राहुल का 'चलो दिल्ली' मार्च, CJI ने मिलने से किया इनकार

दोपहर 1:30, कनॉट प्लेस: सड़क पर उतरा विपक्ष
कनॉट प्लेस की भीड़ सोमवार दोपहर सड़क पर उतर आई। राहुल गांधी सबसे आगे थे। उनके साथ कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और इंडिया गठबंधन के नेता चल रहे थे। काफिला सुप्रीम कोर्ट की तरफ बढ़ रहा था।
फ्री प्रेस जर्नल के लाइव अपडेट के मुताबिक दोपहर बाद भी मार्च जारी था। कॉन्स्टीट्यूशन क्लब के आसपास पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स की भारी तैनाती थी। पुलिस का कहना था कि बैरिकेड तोड़ने या निर्देश न मानने पर हिरासत हो सकती है। कनॉट प्लेस पर भी बैरिकेड लगे थे और जवान तैनात थे।
मार्च का नाम 'चलो दिल्ली' (मार्च फॉर डेमोक्रेसी) रखा गया है। विपक्ष का कहना है कि यह मार्च चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और कथित 'वोट चोरी' के मसले पर है। नेताओं की योजना मुख्य न्यायाधीश से मिलकर ज्ञापन सौंपने की थी।
मुलाकात से इनकार, पर 'दरवाज़ा खुला'
मुलाकात नहीं हो पाई। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने विपक्षी नेताओं के मिलने के अनुरोध को ठुकरा दिया। न्यूज18 के मुताबिक ईमेल से भेजे गए जवाब में इनकार के कारण बताए गए थे। दलील यह थी कि मामला पहले से अदालत में लंबित है। ऐसे में प्रशासनिक मुलाकात की जगह याचिका दायर करना सही रास्ता होगा।
राहुल गांधी और खड़गे की योजना मुख्य न्यायाधीश को ज्ञापन सौंपने की थी। ज्ञापन में कथित 'वोट चोरी', SIR में अनियमितता और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफ़े की मांग शामिल थी।
सोमवार को खुद CJI ने इस पर सफाई दी। फ्री प्रेस जर्नल के मुताबिक उन्होंने कहा कि रविवार को मिला पत्र उसी रात लौटा दिया गया था। उन्होंने कहा, "The Supreme Court's doors are open to everyone." यानी मुलाकात नहीं, याचिका हां। आम नागरिक हो या चुना हुआ प्रतिनिधि, कोई भी अदालत का दरवाजा खटखटा सकता है।
याद रहे, 9 अक्टूबर को यही विपक्ष राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को ज्ञापन सौंप चुका है। तब भी मांगें चुनाव प्रक्रिया को लेकर ही थीं।
छह मेट्रो स्टेशन बंद, जंतर-मंतर अब प्रदर्शन स्थल नहीं
मार्च को देखते हुए दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने छह स्टेशनों पर प्रवेश-निकास बंद रखा। समय तय था: सुबह 6 बजे से शाम 4 बजे तक। स्टेशन थे: पटेल चौक, जनपथ, राजीव चौक, मंडी हाउस, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट और बाराखंबा रोड। DMRC ने कहा कि इन स्टेशनों पर इंटरचेंज की सुविधा चलती रहेगी।
दूसरी बड़ी खबर जंतर-मंतर को लेकर आई। दिल्ली पुलिस ने 11 अक्टूबर के स्थायी आदेश से जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल के तौर पर डी-नोटिफाई कर दिया। आदेश पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार ने जारी किया। वैकल्पिक जगहें तय की गई हैं: रामलीला ग्राउंड, बुरारी ग्राउंड और पूर्वी दिल्ली का CBD ग्राउंड। इन जगहों पर प्रदर्शन का संशोधित SOP अलग से जारी होगा।
सपा प्रमुख अखिलेश यादव सोमवार को दिल्ली पहुंचे। उन्होंने कहा, प्रदर्शन जहां होगा, वही जगह जंतर-मंतर बन जाएगी।
शनिवार के हंगामे से सोमवार तक
इस मार्च की जड़ शनिवार (10 अक्टूबर) के हंगामे में है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और विपक्षी दलों के प्रदर्शन के दौरान दिल्ली में बड़े पैमाने पर हिरासत हुई। न्यूज18 के मुताबिक खबरों में करीब 7,000 प्रदर्शनकारियों की हिरासत की बात आई। सटीक संख्या पर रिपोर्टें अलग-अलग हैं। हिरासत में लिए गए सभी लोगों को बाद में छोड़ दिया गया।
हिरासत में लिए गए लोगों में आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, CPI(M) नेता पिनाराई विजयन और त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री माणिक सरकार भी थे। CJP नेता अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरव दास को भी हिरासत में लिया गया। दिल्ली पुलिस के मुताबिक तीनों को 50,000 रुपये के बेल बॉन्ड और इतने ही के श्योरिटी बॉन्ड पर छोड़ा गया, जिसमें एक साल तक शांति बनाए रखने की शर्त थी। रांका का कहना है कि नामित प्रदर्शन स्थल पर प्रदर्शन से शांति भंग नहीं होती।
