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कैबिनेट फैसला: NSAP अब 'प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना'

By Gagariya Editorial Desk•17 Oct 2026 IST•4 min read•Human Reviewed & Fact-Checked
कैबिनेट फैसला: NSAP अब 'प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना'
Photo: Own or licensed by the publisher

क्या फैसला हुआ है

14 अक्टूबर 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) को अगले पाँच साल — 2026-27 से 2030-31 तक — जारी रखने को हरी झंडी दी। सरकार के बयान के अनुसार इस अवधि के लिए 53,428 करोड़ रुपये का परिव्यय मंजूर हुआ है।

सबसे बड़ा बदलाव नाम में है। NSAP अब 'प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना' (Pradhan Mantri Samajik Sahayata Yojana) कहलाएगी। DD India के अनुसार इस फैसले से देश के सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लगभग 3.20 करोड़ लाभार्थियों को फायदा मिलेगा। यह योजना ग्रामीण विकास मंत्रालय के तहत चलती है और इसमें 100% केंद्रीय सहायता मिलती है, ताकि पूरे देश में एक जैसा सहारा पहुँचे।

नाम क्यों बदले गए

मंत्रिमंडल ने NSAP की चारों उप-योजनाओं के नाम भी बदल दिए। सबसे चर्चित बदलाव: तीन पेंशन योजनाओं के नाम से 'इंदिरा गांधी' शब्द हटा दिया गया है। The Hindu के अनुसार सरकार ने कहा है कि वृद्धावस्था और विधवा पेंशन तथा पारिवारिक लाभ योजना "मौजूदा रूप में" जारी रहेंगी — यानी बदला सिर्फ नाम है, लाभ नहीं।

पुराना नाम नया नाम
राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना प्रधानमंत्री वृद्धावस्था पेंशन योजना
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना प्रधानमंत्री विधवा पेंशन योजना
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांगजन पेंशन योजना प्रधानमंत्री दिव्यांगजन पेंशन योजना
राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना प्रधानमंत्री परिवार लाभ योजना

किसे कितना मिलेगा

वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन और पारिवारिक लाभ योजना पहले की तरह ही चलेंगी — इनकी राशि में कोई बदलाव नहीं हुआ है। असली बदलाव दिव्यांगजन पेंशन में हुआ है। DD India के अनुसार संशोधित 'प्रधानमंत्री दिव्यांगजन पेंशन योजना' में:

लाभार्थी की आयु मासिक सहायता
79 वर्ष तक ₹375
80 वर्ष और उससे अधिक ₹625

सरकार का कहना है कि दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 के तहत दिव्यांगजनों को मिलने वाली सहायता अन्य श्रेणियों की तुलना में कम से कम 25% अधिक होनी चाहिए — इसी प्रावधान को ध्यान में रखकर राशि तय की गई है।

दिव्यांग पेंशन की पात्रता में बड़ा बदलाव

यह इस फैसले का सबसे अहम हिस्सा है। अब तक दिव्यांग पेंशन सिर्फ 80% या उससे अधिक दिव्यांगता वाले लोगों को मिलती थी। अब यह सीमा घटाकर 40% — यानी 'बेंचमार्क दिव्यांगता' — कर दी गई है। साथ ही न्यूनतम आयु की शर्त भी खत्म: अब जन्म से ही पात्रता शुरू होगी।

DD India के अनुसार सरकार ने कहा है कि 2016 के दिव्यांगजन अधिकार कानून के बाद पेंशन की पात्रता को 40% की सीमा से जोड़ना जरूरी हो गया था। इसका सीधा मतलब है कि 40% से 80% के बीच दिव्यांगता वाले लाखों लोग — जो अब तक योजना के दायरे से बाहर थे — अब इसके हकदार हो सकेंगे।

आलोचना भी हुई

हर बड़े फैसले की तरह इस पर भी सवाल उठे हैं। The Hindu के अनुसार कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि पाँच साल के लिए बजट तय कर देने से महँगाई और बढ़ती लाभार्थी संख्या का हिसाब छूट गया है। अजीम प्रेमजी विश्वविद्यालय के राजेंद्रन नारायणन ने कहा कि मौजूदा लाभार्थियों के लिए भी 5% महँगाई दर से हिसाब लगाएँ तो करीब 55,698 करोड़ रुपये की जरूरत होगी। उनका तर्क है कि यह फैसला लाभार्थियों की संख्या स्थिर रहने के अनुमान पर टिका है।

