्या होगा?
- सबसे नज़दीक सोमवार है, जब विपक्षी नेता सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को ज्ञापन सौंपेंगे। जो साक्ष्य विपक्ष ने जुटाए हैं, वे राष्ट्रपति को भेजे जाएंगे। राष्ट्रपति भवन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया उपलब्ध सूत्रों में सामने नहीं आई है, और उनका रुख क्या होता है, यह देखना बाकी है।
Sources
- Rahul Gandhi-led INDIA Bloc MPs Submit Memo To President: Know What Are Opposition's Four Demands — Times Now (timesnownews.com)
- INDIA bloc demands CEC Gyanesh Kumar's resignation, return to ballot papers — ANI via Lokmat Times (lokmattimes.com)
- BJP accuses Rahul Gandhi of lying over President Murmu's response to 'vote chori' allegations — Mathrubhumi (PTI inputs) (english.mathrubhumi.com)
Editorial Note: This explainer was researched using verified primary sources and official notifications, then independently fact-checked, reviewed, and finalized under human editorial guidance by the Gagariya desk.
Keep reading

india · 26 Oct 2026
अपर सुबनसिरी में बंद, डापोरिजो में सड़क जाम और वाहनों में आग
26 अक्टूबर को अपर सुबनसिरी में SUHEP के खिलाफ 12 घंटे का बंद; डापोरिजो में सड़क जाम और वाहनों में आग की खबरें। यह सियांग विरोध की अपडेट नहीं है।

india · 26 Oct 2026
खरगे से माफी की मांग, BJP का देशभर में विरोध
पटना की टिप्पणी पर भाजपा का देशभर में विरोध, बिना शर्त माफी की मांग; कांग्रेस ने बचाव किया।

india · 26 Oct 2026
Ladli Behna Yojana Installment: Check Status and Dates
Find out how to check your Ladli Behna Yojana installment status, eligibility criteria, and payment dates for beneficiaries in Madhya Pradesh.
The day’s verified stories, one email, 7 am IST. No noise.