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लिकटेंस्टीन के प्रिंस अलोइस 25 अक्टूबर से भारत दौरे पर

By Gagariya Editorial Desk•24 Oct 2026 IST•2 min read•Human Reviewed & Fact-Checked
लिकटेंस्टीन के प्रिंस अलोइस 25 अक्टूबर से भारत दौरे पर
Photo: Own or licensed by the publisher

विदेश मंत्रालय ने शनिवार, 24 अक्टूबर को बताया कि लिकटेंस्टीन के कार्यकारी राष्ट्राध्यक्ष प्रिंस अलोइस 25 से 28 अक्टूबर तक भारत की राजकीय यात्रा पर रहेंगे। यह यात्रा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर हो रही है। प्रिंस अलोइस के साथ उनकी पत्नी प्रिंसेस सोफी, एक उच्चस्तरीय आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल और उद्योग जगत के नेताओं का एक व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल भी आएगा।

मोदी से बातचीत में क्या होगा

प्रधानमंत्री मोदी और प्रिंस अलोइस के बीच द्विपक्षीय बैठक होगी। विदेश मंत्रालय के अनुसार, इसमें व्यापार और निवेश, विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार तथा जन-संपर्क पर चर्चा होगी। दोनों नेता क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर भी विचार साझा करेंगे। प्रिंस अलोइस राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भी मिलेंगे, जो उनके सम्मान में आधिकारिक भोज देंगी। विदेश मंत्री एस. जयशंकर भी उनसे मुलाकात करेंगे।

यह दौरा क्यों अहम है

यह दौरा ऐसे समय हो रहा है, जब भारत और यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (EFTA) के बीच व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौता (TEPA) 2025 में लागू हो चुका है। इस समझौते में आइसलैंड, लिकटेंस्टीन, नॉर्वे और स्विट्ज़रलैंड शामिल हैं। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने जनवरी 2026 में लिकटेंस्टीन का दौरा किया था, जो किसी भारतीय कैबिनेट मंत्री की उस देश की पहली यात्रा थी। उस दौरे में उन्होंने प्रिंस अलोइस को फरवरी 2026 में नई दिल्ली में हुए India AI Impact Summit में आने का निमंत्रण भी सौंपा था।

टाइमलाइन

| तारीख | क्या हुआ | | 1993 | भारत और लिकटेंस्टीन के बीच राजनयिक संबंध स्थापित | | मार्च 2024 | भारत-EFTA TEPA पर हस्ताक्षर | | 1 अक्टूबर 2025 | TEPA लागू हुआ | | फरवरी 2026 | AI Impact Summit के दौरान हैदराबाद हाउस में मोदी-अलोइस बैठक | | 25–28 अक्टूबर 2026 | प्रिंस अलोइस की राजकीय यात्रा |

शब्दावली

  • EFTA: यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ, जिसमें आइसलैंड, लिकटेंस्टीन, नॉर्वे और स्विट्ज़रलैंड शामिल हैं।
  • TEPA: व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौता, जिस पर भारत और EFTA देशों ने हस्ताक्षर किए हैं।
  • राजकीय यात्रा: किसी राष्ट्राध्यक्ष की औपचारिक यात्रा, जिसमें राष्ट्रपति से मुलाकात और आधिकारिक भोज शामिल होता है।

आगे क्या

बातचीत के बाद दोनों पक्षों की ओर से साझा बयान या समझौतों की घोषणा हो सकती है, लेकिन इस बारे में अभी कुछ घोषित नहीं हुआ है। 25 से 28 अक्टूबर के बीच होने वाली बैठकों पर नज़र रहेगी, खासकर व्यापार और प्रौद्योगिकी सहयोग को लेकर।

📷 फोटो: Prime Minister's Office, Wikimedia Commons (GODL-India)

Questions people ask

प्रिंस अलोइस भारत कब आ रहे हैं?
25 से 28 अक्टूबर 2026 तक, राजकीय यात्रा पर।
इस यात्रा में किन मुद्दों पर बात होगी?
व्यापार और निवेश, विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार, जन-संपर्क, और क्षेत्रीय व वैश्विक घटनाक्रम।
प्रिंस अलोइस पहले भारत कब आए थे?
फरवरी 2026 में India AI Impact Summit के लिए, और इससे पहले 2010 और 2018 में।
भारत-EFTA TEPA क्या है?
भारत और EFTA देशों (आइसलैंड, लिकटेंस्टीन, नॉर्वे, स्विट्ज़रलैंड) के बीच व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौता, जो 1 अक्टूबर 2025 से लागू है।
इस यात्रा की घोषणा किसने की?
विदेश मंत्रालय ने 24 अक्टूबर 2026 को इसकी घोषणा की।

Sources

  1. New Kerala (newkerala.com)
  2. LatestLY (latestly.com)
  3. Indian News Network (indiannewsnetwork.net)

Editorial Note: This explainer was researched using verified primary sources and official notifications, then independently fact-checked, reviewed, and finalized under human editorial guidance by the Gagariya desk.

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