मतदाता सूची विवाद: UN विशेषज्ञों ने प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग बंद करने की मांग की

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के 24 स्वतंत्र विशेषज्ञों ने मंगलवार को भारत सरकार से प्रदर्शनकारियों के खिलाफ "अत्यधिक बल प्रयोग" तुरंत बंद करने की मांग की। उन्होंने अधिकारियों के आचरण की स्वतंत्र जांच की भी अपील की।
विशेषज्ञों ने क्या कहा
Reuters की रिपोर्ट के अनुसार, विशेषज्ञों ने कहा कि हालिया प्रदर्शनों में कई प्रदर्शनकारी घायल हुए। कुछ ने दुर्व्यवहार की शिकायत भी की। उनका कहना है कि सभाएं शांतिपूर्ण थीं, फिर भी सुरक्षाबलों ने निहत्थे छात्रों पर बल प्रयोग किया। लाठीचार्ज का जिक्र करते हुए विशेषज्ञों ने कहा कि हज़ारों लोगों को प्रदर्शनों में शामिल होने से रोका गया।
विशेषज्ञों ने भारत से तीन मांगें रखीं। पहला — अत्यधिक बल प्रयोग तुरंत बंद हो। दूसरा — सार्वजनिक सभाओं पर लगे आम प्रतिबंध हटें। तीसरा — बायोमेट्रिक समेत डिजिटल निगरानी का दुरुपयोग और इंटरनेट बंदी न हो।
विरोध क्यों हो रहा है
विपक्षी दल और छात्र संगठन पिछले कुछ हफ्तों से देशभर में प्रदर्शन कर रहे हैं। उनकी मांग है — मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया बीजेपी के पक्ष में है। उनका दावा है कि 13 करोड़ नाम हटाए गए। आरोप यह भी है कि गरीब, बेघर और अल्पसंख्यक समुदाय — जिनमें मुस्लिम भी शामिल हैं — सबसे ज्यादा प्रभावित हुए। बीजेपी और चुनाव आयोग ने आरोपों से इनकार किया है। आयोग का कहना है कि डुप्लिकेट, मृत, स्थानांतरित और अयोग्य मतदाताओं के नाम हटाए गए। गलत तरीके से हटाए गए नाम के लिए अपील का रास्ता खुला है।
भारत की प्रतिक्रिया
भारत ने इस तरह की आलोचना को पहले भी देश के आंतरिक मामलों में दखलंदाजी बताया है। Reuters के अनुसार, संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय ने इसी महीने की शुरुआत में इन्हीं प्रदर्शनों से जुड़ी बड़े पैमाने पर हिरासत पर चिंता जताई थी।
पृष्ठभूमि
गर्मियों में पेपर लीक के खिलाफ देशव्यापी प्रदर्शन हुए थे। आरोप है कि लाखों छात्रों के अधिकार दांव पर थे। उन प्रदर्शनों के बाद शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना पड़ा था।
स्रोत
📷 फोटो: U.S. Department of State, Wikimedia Commons (public domain)
Questions people ask
- UN विशेषज्ञों ने भारत से क्या मांगा है?
- उन्होंने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ अत्यधिक बल प्रयोग तुरंत बंद करने, सार्वजनिक सभाओं पर लगे आम प्रतिबंध हटाने और डिजिटल निगरानी व इंटरनेट बंदी के दुरुपयोग से बचने की मांग की है, साथ ही अधिकारियों के आचरण की स्वतंत्र जांच की अपील की है।
- भारत में प्रदर्शन क्यों हो रहे हैं?
- विपक्षी दल और छात्र संगठन मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। उनका आरोप है कि मतदाता सूची पुनरीक्षण में 13 करोड़ नाम हटाकर बीजेपी को फायदा पहुंचाया गया। बीजेपी और चुनाव आयोग ने इनकार किया है।
- SIR क्या है?
- SIR यानी विशेष गहन पुनरीक्षण — चुनाव आयोग की मतदाता सूची साफ करने की प्रक्रिया। आयोग का कहना है कि इसमें डुप्लिकेट, मृत, स्थानांतरित और अयोग्य मतदाताओं के नाम हटाए जाते हैं।
- क्या पहले भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता जताई गई थी?
- हां। Reuters के अनुसार, संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय ने इसी महीने की शुरुआत में इन्हीं प्रदर्शनों से जुड़ी बड़े पैमाने पर हिरासत पर चिंता जताई थी।
Sources
- Reuters की रिपोर्ट (DevDiscourse) (devdiscourse.com)
- Al Jazeera (Scoop) (scoopfeeds.com)
- tob.news की रिपोर्ट (tob.news)
- 7Globe की रिपोर्ट (7globe.in)
Editorial Note: This explainer was researched using verified primary sources and official notifications, then independently fact-checked, reviewed, and finalized under human editorial guidance by the Gagariya desk.
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