gagariya.

मणिपुर हिंसा: 5 की मौत, दो लापता; संख्या पर विवाद

By Gagariya Editorial Desk•11 Oct 2026 IST•6 min read•Human Reviewed & Fact-Checked
मणिपुर हिंसा: 5 की मौत, दो लापता; संख्या पर विवाद
Photo: Own or licensed by the publisher

शुक्रवार रात चासाद में क्या हुआ

शुक्रवार की रात चासाद गांव में गोली चली और डोमखोनेई तौथांग की जान चली गई। वे 42 साल की थीं, कुकी समुदाय की, पांच बच्चों की मां। अधिकारियों के मुताबिक रात की गोलीबारी में उनकी मौत हो गई।

इसके बाद जो हुआ, वह पूरी रात चला। कुकी और नागा समुदायों के सशस्त्र समूहों के बीच मुठभेड़ शुरू हुई, जो शनिवार सुबह तक चलती रही। इस गोलीबारी में 22 साल के माइकल नगामिनलेन हाओकिप की भी मौत हो गई। दस घर आग के हवाले हो गए।

चासाद कुकी-बहुल गांव है, लेकिन यह जिला नागा-बहुल कामजोंग में पड़ता है। यहीं से टकराव की नई लहर फूटी। जिला प्रशासन ने चासाद पुलिस गेट जंक्शन के 400 मीटर दायरे में निषेधाज्ञा लगा दी। पांच से ज्यादा लोगों के जमा होने पर पाबंदी। यहां तक कि खबरें भी बंटी हुई हैं। पीटीआई के मुताबिक बीएनएसएस की धारा 162 लागू हुई, आईएएनएस धारा 163 लिखता है।

शनिवार सुबह निंगचौ गांव में हमला

शनिवार की सुबह हिंसा कामजोंग के ही निंगचौ गांव पहुंची। अधिकारियों के मुताबिक संदिग्ध उग्रवादियों ने गांव में घुसकर गोलीबारी की। दो लोगों की मौत हुई। मारे गए दोनों नागा समुदाय के थे। उनकी पहचान नगाचांसो निंगशेन और लेइशिसान लेइशादांग के रूप में हुई। शव पोस्टमार्टम के लिए कामजोंग जिला अस्पताल भेजे गए।

गांव वालों का कहना है कि हमलावर गोलीबारी के बाद म्यांमार की ओर भागे। सुरक्षा बल गांव पहुंचे और हालात को काबू में बताया गया। निंगचौ म्यांमार सीमा के पास तांगखुल नागा बस्ती है।

इसी बीच कांगपोकपी जिले में मकुई अशांग और तापोन में भी सशस्त्र समूहों के बीच भारी गोलीबारी की खबर आई। हिंसा एक जिले से दूसरे में फैलती दिखी।

उखरूल में किसान की हत्या, दो लापता

उखरूल जिले में एक अलग घटना में 40 साल के संदीप राय की हत्या कर दी गई। वे सेनापति जिले के गुरखा किसान थे। शनिवार को महादेव-तलुई सड़क पर चेपू यओलेन के पास उनकी गाड़ी पर गोलीबारी हुई। वे गाड़ी के अंदर ही मारे गए। पूर्व मुख्यमंत्री बीरेन सिंह ने इस हमले का आरोप केआरए कैडरों पर लगाया है, लेकिन इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

लिटान इलाके से दो नागा नागरिकों के लापता होने की भी खबर है। कौन, कहां से, कब लापता हुए, इसका ब्योरा अभी सामने नहीं आया है।

पांच, सात या नौ: मृतकों की संख्या पर विवाद

यहां रुककर एक बात साफ करना जरूरी है। मरने वालों की संख्या को लेकर अलग-अलग आंकड़े सामने आ रहे हैं।

अधिकारियों के हवाले से खबरों में कम से कम पांच मौतों की पुष्टि है। द ट्रिब्यून के मुताबिक मारे गए पांच लोगों में दो कुकी (एक महिला समेत), दो नागा और एक नेपाली नागरिक शामिल हैं।

लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह का दावा इससे बड़ा है। उन्होंने एक्स पर लिखा कि एक ही दिन में राज्य के अलग-अलग हिस्सों में सात लोग मारे गए। उनके मुताबिक बाकी दो मौतें कुकी नेशनल आर्मी (बर्मा) के सदस्य थे, जिन्होंने नागा-बहुल कामजोंग के सीमावर्ती गांवों पर हमला किया था।

