फ्लाईदुबई: को-पायलट का आत्मघाती प्लान, एनआईए करेगी जांच

30 सितंबर की सुबह दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट 1073 में जो हुआ, वह अब भारत की आतंकवाद-रोधी जांच एजेंसी के दायरे में आ गया है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने शुक्रवार को भारतीय कैप्टन स्मित मछछर पर हुए जानलेवा हमले की जांच के लिए एफआईआर दर्ज कर ली है। केंद्र का मानना है कि यह मामला राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहद गंभीर है और इसके पीछे किसी बड़ी साजिश का पता लगाना ज़रूरी है।
उधर अबू धाबी से आई एक और खबर ने इस मामले को और चौंकाने वाला बना दिया है। संयुक्त अरब अमीरात के अटॉर्नी-जनरल ने कहा है कि ओमानी को-पायलट ने विमान पर कब्ज़ा करके उसे तेल अवीव के बेन गुरियन एयरपोर्ट के पैसेंजर टर्मिनल में टकराने की योजना बनाई थी। जांच एजेंसियों का मानना है कि यह साजिश 11 सितंबर, 2001 को अमेरिका पर हुए हमलों से प्रेरित थी।
एनआईए की एफआईआर में क्या है
एनआईए ने 9 अक्टूबर को केस नंबर RC-34/2026/NIA/DLI के तहत एफआईआर दर्ज की। यह कदम गृह मंत्रालय के निर्देश पर उठाया गया। एजेंसी ने एंटी-हाईजैकिंग एक्ट, 2016 की धारा 3 और गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, यानी यूएपीए की धारा 16 के साथ धारा 15(1)(a) के तहत मामला दर्ज किया है। इसके साथ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 की संबंधित धाराएं भी लगाई गई हैं। एफआईआर में आरोपी के रूप में "ओमानी फर्स्ट ऑफिसर" का नाम दर्ज है।
इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, केंद्र का कहना है कि अपराध की गंभीरता, राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय निहितार्थ और बड़ी साजिश का पता लगाने की ज़रूरत को देखते हुए एनआईए से गहन जांच कराना ज़रूरी था। एजेंसी के एक अधिकारी के मुताबिक, जांच में यह भी देखा जाएगा कि आरोपी को-पायलट ने अकेले काम किया था या वह किसी मॉड्यूल का हिस्सा था।
वह सुबह: 9:21 बजे क्या हुआ था
एफआईआर में दर्ज जानकारी के मुताबिक, फ्लाइट 1073 ने 30 सितंबर को सुबह 7:05 बजे दुबई से उड़ान भरी थी। यहां एक मामूली फर्क नोट करने लायक है। एएनआई ने एफआईआर के हवाले से 7:05 बजे (जीएसटी) लिखा है, जबकि द वीक ने 7:05 बजे (जीएमटी) लिखा है। दुबई का स्थानीय समय जीएसटी होता है। विमान में 174 यात्री सवार थे, जिनमें इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक ज़्यादातर इज़राइली थे। साथ में छह क्रू सदस्य थे। कॉकपिट में कैप्टन मछछर और ओमानी फर्स्ट ऑफिसर थे।
सुबह करीब 9:21 बजे, जॉर्डन-सऊदी अरब सीमा के पास विमान अचानक तेज़ी से नीचे की ओर गिरा और सऊदी हवाई क्षेत्र में वापस मुड़ गया। एफआईआर में दर्ज यात्रियों के बयानों के मुताबिक, इसी दौरान फर्स्ट ऑफिसर ने कैप्टन मछछर पर हमला कर दिया। आरोप है कि उसकी मंशा विमान को हाईजैक करने या क्रैश कराने की थी। यात्रियों और क्रू ने उसे काबू करके बांध दिया। हमले में कैप्टन के सिर और हाथों में गहरे घाव हो गए।