रविवार को भी कार्रवाई जारी रही। द हिंदू के मुताबिक प्रदर्शन की कवरेज कर रहे करीब एक दर्जन पत्रकारों को हिरासत में लिया गया। राज्यसभा सांसद जॉन ब्रिट्टास और AISA अध्यक्ष नेहा हिरासत के दौरान सुरक्षाबलों की कार्रवाई में घायल हुए। यह भी द हिंदू की रिपोर्ट में कहा गया है।
इसी बीच सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस जोयमाल्य बागची और वी. मोहना की बेंच ने केंद्र को नोटिस जारी किया। बेंच ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से कहा कि दिल्ली मेट्रो सामान्य समय-सारणी पर चले। कानून-व्यवस्था की शर्त के साथ इंटरनेट सेवा निर्बाध रहे। वकीलों और पत्रकारों को उनके काम से रोका न जाए।
रविवार को दिल्ली मेट्रो सामान्य संचालन पर लौट आई थी, हालांकि प्रमुख सड़कों पर भारी बैरिकेडिंग बनी रही। प्रदर्शनकारी कई जगहों पर जमा हुए, CEC के इस्तीफ़े की मांग के नारे लगे और उन्हें पुलिस बसों में ले जाते देखा गया।
राहुल की प्रेस कॉन्फ्रेंस: दो बड़े आरोप, एक संदेश
मार्च से पहले राहुल गांधी ने सुबह 11:30 बजे AICC मुख्यालय इंदिरा भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। वहां उन्होंने दो बड़े आरोप लगाए और एक संदेश दिया।
पहला आरोप: मोदी सरकार के कम से कम 200 अधिकारी विपक्ष के संपर्क में हैं। फ्री प्रेस जर्नल के मुताबिक राहुल ने कहा कि इनमें ED, CBI और विदेश मंत्रालय के अधिकारी शामिल हैं, जो जानकारी साझा कर रहे हैं। यह दावा किसी स्वतंत्र स्रोत से पुष्ट नहीं हुआ है।
दूसरा आरोप: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को बचा रहे हैं। यह राहुल का आरोप है, तथ्य नहीं।
मार्च से पहले उन्होंने X पर लिखा, "March for Democracy. March for Justice." इसके साथ इंडिया का एक पोस्टर भी साझा किया।
शनिवार को ही राहुल ने X पर दिल्ली पुलिस पर 'गुंडागर्दी' का आरोप लगाया था। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की पुलिस पर RSS-BJP कार्यकर्ताओं को प्रदर्शनकारियों पर हमले की खुली छूट देने का आरोप भी लगाया। मोदी के लिए उन्होंने फिल्म 'मिस्टर इंडिया' के खलनायक 'मोगैम्बो' का ज़िक्र किया था। ये सभी दावे राहुल के अपने हैं। इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं है।
साथ आए नेता क्या बोले
कांग्रेस नेता और हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा ने कहा कि मार्च का मकसद मुख्य चुनाव आयुक्त का इस्तीफा सुनिश्चित करना है। उनके मुताबिक प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा, जब तक कुमार पद नहीं छोड़ते।
फ्री प्रेस जर्नल के मुताबिक कांग्रेस सांसद और वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी कथित वोट चोरी के खिलाफ वकीलों के प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे हैं। कांग्रेस ने अपने सांसदों से सोमवार को दिल्ली में मौजूद रहने को कहा था। न्यूज18 के मुताबिक यह निर्देश नियोजित आंदोलन को देखते हुए दिया गया था।
घटनाक्रम: 9 से 12 अक्टूबर
| तारीख | क्या हुआ |
|---|---|
| 9 अक्टूबर | विपक्ष ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को चुनाव प्रक्रिया पर ज्ञापन सौंपा |
| 10 अक्टूबर | CJP और विपक्ष का प्रदर्शन; बड़े पैमाने पर हिरासत; SC बेंच का मेट्रो और इंटरनेट सामान्य रखने का निर्देश |
| 11 अक्टूबर | दूसरे दिन भी प्रदर्शन और हिरासत; जंतर-मंतर डी-नोटिफाई; राहुल ने मार्च का ऐलान किया |
| 12 अक्टूबर | छह मेट्रो स्टेशन बंद; राहुल की प्रेस कॉन्फ्रेंस; दोपहर 1:30 बजे कनॉट प्लेस से सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च; CJI ने मिलने से इनकार किया |
आगे क्या
विपक्ष अब सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने की तैयारी में है। CJI के रुख के बाद मुलाकात का रास्ता बंद है, पर कानूनी रास्ता खुला है। मार्च के जरिए मुख्य न्यायाधीश को याचिका सौंपने की बात भी कही गई थी।
दिल्ली पुलिस का कहना है कि हिरासत कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए एहतियाती तौर पर की गई थी।
यह खबर सोमवार दोपहर तक के घटनाक्रम पर आधारित है। मार्च के नतीजे और आगे की कार्रवाई की पुष्टि होते ही जानकारी अपडेट की जाएगी।
📷 फोटो: Andytheegoat, Wikimedia Commons (CC0)
Questions people ask
- इंडिया गठबंधन ने 'चलो दिल्ली' मार्च क्यों निकाला?