आगे क्या होगा

सरकार ने कहा है कि पात्रता, लाभार्थियों की संख्या और सहायता राशि में बदलावों से जुड़े संशोधित दिशा-निर्देश तीन महीने के भीतर जारी करके लागू कर दिए जाएँगे। यानी जनवरी 2027 तक नई व्यवस्था के नियम साफ हो जाने चाहिए।

पृष्ठभूमि के तौर पर: NSAP 15 अगस्त 1995 को शुरू हुई थी। DD India के अनुसार यह संविधान के अनुच्छेद 41 (राज्य के नीति-निदेशक तत्व) के तहत केंद्र की जिम्मेदारी निभाने के लिए बनाई गई थी। यह पूरी तरह केंद्र के पैसे से चलने वाली योजना है।

स्रोतों में दो असहमतियाँ

खबरों की जाँच में दो बिंदुओं पर फर्क दिखा, इसलिए दोनों दर्ज किए जा रहे हैं — कोई पक्ष नहीं लिया जा रहा:

  1. लाभार्थियों की संख्या: सरकार के बयान और DD India के अनुसार लगभग 3.20 करोड़ लोगों को फायदा मिलेगा। वहीं The Hindu ने अजीम प्रेमजी विश्वविद्यालय की हैंडबुक के हवाले से लिखा है कि NSAP की तीनों पेंशन योजनाओं में लाभार्थियों की अधिकतम संख्या 3.09 करोड़ तय है, जबकि राज्य सरकारें अपने खर्च पर 5.86 करोड़ अतिरिक्त लाभार्थियों को जोड़ती हैं — कुल कवरेज 8.95 करोड़ है।
  2. विधवा योजना का अंग्रेजी नाम: DD India ने "Pradhan Mantri Vidhawa Pension Yojana" लिखा है, जबकि The Hindu ने "Pradhan Mantri Vidhwa Pension Yojana"। यह सिर्फ लिप्यंतरण का फर्क है; आधिकारिक हिंदी नाम दोनों जगह 'प्रधानमंत्री विधवा पेंशन योजना' ही है।

आपके लिए मुख्य बातें

  • अगर आप या परिवार का कोई सदस्य पहले से NSAP की किसी योजना का लाभ ले रहा है, तो पेंशन बंद नहीं होगी — बदलेगा सिर्फ योजना का नाम।
  • 40% से 80% के बीच दिव्यांगता वाले लोग अब दिव्यांग पेंशन के दायरे में आ सकते हैं; पहले वे बाहर थे।
  • जन्म से दिव्यांग बच्चों के परिवारों के लिए भी अब पेंशन का रास्ता खुला है।
  • 80 साल से अधिक उम्र के दिव्यांग लाभार्थियों को 625 रुपये महीना मिलेंगे।
  • नए दिशा-निर्देश तीन महीने में आएँगे — आवेदन की प्रक्रिया उसके बाद साफ होगी।
  • राज्यों की अपनी पेंशन योजनाएँ अलग से चलती रहेंगी; केंद्र की यह योजना उसके अतिरिक्त है।

Questions people ask

NSAP का नया नाम क्या है?
राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम अब 'प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना' कहलाएगा। 14 अक्टूबर 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इसे 2026-27 से 2030-31 तक पाँच साल के लिए 53,428 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ जारी रखने को मंजूरी दी।
दिव्यांग पेंशन के लिए अब कितनी दिव्यांगता चाहिए?
अब 40% बेंचमार्क दिव्यांगता से ही पात्रता शुरू होगी, जबकि पहले 80% जरूरी थी। न्यूनतम आयु की शर्त भी हटा दी गई है — जन्म से पात्रता मिलेगी। 79 साल तक 375 रुपये और 80 साल के बाद 625 रुपये महीना सहायता मिलेगी।

Sources

  1. DD India (ddindia.co.in)
  2. The Hindu (thehindu.com)

Editorial Note: This explainer was researched using verified primary sources and official notifications, then independently fact-checked, reviewed, and finalized under human editorial guidance by the Gagariya desk.

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