द वीक की रिपोर्ट के अनुसार, को-पायलट ने क्रैश एक्स से कैप्टन पर वार किया था और ऑटो-पायलट सिस्टम को जाम करने की कोशिश भी की थी। रॉयटर्स के मुताबिक, विमान 30 सेकंड में 16,000 फीट यानी करीब 4,900 मीटर नीचे गिर गया था।
वाम के हवाले से एएनआई की खबर के अनुसार, वापसी की फ्लाइट के लिए सवार एक पायलट ने कॉकपिट का दरवाज़ा असामान्य रूप से बार-बार खुलते-बंद होते देखा। उसने एक्सेस कोड से अंदर दाखिल होकर हमला देखा। फिर उसने केबिन क्रू और कुछ यात्रियों की मदद से घायल कैप्टन को बचाया और आरोपी को दबोच लिया। इस बीच वापसी की फ्लाइट के कैप्टन और उसके को-पायलट ने विमान का नियंत्रण संभाला, रास्ता बदला और उसे सऊदी अरब के ताबुक स्थित प्रिंस सुल्तान बिन अब्दुलअज़ीज़ एयरपोर्ट पर सुबह 10:45 बजे सुरक्षित उतारा। लैंडिंग के बाद फर्स्ट ऑफिसर को सऊदी अधिकारियों ने गिरफ्तार कर लिया। बाद में उसे संयुक्त अरब अमीरात को सौंप दिया गया, जहां फ्लाईदुबई का मुख्यालय है।
द वीक के मुताबिक, यूएई में भारतीय दूतावास ने बताया है कि कैप्टन मछछर अब स्थिर हैं और अच्छी तरह उबर रहे हैं।
अबू धाबी का दावा: 9/11 से प्रेरित साजिश
शुक्रवार को यूएई के अटॉर्नी-जनरल डॉ. हमद सैफ़ अल शम्सी ने वाम के हवाले से इस मामले का अब तक का सबसे विस्तृत अभियोजन-स्तरीय ब्योरा जारी किया। उनके मुताबिक, 29 वर्षीय ओमानी आरोपी ने दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाइट को अपने कब्ज़े में लेकर उसे बेन गुरियन एयरपोर्ट के पैसेंजर टर्मिनल में टकराने की साजिश रची थी। रॉयटर्स के मुताबिक, यह बयान 9 अक्टूबर को आया और अभियोजकों की 1 अक्टूबर से चल रही आपराधिक जांच पर आधारित है।
जांचकर्ताओं का मानना है कि यह योजना 11 सितंबर, 2001 को अमेरिका पर हुए हमलों से प्रेरित थी। रॉयटर्स के मुताबिक, यह को-पायलट की 9/11 प्रेरणा की पहली सार्वजनिक पुष्टि है। वाम के अनुसार, आरोपी ने तेल अवीव की दो पिछली उड़ानों का इस्तेमाल रूट और एयरपोर्ट को समझने के लिए किया था। 30 सितंबर की उड़ान उसकी तीसरी उड़ान थी। आरोपी ने कथित तौर पर यह भी स्वीकार किया है कि एविएशन में करियर चुनने की उसकी वजह यही उद्देश्य था। उसने मानसिक और शारीरिक तैयारी के लिए आतंकवाद को बढ़ावा देने वाली सामग्री देखी और एक निजी कोच से बॉक्सिंग का प्रशिक्षण लिया।
कट्टरता की जड़ें: ऑस्ट्रेलिया के दिन
वाम के मुताबिक, जांच में आरोपी की विचारधारात्मक और पेशेवर पृष्ठभूमि खंगाली गई। उसकी कथित कट्टरता के शुरुआती संकेत 2017 में मिले, जब वह ऑस्ट्रेलिया में पढ़ाई कर रहा था। उस दौर में वह चरमपंथी साहित्य और ऐसी ऑनलाइन सामग्री के प्रभाव में आया, जो आतंकवादी संगठनों और आत्मघाती हमलों का महिमामंडन करती थी।
वाम के अनुसार, मेलबर्न में पढ़ाई के दौरान आरोपी रॉयल मेलबर्न इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (आरएमआईटी) से जुड़ी एक मस्जिद में नियमित रूप से जाता था। वहां उसकी मुलाकात "माई सेंटर" नाम के एक केंद्र से जुड़े लोगों से हुई। उसने दावा किया कि यह केंद्र "अबू हमजा" नाम के एक लेबनानी व्यक्ति द्वारा चलाया जाता था और उसे मुस्लिम ब्रदरहुड से जुड़े एक संगठन का समर्थन हासिल था।
