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क्रशर विवाद में पूर्व भाजपा विधायक की भीड़ हत्या

By Gagariya Editorial Desk•12 Oct 2026 IST•5 min read•Human Reviewed & Fact-Checked
क्रशर विवाद में पूर्व भाजपा विधायक की भीड़ हत्या
Photo: Own or licensed by the publisher

रविवार शाम भरतपुर के भोंदा गांव में जो झड़प हुई, उसने एक पूर्व विधायक की जान ले ली। अतर सिंह भड़ाना को गंभीर हालत में पहले वेयर के अस्पताल ले जाया गया। फिर जयपुर के एसएमएस अस्पताल रेफर किया गया। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

पुलिस के अनुसार भड़ाना और उनके साथी गगन शर्मा पर भीड़ ने लाठी-डंडों और पत्थरों से हमला किया। शर्मा भी गंभीर रूप से घायल हुए। दोनों को पहले वेयर के अस्पताल पहुंचाया गया, जहां से भड़ाना को जयपुर और शर्मा को भरतपुर रेफर किया गया।

भुसावर के सर्किल अधिकारी नीरज भारद्वाज ने पीटीआई से घटना की पुष्टि की। सोमवार सुबह पुलिस ने बताया कि भड़ाना का शव पोस्टमॉर्टम के लिए मोर्चरी में रखा गया है। पुलिस का कहना है कि यह हमला क्रशर दोबारा शुरू करने को लेकर चल रहे पुराने विवाद के बीच हुआ।

विवाद की जड़ कहां है

यह टकराव रातोंरात नहीं पनपा। ग्रामीणों के अनुसार भड़ाना का क्रशर करीब एक साल से बंद था। इसे दोबारा शुरू करने की कोशिशों के बाद दोनों पक्षों में तनाव बढ़ा। गांव के लोगों का आरोप है कि क्रशर ने चारागाह जमीन पर कब्जा किया और अवैध खनन किया जा रहा है।

न्यू इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार खनन पट्टा भड़ाना की पत्नी कमलेश के नाम पर है। ग्रामीणों का दावा है कि क्रशर गांव की पहाड़ियों के पास बना है और खनन वाहनों की आवाजाही उस जमीन से हो रही है, जिसे वे ग्राम पंचायत की चारागाह भूमि बताते हैं। विरोध में सड़क जाम और धरने भी हुए। पुलिस के मुताबिक ग्रामीण पिछले 10 से 15 दिन से प्रस्तावित क्रशर के खिलाफ शांतिपूर्ण धरने पर थे।

द वीक की रिपोर्ट इस विवाद को और पुराना बताती है। उसके अनुसार खनन और अतिक्रमण को लेकर गांव में दो साल से विरोध चल रहा था और पिछले 15 दिन से धरना जारी था। यहां दो रिपोर्टों के बीच अंतर साफ है, पर धरने का तथ्य दोनों में एक जैसा है।

उस शाम आखिर हुआ क्या

रविवार शाम के घटनाक्रम पर दोनों पक्षों के बयान एक-दूसरे से टकराते हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि भड़ाना शाम को 40 से 50 लोगों के साथ मौके पर पहुंचे और धरने पर बैठे लोगों को हटाने की कोशिश की। इसी के बाद झड़प भड़की।

दूसरी ओर, हमले में घायल गगन शर्मा ने मीडिया से कहा कि घटना के समय मौके पर मौजूद लोग खाना खा रहे थे। तभी पहाड़ी की ओर से आए एक समूह ने बिजली काट दी। शर्मा का आरोप है कि उन्हें सिर पर वार किया गया और वे बेहोश हो गए।

पुलिस के अपने खाते के अनुसार भड़ाना ने रविवार को कोर्ट की अनुमति लेकर काम दोबारा शुरू किया था, जिसके बाद ग्रामीण वहां जमा हुए। पुलिस ने यह भी कहा कि दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर मारपीट का आरोप लगाया है। एबीपी लाइव के अनुसार रविवार शाम 70 से 80 लोगों के समूह ने क्रशर परिसर में धावा बोला था। यह संख्या सिर्फ एक ही रिपोर्ट में आई है, इसलिए इसे तयशुदा आंकड़ा नहीं माना जा सकता।

