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कूनो में चीतनी ने दिए 5 शावक, भारत में गिनती 60 पहुंची

By Gagariya Editorial Desk•6 Oct 2026 IST•4 min read•Human Reviewed & Fact-Checked
कूनो में चीतनी ने दिए 5 शावक, भारत में गिनती 60 पहुंची
Photo: Own or licensed by the publisher

मां का जन्म भी यहीं हुआ था। KJP21 — 32 महीने की चीतनी — कूनो नेशनल पार्क की उसी धरती में पैदा हुईं, जहां अब उन्होंने पांच शावकों को जन्म दिया है।

केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने 5 अक्टूबर को X पर यह खबर साझा की — "Another historic and joyous milestone for Project Cheetah!" केंद्रीय मंत्री ने पशु चिकित्सकों, फील्ड स्टाफ, प्रबंधकों और प्रोजेक्ट चीता से जुड़े सभी लोगों को बधाई दी। (एनडीटीवी के अनुसार)

कहानी यहीं मुड़ती है। पहले अफ्रीका से लाए गए चीतों के यहां शावक हुए। अब यहां पैदा हुई मादाएं खुद मां बन रही हैं। KJP21 ऐसा करने वाली तीसरी भारतीय मूल की मादा हैं।

कौन है KJP21

उनके मां-पिता दोनों नामीबिया से आए थे — पावन (जिन्हें ओबान भी कहा जाता है) और सियाया (ज्वाला)। यह जानकारी न्यू इंडियन एक्सप्रेस ने दी है। उम्र 32 महीने, जन्म कूनो में।

मुखी — ज्वाला की ही बेटी — भारतीय मूल की पहली मादा थीं, जिन्होंने शावकों को पालने में कामयाबी पाई। KGP12 अब तक दो बार शावक दे चुकी हैं। अब यह क्रम KJP21 ने आगे बढ़ाया है। (न्यू इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार)

न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रैकिंग टीम ने जंगल में घूमती KJP21 के गर्भवती होने की पहचान की थी। इसके बाद कुछ दिन पहले उन्हें सुरक्षित बाड़े में ले जाया गया — और वहीं शावक पैदा हुए।

60 तक का सफर

पांच शावकों के साथ भारत में चीतों की कुल संख्या 60 हो गई है। इनमें 41 चीते भारत में पैदा हुए हैं। कूनो नेशनल पार्क श्योपुर जिले में है, उत्तरी मध्य प्रदेश में। न्यू इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, 56 चीते कूनो में हैं और चार — दक्षिण अफ्रीका और बोत्सवाना मूल के वयस्क — पश्चिमी मध्य प्रदेश के गांधी सागर वन्यजीव अभयारण्य में हैं।

प्रोजेक्ट चीता की संस्थापक आबादी की कहानी तीन खेपों में है:

खेप संख्या मूल देश समय
पहली 8 नामीबिया सितंबर 2022
दूसरी 12 दक्षिण अफ्रीका फरवरी 2023
तीसरी 9 बोत्सवाना —

(तालिका के आंकड़े न्यू इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार; आईएएनएस की रिपोर्ट भी संस्थापक आबादी 20 और बोत्सवाना के 9 चीतों की पुष्टि करती है।)

पहली खेप — नामीबिया के आठ चीते — सितंबर 2022 में कूनो पहुंचे। प्रोजेक्ट चीता की शुरुआत यहीं से हुई। दूसरी खेप फरवरी 2023 में दक्षिण अफ्रीका से आई। तीसरी खेप में बोत्सवाना से नौ चीते लाए गए — छह मादाएं, तीन नर।

बोत्सवाना लाइनेज क्यों अहम

पांचों शावकों के पिता बोत्सवाना मूल के नर हैं। यानी ये भारतीय मूल के पहले ऐसे शावक हैं, जिनमें बोत्सवाना का आनुवंशिक वंश है। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने इसे भारत में बोत्सवाना लाइनेज की शुरुआत बताया और कहा कि यह भारत की बढ़ती चीता आबादी में एक नया आनुवंशिक वंश जोड़ता है।

टाइम्स ऑफ इंडिया ने भी यही लिखा है — इस जन्म का आनुवंशिक महत्व है। नई वंशावली आबादी की जीन विविधता बढ़ाती है, और यही लंबे समय में किसी आबादी के टिके रहने की बुनियाद बनती है।

यादव ने X पर लिखा, "Another historic and joyous milestone for Project Cheetah!" उनके अनुसार, KJP21 अब 'the next generation of India's cheetah population' के उभार की प्रतीक हैं। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी पोस्ट कर इसे प्रोजेक्ट चीता के लिए गर्व का क्षण बताया।

तारीख को लेकर भिन्नता

एक बात नोट करने लायक है। एनडीटीवी और न्यू इंडियन एक्सप्रेस ने जन्म सोमवार, 5 अक्टूबर को बताया है, और केंद्रीय मंत्री की X पोस्ट भी 5 अक्टूबर की ही है। लेकिन टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट में जन्म का दिन 'रविवार' लिखा गया है। यानी तारीख को लेकर स्रोत एकमत नहीं हैं। बाकी सभी मुख्य तथ्यों — संख्या, मां, वंश — पर तीनों सहमत हैं।