इन दो मौतों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

सोशल मीडिया पर कुछ पोस्ट में नौ मौतों का भी जिक्र है, लेकिन इसका कोई आधिकारिक स्रोत नहीं है। माइकल की उम्र को लेकर भी खबरें बंटी हैं। ज्यादातर मीडिया 22 साल लिखते हैं, आईएएनएस ने 23 साल लिखा है। लापता लोगों के ठिकाने को लेकर भी दो बयान हैं। द हिंदू के मुताबिक दो नागा नागरिक उखरूल के लिटान इलाके से लापता हैं, जबकि बीरेन सिंह ने कांगपोकपी के मकुई अशांग से दो नागाओं के लापता होने का जिक्र किया है।

दो पक्ष, दो दावे

इस हिंसा को लेकर दोनों पक्षों की कहानी अलग-अलग है। नीचे दोनों के आरोप, उनके अपने शब्दों में दिए गए स्रोतों के हवाले से।

दावा किसने कहा जवाबी पक्ष
कुकी उग्रवादियों ने चासाद में गश्त पर निकले आईआरबी जवानों पर गोली चलाई, जिससे शुक्रवार रात मुठभेड़ शुरू हुई तांगखुल नागा लोंग की कार्य समिति (द हिंदू के हवाले से) कुकी पक्ष का कहना है कि आईआरबी ने चासाद विलेज गार्ड्स को हटाने की कोशिश की
शनिवार को नागा नागरिकों पर हथियारबंद हमला हुआ, कामजोंग में नौ घर जलाए गए, दो नागा स्वयंसेवक घायल हुए तांगखुल नागा लोंग की कार्य समिति घरों की संख्या को लेकर वायर एजेंसियों का आंकड़ा दस है
आईआरबी जवानों ने चासाद की महिलाओं पर अंधाधुंध गोलीबारी की, जिसमें डोमखोनेई तौथांग की मौत हुई कुकी स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन (द हिंदू के हवाले से) इस आरोप पर आईआरबी या सरकार की ओर से सार्वजनिक जवाब खबरों में नहीं आया है
आईआरबी जवानों के खिलाफ एफआईआर, गिरफ्तारी, मृतक के परिवार को मुआवजा और केंद्र से उच्च स्तरीय जांच की मांग कुकी स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन सरकार की प्रतिक्रिया अभी आनी बाकी है

कुकी पक्ष का यह भी कहना है कि शुक्रवार को महिलाएं गांव के स्वयंसेवकों की गिरफ्तारी के खिलाफ प्रदर्शन कर रही थीं, तभी गोलीबारी हुई। कुकी ह्यूमन राइट्स फोरम का दावा है कि तौथांग प्रदर्शन में शामिल थीं।

पिछले 48 घंटों का घटनाक्रम

कब कहां क्या हुआ
शुक्रवार रात चासाद, कामजोंग डोमखोनेई तौथांग की गोलीबारी में मौत; रातभर मुठभेड़
शनिवार सुबह चासाद, कामजोंग मुठभेड़ में माइकल नगामिनलेन हाओकिप की मौत; घरों में आग
शनिवार सुबह निंगचौ, कामजोंग गोलीबारी में दो नागा नागरिकों की मौत; हमलावर म्यांमार की ओर भागे, गांव वालों का दावा
शनिवार मकुई अशांग-तापोन, कांगपोकपी सशस्त्र समूहों के बीच भारी गोलीबारी
शनिवार चेपू यओलेन, उखरूल किसान संदीप राय की गाड़ी पर गोलीबारी में मौत
शनिवार लिटान, उखरूल दो नागा नागरिक लापता बताए गए

पृष्ठभूमि: फरवरी से चल रहा टकराव

यह हिंसा अचानक नहीं भड़की। पीटीआई के मुताबिक कुकी और नागा समुदायों के बीच फरवरी 2026 में शुरू हुए टकराव में अब तक 40 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं और दर्जनों घर जलाए गए हैं। हिंसा उखरूल, कामजोंग, कांगपोकपी, तामेंगलॉन्ग और नोनी जिलों के साथ सेनापति के कुछ हिस्सों में केंद्रित रही है।

ताजा हमलों से ठीक पहले 4 से 7 अक्टूबर के बीच सेना और असम राइफल्स ने कामजोंग में म्यांमार सीमा के 8 किलोमीटर के दायरे से 27 आईईडी बरामद कर निष्क्रिय किए थे। द हिंदू के मुताबिक इसके बाद ही हमलों और हताहतों का सिलसिला शुरू हुआ।

सरकार और सियासत की प्रतिक्रिया

शनिवार को ही मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। सरकार के बयान के मुताबिक उन्होंने राज्य में शांति और सामान्य स्थिति के प्रयासों में हर संभव मदद का भरोसा दिया।

उपमुख्यमंत्री नेमचा किपगेन और कुकी इन्पी मणिपुर ने कामजोंग में दो कुकी नागरिकों और उखरूल में गुरखा किसान की हत्या की निंदा की। उन्होंने केंद्र, राज्य सरकार और मानवाधिकार संगठनों से हस्तक्षेप की मांग की।