पत्नी का आरोप और गोली के शक की जांच

भड़ाना की पत्नी कमलेश सिंह ने द वीक से बातचीत में कहा कि विरोध करने वाले लोग लंबे समय से क्रशर की बिजली काट रहे थे, पानी के पंप को नुकसान पहुंचा रहे थे और कर्मचारियों को डरा-धमका रहे थे। उनके अनुसार इन घटनाओं की शिकायत पुलिस और प्रशासन को बार-बार दी गई, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।

परिवार को यह भी शक था कि भड़ाना को गोली मारी गई होगी। हालांकि स्थानीय अस्पताल के डॉक्टरों की शुरुआती जांच में गोली लगने का निशान नहीं मिला। पोस्टमॉर्टम मेडिकल बोर्ड से कराया गया है।

पुलिस ने अब तक क्या किया

सोमवार सुबह भरतपुर के एसपी राजेश मीणा ने बताया कि कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है और पुलिस की टीमें छिपे ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। मीणा के अनुसार केस दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है और शव पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया है।

सुरक्षा के लिए भोंदा, रायपुर और आसपास के इलाकों में 200 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। वरिष्ठ अधिकारी खुद मौके पर पहुंचकर व्यवस्था संभाल रहे हैं।

पुलिस के बयानों में यहां अंतर दिखा। द वीक के अनुसार पुलिस ने पहले कहा था कि किसी भी पक्ष की ओर से कोई केस दर्ज नहीं हुआ है। इसके उलट, न्यू इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार एसपी मीणा ने बताया कि केस दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है। दोनों बयानों में यह अंतर सोमवार दोपहर तक साफ था। मामले की कानूनी कार्रवाई अभी चल रही है।

राजनीति में उबाल

घटना के बाद राजस्थान में बयानबाजी तेज हो गई। कांग्रेस ने भजनलाल शर्मा सरकार को घेरा। डेक्कन क्रॉनिकल के अनुसार भरतपुर मुख्यमंत्री का गृह जिला है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि सीएम के गृह जिले में पूर्व भाजपा विधायक की हत्या कानून-व्यवस्था के पूरी तरह ढह जाने का सबूत है।

कांग्रेस नेता प्रहलाद गुंजल ने आरोप लगाया कि धमकियां मिलने के बाद भड़ाना ने सुरक्षा मांगी थी। गुंजल के अनुसार भड़ाना ने मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क किया था, लेकिन उनकी बात पर ध्यान नहीं दिया गया। गुंजल ने हमले के बाद इलाज में कोताही का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार एनकाउंटर और बुलडोजर की बयानबाजी से वोट मांगती है, पर अपने ही पूर्व विधायक की रक्षा नहीं कर सकी।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने सोशल मीडिया पर सवाल उठाया कि जब एक पूर्व विधायक सुरक्षित नहीं है तो आम नागरिक खुद को कैसे सुरक्षित समझे।

सोशल मीडिया पर भी यह घटना दिन भर चर्चा में रही। कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने दैनिक भास्कर की कटिंग साझा कर दोषियों की जल्द गिरफ्तारी और निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। उनकी पोस्ट पर हजारों प्रतिक्रियाएं आईं, जिनमें राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए गए।

भड़ाना का सियासी सफर

न्यू इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार अतर सिंह भड़ाना हरियाणा के मूल निवासी थे और 2003 से 2008 तक राजस्थान विधानसभा में बयाना से भाजपा विधायक रहे। एबीपी लाइव के अनुसार वे भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष भी रहे थे।

नाम की वर्तनी को लेकर भी अंतर है। पीटीआई की वायर खबरों में नाम "अतर सिंह भड़ाना" लिखा गया है, जबकि द वीक ने "अत्तार सिंह भड़ाना" लिखा है।