तीसरी पीढ़ी का मतलब

टाइम्स ऑफ इंडिया ने अधिकारियों के हवाले से लिखा है कि यह जन्म एक बड़े बदलाव की निशानी है। अब तक प्रोजेक्ट चीता का चरण अफ्रीका से चीते लाने का था। अब लक्ष्य भारतीय धरती पर प्रजनन के जरिए आत्मनिर्भर आबादी बनाना है — और कूनो में पैदा हुई मादा का खुद मां बनना इसी दिशा में कदम है।

यही बात केंद्रीय मंत्री ने अपने पोस्ट में दूसरे शब्दों में कही — "Another generation born on Indian soil, adding yet another beautiful chapter to the remarkable story of cheetah reintroduction in India." यानी भारतीय धरती पर जन्मी एक और पीढ़ी। (एनडीटीवी के अनुसार)

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी पोस्ट में इसे प्रोजेक्ट चीता के लिए गर्व का क्षण बताया। न्यू इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, उन्होंने लिखा कि यह "India's journey towards restoring its cheetah population and strengthening wildlife conservation" का अहम पड़ाव है।

आगे क्या

टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार, मां और शावकों की आने वाले दिनों में कड़ी निगरानी होगी। वन अधिकारियों का कहना है कि शावकों के शुरुआती दिन नाजुक होते हैं — जंगली हालात में शावकों की मृत्यु दर ऊंची रह सकती है।

इसके बाद एक बड़ा कदम तय है। न्यू इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, कूनो के चीते वीरणगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व भेजे जाने की योजना है — यह राज्य का सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व है और आने वाले दिनों में देश का पहला ऐसा टाइगर रिजर्व बन सकता है, जहां चीते भी रहेंगे।

स्टेट्समैन के अनुसार, यह जन्म वन्यजीव सप्ताह 2026 के दौरान हुआ है। ऐसे में कूनो की यह खुशखबरी सिर्फ एक आंकड़ा नहीं — यह इस बात का सबूत है कि चीतों की अगली पीढ़ी अब भारत की धरती पर ही जन्म ले रही है।

Questions people ask

KJP21 कौन है?
KJP21 कूनो नेशनल पार्क में पैदा हुई 32 महीने की चीतनी हैं। उनके मां-पिता — पावन (ओबान) और सियाया (ज्वाला) — नामीबिया से आए थे। वह भारतीय मूल की तीसरी मादा हैं, जिन्होंने शावक दिए; इससे पहले मुखी और KGP12 मां बन चुकी थीं। यह जानकारी न्यू इंडियन एक्सप्रेस ने दी है।
भारत में अब कितने चीते हैं?
पांच नए शावकों के साथ भारत में चीतों की कुल संख्या 60 हो गई है। इनमें 41 चीते भारत में पैदा हुए हैं। न्यू इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, 56 चीते कूनो नेशनल पार्क में हैं और चार गांधी सागर वन्यजीव अभयारण्य में रखे गए हैं। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने X पर यह जानकारी दी।
बोत्सवाना लाइनेज का क्या मतलब है?
पांचों शावकों के पिता बोत्सवाना से लाए गए नर चीते हैं। इसलिए ये भारतीय मूल के पहले शावक हैं, जिनमें बोत्सवाना का आनुवंशिक वंश है। केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि यह नया वंश भारत की बढ़ती चीता आबादी में जीन विविधता जोड़ेगा और आबादी को लंबे समय तक टिकाए रखने में मदद करेगा।
प्रोजेक्ट चीता क्या है?
प्रोजेक्ट चीता भारत में चीतों की पुनःस्थापना की महत्वाकांक्षी योजना है। न्यू इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, सितंबर 2022 में नामीबिया से आठ, फरवरी 2023 में दक्षिण अफ्रीका से बारह और बाद में बोत्सवाना से नौ चीते कूनो लाए गए। लक्ष्य ऐसी आबादी बनाना है, जो भारत की धरती पर खुद पनपे और बढ़े।

Sources

  1. New Indian Express — Five cubs born at Kuno, marking start of Botswanan cheetah lineage in India (newindianexpress.com)
  2. NDTV — India-Born Cheetah Gives Birth To 5 Cubs At Kuno National Park (ndtv.com)
  3. Times of India — Tiny paws, big milestone: 5 cheetah cubs born at MP's Kuno National Park, India's count reaches 60 (timesofindia.indiatimes.com)
  4. The Statesman — Kuno National park welcomes five Cheetah cubs, population reaches 60 (thestatesman.com)
  5. IANS via The Hawk — Project Cheetah: Environment Minister Bhupender Yadav celebrates arrival of 5 cubs (thehawk.in)

Editorial Note: This explainer was researched using verified primary sources and official notifications, then independently fact-checked, reviewed, and finalized under human editorial guidance by the Gagariya desk.

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