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जियो IPO: ₹37,700 करोड़ का इश्यू, 21 अक्टूबर से खुलेगा

By Gagariya Editorial Desk•6 Oct 2026 IST•6 min read•Human Reviewed & Fact-Checked
जियो IPO: ₹37,700 करोड़ का इश्यू, 21 अक्टूबर से खुलेगा
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₹37,700 करोड़ का टारगेट: तारीखें लगभग तय

₹37,700 करोड़। भारत के शेयर बाजार ने एक बार में इतनी बड़ी रकम का इश्यू आज तक नहीं देखा।

जियो प्लेटफॉर्म्स अपना आईपीओ 21 अक्टूबर को खोलेगी और 23 अक्टूबर को बंद करेगी। दो बड़े प्रकाशनों के सूत्रों के मुताबिक एंकर बुक 19 अक्टूबर को खुलेगी, शेयरों का आवंटन 26 अक्टूबर को होगा और लिस्टिंग 28 अक्टूबर को एनएसई और बीएसई पर प्रस्तावित है। इकॉनॉमिक टाइम्स से बातचीत में मामले की जानकारी रखने वाले एक व्यक्ति ने कहा कि कंपनी 30 अक्टूबर से पहले सारी औपचारिकताएं पूरी कर लेना चाहती है।

रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस दाखिल करने की तारीख पर रिपोर्टों में थोड़ा फर्क है। इकॉनॉमिक टाइम्स के सूत्रों के अनुसार आरएचपी 12 अक्टूबर के बाद दाखिल होगा, जबकि फॉर्च्यून इंडिया के सूत्र 15 या 16 अक्टूबर की तारीख बता रहे हैं। फर्क छोटा है, पर यह बताता है कि अभी कुछ भी अंतिम नहीं है। दोनों ही रिपोर्टों में सूत्रों ने साफ कहा है कि लिस्टिंग की तारीख बाजार की हालत के हिसाब से बदल भी सकती है।

हुंडई का रिकॉर्ड टूटेगा?

अभी तक भारत का सबसे बड़ा आईपीओ हुंडई मोटर इंडिया का है — 2024 में ₹27,859 करोड़ का इश्यू। जियो प्लेटफॉर्म्स का अनुमानित ₹37,700 करोड़ (लगभग 4 अरब डॉलर) उससे कहीं आगे निकल जाएगा। इकॉनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का हालिया ₹22,562 करोड़ का इश्यू देश का दूसरा सबसे बड़ा इश्यू है।

शेयरों की संख्या भी तय है: कुल 27 करोड़ नए शेयर जारी होंगे। इकॉनॉमिक टाइम्स ने ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस के हवाले से लिखा है कि यह इश्यू के बाद कंपनी की कुल इक्विटी का लगभग 2.9% होगा।

पूरा पैसा कंपनी के खाते में

इस आईपीओ की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह पूरी तरह फ्रेश इश्यू होगा। कोई ऑफर फॉर सेल नहीं। यानी पुराने शेयरधारक अपने शेयर नहीं बेच रहे — जुटा सारा पैसा कंपनी के काम आएगा।

फॉर्च्यून इंडिया ने आईपीओ दस्तावेजों के हवाले से लिखा है कि करीब ₹27,500 करोड़ रिलायंस जियो इन्फोकॉम के कर्ज की आंशिक या पूर्ण अदायगी में लगेगा। बाकी रकम सामान्य कॉर्पोरेट कामों के लिए रखी जाएगी, जिसकी सीमा सकल इश्यू राशि के 25% तक तय है। इकॉनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट भी यही आंकड़ा दोहराती है — रिलायंस जियो इन्फोकॉम के ₹27,500 करोड़ तक के कर्ज की प्रीपेमेंट।

कंपनी का कहना है कि इस डिलीवेरेजिंग से शुद्ध कर्ज और उस पर लगने वाली लागत घटेगी, और कंपनी की कुल वित्तीय स्थिति मजबूत होगी।

वैल्यूएशन पर राय बंटी हुई है

यहां सूत्रों की राय बंटी हुई है — और इसे छिपाने की जरूरत नहीं।

फॉर्च्यून इंडिया के सूत्रों के मुताबिक जियो प्लेटफॉर्म्स का बेस वैल्यूएशन ₹13 लाख करोड़ से ऊपर रहेगा। प्राइस बैंड ₹1,300 से ₹1,450 प्रति शेयर के बीच रहने की संभावना है। बाजार की धारणा सुधरी तो ऊपरी छोर पर वैल्यूएशन ₹15 लाख करोड़ को छू सकता है।