घटना का क्रम

समय क्या हुआ
लगभग एक साल क्रशर बंद; दोबारा शुरू करने की कोशिश पर तनाव
10-15 दिन पहले क्रशर के खिलाफ ग्रामीणों का शांतिपूर्ण धरना शुरू
रविवार शाम, 11 अक्टूबर भोंदा गांव के क्रशर स्थल पर झड़प; भड़ाना और साथी घायल
रविवार रात वेयर से जयपुर के एसएमएस अस्पताल रेफर; इलाज के दौरान मौत
सोमवार, 12 अक्टूबर पोस्टमॉर्टम, शव परिजनों को सौंपा गया; 200+ जवान तैनात; कुछ संदिग्ध हिरासत में

आगे क्या

आगे निगाहें पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट पर होंगी। हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ में क्या निकलता है, यह भी अहम होगा। और वह केस, जिसे लेकर पुलिस के बयान अब भी अलग-अलग हैं, कब और किन धाराओं में दर्ज होता है — इसका इंतजार रहेगा।

Questions people ask

अतर सिंह भड़ाना कौन थे?
न्यू इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार अतर सिंह भड़ाना हरियाणा के मूल निवासी थे और 2003 से 2008 तक राजस्थान विधानसभा में बयाना से भाजपा विधायक रहे। एबीपी लाइव के अनुसार वे भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष भी रहे थे। नाम की वर्तनी पीटीआई वायर में "अतर" और कुछ रिपोर्टों में "अत्तार" लिखी गई है।
क्रशर को लेकर विवाद की जड़ क्या थी?
ग्रामीणों का आरोप है कि भड़ाना के क्रशर ने चारागाह जमीन पर कब्जा किया और अवैध खनन हो रहा था। न्यू इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार खनन पट्टा उनकी पत्नी कमलेश के नाम पर था। क्रशर करीब एक साल से बंद था और इसे दोबारा शुरू करने की कोशिश पर तनाव बढ़ा। 10 से 15 दिन से ग्रामीण धरने पर थे।
रविवार शाम आखिर हुआ क्या?
ग्रामीणों का आरोप है कि भड़ाना 40 से 50 लोगों के साथ धरनार्थियों को हटाने आए, जिससे झड़प भड़की। साथी गगन शर्मा का बयान है कि समूह ने बिजली काटकर हमला किया। पुलिस के अनुसार भड़ाना ने कोर्ट की अनुमति लेकर रविवार को काम दोबारा शुरू किया था। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर मारपीट का आरोप लगाया है।
पुलिस ने अब तक क्या कार्रवाई की है?
भरतपुर के एसपी राजेश मीणा के अनुसार कुछ संदिग्ध हिरासत में लिए गए हैं और छिपे ठिकानों पर छापेमारी चल रही है। भोंदा, रायपुर और आसपास 200 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात हैं। मेडिकल बोर्ड से पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। केस दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है।

Sources

  1. Times of India (PTI) — Former Rajasthan BJP MLA beaten to death amid stone crusher dispute (timesofindia.indiatimes.com)
  2. New Indian Express — Former BJP MLA Bhadana killed in clash over stone crusher in Bharatpur (newindianexpress.com)
  3. The Week — What led to mob killing of former BJP MLA Attar Singh Bhadana in Bharatpur? (theweek.in)
  4. Deccan Chronicle — Rajasthan Ex-BJP MLA Killed By Villagers Over Stone Crusher Dispute (deccanchronicle.com)
  5. ABP Live — Former BJP MLA Atar Singh Bhadana Killed In Mining Dispute In Rajasthan (news.abplive.com)
  6. Economic Times — Ex-BJP MLA Bhadana killed by villagers following dispute over restarting stone crusher in Bharatpur (economictimes.indiatimes.com)

Editorial Note: This explainer was researched using verified primary sources and official notifications, then independently fact-checked, reviewed, and finalized under human editorial guidance by the Gagariya desk.

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