पूर्व मुख्यमंत्री बीरेन सिंह ने एक्स पर सवाल उठाया कि हथियारबंद उग्रवादी इतनी बेखौफी से लोगों को मार रहे हैं और पुलिस थानों को निशाना बना रहे हैं। उन्होंने अवैध हथियारों की बरामदगी, उग्रवादी समूहों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई और भारत-म्यांमार सीमा पर सुरक्षा मजबूत करने की मांग की।

एक और दावा सोशल मीडिया पर तेजी से फैला। कामजोंग पुलिस थाने में आग लगने का वीडियो वायरल हुआ। पुलिस ने इन खबरों और वीडियो को खारिज कर दिया है। थाने में आग लगने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

इस बीच कमेटी ऑन ट्राइबल यूनिटी ने शनिवार शाम 6 बजे से कांगपोकपी जिले में 24 घंटे के पूर्ण बंद की घोषणा की। संगठन का कहना है कि चासाद, यओलेन और आईटी रोड पर हुई घटनाएं नागरिकों की जान के लिए गंभीर खतरा हैं।

अब आगे क्या देखना है

सबसे पहला सवाल यही है कि मरने वालों की असल संख्या क्या है। पांच की आधिकारिक पुष्टि है, सात का दावा है, नौ का शोर है। अगली आधिकारिक जानकारी आने पर तस्वीर साफ होगी।

दूसरा, लापता दो नागा नागरिकों का क्या हुआ। उनका पता चलना सबसे जरूरी है।

तीसरा, चासाद में गोलीबारी की निष्पक्ष जांच होगी या नहीं। कुकी संगठनों ने केंद्र से उच्च स्तरीय जांच मांगी है। सरकार की ओर से अभी कोई जवाब नहीं आया है।

और आखिरी, बंद और निषेधाज्ञा के बीच क्या हिंसा थमेगी। फरवरी से चल रहे इस टकराव में हर नई घटना पुराने घाव को ताजा कर देती है। इस बार भी वही पैटर्न दिख रहा है।

📷 फोटो: IndianPolitics-Bihar, Wikimedia Commons (CC BY-SA 4.0)

Questions people ask

मणिपुर में अभी कहां हिंसा हो रही है?
ताजा हिंसा कामजोंग और उखरूल जिलों में हो रही है। चासाद गांव में शुक्रवार रात गोलीबारी में एक कुकी महिला की मौत हुई, शनिवार को निंगचौ में दो नागा नागरिक मारे गए। कांगपोकपी के मकुई अशांग और तापोन में सशस्त्र समूहों के बीच गोलीबारी हुई। उखरूल में एक किसान की हत्या और दो लोगों के लापता होने की खबर है।
मणिपुर में कुकी-नागा टकराव कब से चल रहा है?
पीटीआई के मुताबिक कुकी और नागा समुदायों के बीच हिंसा फरवरी 2026 में शुरू हुई थी। तब से अब तक 40 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं और दर्जनों घर जलाए गए हैं। हिंसा उखरूल, कामजोंग, कांगपोकपी, तामेंगलॉन्ग और नोनी जिलों के साथ सेनापति के कुछ हिस्सों में केंद्रित रही है।
मृतकों की संख्या को लेकर विवाद क्यों है?
अधिकारियों के हवाले से खबरों में कम से कम पांच मौतों की पुष्टि है। पूर्व मुख्यमंत्री बीरेन सिंह का दावा है कि एक ही दिन में सात लोग मारे गए, जिनमें दो कुकी नेशनल आर्मी (बर्मा) के सदस्य थे। इन दो मौतों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, इसलिए रिपोर्ट में पुष्ट आंकड़ा ही आधार बनाया गया है।
सरकार ने हिंसा पर क्या कदम उठाए हैं?
चासाद पुलिस गेट जंक्शन के 400 मीटर दायरे में निषेधाज्ञा लगाई गई है और पांच से ज्यादा लोगों के जमा होने पर पाबंदी है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से मिलकर शांति के प्रयासों में मदद का भरोसा दिया है। कमेटी ऑन ट्राइबल यूनिटी ने कांगपोकपी में 24 घंटे के बंद की घोषणा की है।

Sources

  1. The Hindu: At least five killed in fresh Manipur violence (thehindu.com)
  2. IANS via asiaPOST: Three killed in fresh Manipur clashes (asiapost.in)
  3. PTI via Deccan Herald: 3 killed in fresh violence in strife-hit Manipur (deccanherald.com)
  4. The Tribune: Five killed, 10 houses torched in fresh Kuki-Naga clashes (tribuneindia.com)

Editorial Note: This explainer was researched using verified primary sources and official notifications, then independently fact-checked, reviewed, and finalized under human editorial guidance by the Gagariya desk.

Keep reading

The day’s verified stories, one email, 7 am IST. No noise.