यह ब्योरा सिर्फ वाम के हवाले से सामने आया है और पूरी तरह यूएई अभियोजन के दावों पर आधारित है। इसकी स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है।
करियर की बात करें तो वाम के मुताबिक आरोपी ने 2020 से 2024 तक ओमान एयर में काम किया, 2025 की शुरुआत में रॉयल एयर मारोक में रहा और जनवरी 2026 में फ्लाईदुबई से जुड़ा। रॉयटर्स के अनुसार, रॉयल एयर मारोक ने बताया है कि आरोपी ने 2025 में वहां तीन महीने का प्रशिक्षण लिया था, लेकिन उसके बाद नौकरी के लिए उसका आवेदन खारिज कर दिया गया था।
आरोपी की पहचान पर क्या स्थिति है
एक बात साफ़ है: यूएई के अधिकारियों ने अब तक आरोपी का नाम सार्वजनिक रूप से जारी नहीं किया है। द वीक ने उसका नाम हम्माम अल-हम्मामी बताया है, और रॉयटर्स के एक सूत्र ने भी उसकी पहचान ओमानी नागरिक हम्माम अल-हम्मामी के रूप में की है। एनआईए की एफआईआर में आरोपी को सिर्फ "ओमानी फर्स्ट ऑफिसर" लिखा गया है।
जांच की राह: अब किन सवालों के जवाब मिलेंगे
एनआईए की जांच का दायरा साफ़ है। एजेंसी यह पता लगाएगी कि फर्स्ट ऑफिसर ने अकेले काम किया था या वह किसी मॉड्यूल का हिस्सा था।
वाम के मुताबिक, आरोपी ने वकील की मौजूदगी में और कानूनी सुरक्षा उपायों के तहत विस्तृत कबूलनामा दिया है, जिसमें उसने अकेले काम करने का दावा किया है। लेकिन जांचकर्ता उसके इस दावे की पुष्टि कर रहे हैं और साथियों या अन्य संबंधों की संभावना की जांच जारी है। पब्लिक प्रॉसिक्यूशन ने कैप्टन, वापसी की फ्लाइट के पायलट, उसके को-पायलट और क्रू सदस्यों के बयान भी दर्ज किए हैं।
एक फॉरेंसिक मेडिकल रिपोर्ट में पाया गया है कि कैप्टन के सिर पर हुए घाव ताज़ा थे और इमरजेंसी एक्स जैसे औज़ार से लगे घावों से मेल खाते थे। वाम के अनुसार, घावों का समय घटना के समय से मेल खाता है। पब्लिक प्रॉसिक्यूशन रिकॉर्डिंग और तकनीकी रिपोर्ट समेत सबूतों की जांच जारी रखेगा और उचित समय पर आगे के नतीजे जारी करेगा।
रॉयटर्स के मुताबिक, सऊदी अरब ने फ्लाइट FZ1073 की घटना की अलग सुरक्षा जांच शुरू की है। जांचकर्ताओं ने फ्लाईदुबई की भर्ती प्रक्रिया की भी जांच की। आरोपी ने सभी पेशेवर और सुरक्षा ज़रूरतें पूरी की थीं। उसके पास पायलट लाइसेंस और अच्छे आचरण का प्रमाणपत्र था। अटॉर्नी-जनरल के बयान में फ्लाईदुबई को किसी गड़बड़ी के लिए ज़िम्मेदार नहीं ठहराया गया है।
तीन जांच, तीन मोर्चे
| जांच एजेंसी | क्या जांच रही है |
|---|---|
| एनआईए (भारत) | बड़ी साजिश, अकेला आरोपी या मॉड्यूल, एंटी-हाईजैकिंग और यूएपीए धाराएं |
| यूएई पब्लिक प्रॉसिक्यूशन | आत्मघाती हमले की योजना, कट्टरता की जड़ें, आरोपी का कबूलनामा |
| सऊदी अरब | फ्लाइट FZ1073 की अलग सुरक्षा जांच |
यह मामला अब तीन देशों की जांच के दायरे में है। भारत में एनआईए आतंकवाद-विरोधी कानूनों के तहत साजिश की गहराई और संभावित साथियों का पता लगाएगी। यूएई में अभियोजन सबूतों की जांच जारी रखेगा। सऊदी अरब सुरक्षा पहलुओं की अलग जांच कर रहा है। आने वाले दिनों में इन तीनों जांचों के नतीजे ही तय करेंगे कि 30 सितंबर की वह सुबह एक अकेले शख्स की साजिश थी या किसी बड़े नेटवर्क की।
Questions people ask
- एनआईए ने फ्लाईदुबई मामले में एफआईआर क्यों दर्ज की?