- मार्च चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, मतदाता सूची के पुनरीक्षण (SIR) में कथित अनियमितताओं और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग को लेकर निकाला गया। विपक्ष का आरोप है कि 'वोट चोरी' हो रही है। राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे की अगुवाई में मार्च 12 अक्टूबर 1:30 बजे कनॉट प्लेस से सुप्रीम कोर्ट की ओर बढ़ा।
- CJI ने विपक्षी नेताओं से मिलने से क्यों इनकार किया?
- मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत के मुताबिक मामला पहले से अदालत में लंबित (sub judice) है, इसलिए प्रशासनिक मुलाकात की जगह याचिका दायर करना सही रास्ता है। CJI ने रविवार रात ईमेल से कारण सहित जवाब भेजा। सोमवार को उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे हर नागरिक के लिए खुले हैं; कोई भी याचिका दायर कर बात रख सकता है।
- मार्च के दिन दिल्ली मेट्रो के कौन-से स्टेशन बंद रखे गए?
- DMRC ने 12 अक्टूबर को सुबह 6 बजे से शाम 4 बजे तक छह स्टेशनों के प्रवेश-निकास द्वार बंद रखे: पटेल चौक, जनपथ, राजीव चौक, मंडी हाउस, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट और बाराखंबा रोड। इन स्टेशनों पर इंटरचेंज की सुविधा जारी रही। कनॉट प्लेस के आसपास सुरक्षा कड़ी कर दी गई थी और बैरिकेड लगाए गए थे।
- जंतर-मंतर पर अब प्रदर्शन क्यों नहीं हो रहा?
- दिल्ली पुलिस ने 11 अक्टूबर के स्थायी आदेश से जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल के तौर पर डी-नोटिफाई कर दिया है। आदेश पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार ने जारी किया। अब रामलीला ग्राउंड, बुरारी ग्राउंड और पूर्वी दिल्ली के CBD ग्राउंड प्रदर्शन के लिए तय किए गए हैं। इन जगहों पर प्रदर्शन का संशोधित SOP अलग से जारी होगा।
- क्या विपक्ष अब सुप्रीम कोर्ट का रुख कर सकता है?
- हां। CJI ने मिलने से इनकार जरूर किया है, लेकिन याचिका दायर करने का रास्ता खुला रखा है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि वे अदालत में याचिका दायर कर चुनाव प्रक्रिया और कथित 'वोट चोरी' का मसला उठाएंगे। 11 अक्टूबर को जस्टिस बागची और जस्टिस मोहना की बेंच ने केंद्र को नोटिस भी जारी किया था।
Sources
- News18: INDIA Bloc To March To Supreme Court Today As Opposition Takes On Gyanesh Kumar Over 'Vote Chori', SIR (news18.com)
- Free Press Journal: Delhi INDIA Bloc Protest LIVE — Rahul Gandhi Leads 'Chalo Dilli' March From Connaught Place Towards Supreme Court (freepressjournal.in)
- The Hindu: Morning Digest, October 12, 2026 (thehindu.com)
- Indian Express: Today News Headlines for School Assembly, October 12, 2026 (indianexpress.com)
Editorial Note: This explainer was researched using verified primary sources and official notifications, then independently fact-checked, reviewed, and finalized under human editorial guidance by the Gagariya desk.
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