- गृह मंत्रालय के निर्देश पर एनआईए ने 9 अक्टूबर को एफआईआर दर्ज की है। केंद्र का मानना है कि 30 सितंबर को फ्लाइट 1073 में कैप्टन स्मित मछछर पर हुआ हमला राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहद गंभीर है। एजेंसी एंटी-हाईजैकिंग एक्ट और यूएपीए के तहत बड़ी साजिश की तह तक जाएगी।
- को-पायलट पर क्या आरोप हैं?
- एफआईआर के मुताबिक, ओमानी फर्स्ट ऑफिसर ने 30 सितंबर को कॉकपिट में कैप्टन स्मित मछछर पर क्रैश एक्स से हमला किया। आरोप है कि उसकी मंशा विमान को हाईजैक करने या क्रैश कराने की थी। विमान 30 सेकंड में 16,000 फीट गिरा। एनआईए ने उस पर एंटी-हाईजैकिंग एक्ट और यूएपीए की धाराएं लगाई हैं।
- यूएई की जांच में क्या सामने आया?
- यूएई के अटॉर्नी-जनरल के मुताबिक, 29 वर्षीय आरोपी ने बेन गुरियन एयरपोर्ट के टर्मिनल में विमान टकराने की साजिश रची थी। वह 9/11 के हमलों से प्रेरित था और 2017 में ऑस्ट्रेलिया में पढ़ाई के दौरान कट्टरता की ओर बढ़ा था। उसने तेल अवीव की दो उड़ानों में रूट की रेकी भी की थी।
- कैप्टन स्मित मछछर की हालत अब कैसी है?
- द वीक की खबर के मुताबिक, यूएई में भारतीय दूतावास ने बताया है कि कैप्टन स्मित मछछर अब स्थिर हैं और अच्छी तरह उबर रहे हैं। हमले में उनके सिर और हाथों में गहरे घाव हुए थे। फॉरेंसिक रिपोर्ट में घाव इमरजेंसी एक्स जैसे औज़ार से मेल खाते पाए गए हैं।
- आगे क्या होगा?
- एनआईए अब यह पता लगाएगी कि आरोपी ने अकेले काम किया या किसी मॉड्यूल का हिस्सा था। आरोपी ने अकेले काम करने का दावा किया है, लेकिन जांचकर्ता इसकी पुष्टि कर रहे हैं। यूएई का अभियोजन सबूतों की जांच जारी रखेगा और सऊदी अरब अलग सुरक्षा जांच कर रहा है।
Sources
- Indian Express: NIA to probe 'larger conspiracy' in mid-air attack on Indian pilot (indianexpress.com)
- The Week: Flydubai attack on Captain Smit Machchhar — NIA files FIR under anti-hijacking law, UAPA (theweek.in)
- Outlook: India's anti-terror agency to probe mid-air attack on Captain Smit Machchhar (outlookindia.com)
- ANI via Lokmat Times: NIA registers Anti-Hijacking, UAPA case to probe flydubai cockpit attack (lokmattimes.com)
- Reuters via TBS: UAE says Omani flydubai co-pilot planned suicide attack on Tel Aviv flight (tbsnews.net)
- ANI via Tribune India: UAE Attorney-General says flydubai co-pilot planned suicide attack on Tel Aviv airport (tribuneindia.com)
- Economic Times: India's anti-terror agency to probe mid-air cockpit attack aboard flydubai flight (economictimes.indiatimes.com)
Editorial Note: This explainer was researched using verified primary sources and official notifications, then independently fact-checked, reviewed, and finalized under human editorial guidance by the Gagariya desk.
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