वहीं इकॉनॉमिक टाइम्स के सूत्र ₹1,150 से ₹1,220 प्रति शेयर का प्राइस बैंड बता रहे हैं। दोनों अनुमानों के बीच करीब ₹150 से ₹200 का फर्क है — यह कोई छोटा फर्क नहीं। लाइवमिंट में पीटीआई के हवाले से बताया गया कि बैंकिंग सूत्र 143 से 146 अरब डॉलर, यानी कम से कम ₹12 लाख करोड़ के वैल्यूएशन की उम्मीद कर रहे हैं।

अंतिम प्राइस बैंड मर्चेंट बैंकर तय करेंगे, कई कारकों को देखकर। फिलहाल कोई भी आंकड़ा आधिकारिक नहीं है।

ग्रे मार्केट क्या बोल रहा है

लाइवमिंट की रिपोर्ट के मुताबिक सोमवार को ग्रे मार्केट प्रीमियम ₹160 तक पहुंच गया। इससे पिछले दो सत्रों में यह ₹145 और ₹120 था। यानी अनौपचारिक बाजार में निवेशकों की दिलचस्पी लगातार बढ़ रही है।

पर यहां एक चेतावनी भी जरूरी है। ग्रे मार्केट के भाव अनौपचारिक होते हैं। यह आईपीओ के अंतिम वैल्यूएशन का भरोसेमंद संकेत नहीं देते, और आईपीओ खुलने से पहले बदल भी सकते हैं। यह चेतावनी लाइवमिंट की रिपोर्ट में साफ लिखी है।

भारत के सबसे बड़े आईपीओ

आईपीओ इश्यू आकार साल स्थिति
जियो प्लेटफॉर्म्स लगभग ₹37,700 करोड़ 2026 प्रस्तावित (अनुमानित)
हुंडई मोटर इंडिया ₹27,859 करोड़ 2024 पूर्ण — अब तक का रिकॉर्ड
एनएसई ₹22,562 करोड़ 2026 हालिया — दूसरा सबसे बड़ा

दो दशक बाद रिलायंस समूह का पहला आईपीओ

इकॉनॉमिक टाइम्स के मुताबिक यह करीब 20 साल में रिलायंस समूह का पहला सार्वजनिक इश्यू होगा। समूह आखिरी बार 2006 में बाजार में आया था, रिलायंस पेट्रोलियम की लिस्टिंग के साथ।

जियो प्लेटफॉर्म्स में विदेशी निवेशकों की लंबी सूची है। इकॉनॉमिक टाइम्स ने ड्राफ्ट दस्तावेजों के हवाले से लिखा है कि मेटा की सहयोगी जाधू होल्डिंग्स के पास 9.98% हिस्सेदारी है और गूगल इंटरनेशनल के पास 7.73%। इसके अलावा सऊदी अरब का पब्लिक इन्वेस्टमेंट फंड, सिल्वर लेक और विस्टा इक्विटी की सहयोगी इकाइयां, जनरल अटलांटिक, केकेआर समर्थित इकाइयां और अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी से जुड़े वाहन भी निवेशक हैं। कुल मिलाकर संस्थागत और बड़े निवेशकों के पास कंपनी की लगभग 30.9% हिस्सेदारी है।

फॉर्च्यून इंडिया के मुताबिक गूगल और मेटा समेत ये निवेशक 2020 में ₹4.62 लाख करोड़ से ₹5.16 लाख करोड़ के एंटरप्राइज वैल्यूएशन पर आए थे। ₹13 से ₹15 लाख करोड़ के वैल्यूएशन पर उनका निवेश करीब तीन गुना हो जाएगा।

प्रवर्तक और प्रवर्तक समूह के पास 66.43% हिस्सेदारी है, जबकि पब्लिक शेयरधारकों के पास 33.57% — यह आंकड़ा मार्च 2026 की स्थिति का है। फॉर्च्यून इंडिया ने आईपीओ दस्तावेजों के हवाले से लिखा है कि आईपीओ पूरी तरह फ्रेश इश्यू होने की वजह से रिलायंस इंडस्ट्रीज का नियंत्रण प्रभावित नहीं होगा।

कंपनी की सेहत: आंकड़े क्या कहते हैं

फॉर्च्यून इंडिया ने आईपीओ दस्तावेजों के हवाले से कंपनी के वित्तीय आंकड़े भी दिए हैं। वित्त वर्ष 26 में परिचालन आय ₹1.47 लाख करोड़ रही, जो वित्त वर्ष 25 के ₹1.28 लाख करोड़ और वित्त वर्ष 24 के ₹1.10 लाख करोड़ से ज्यादा है। शुद्ध लाभ वित्त वर्ष 26 में ₹30,049 करोड़ पहुंचा, जबकि वित्त वर्ष 25 में ₹26,109 करोड़ और वित्त वर्ष 24 में ₹21,423 करोड़ था। ईबीआईटीडीए ₹76,255 करोड़ रहा, यानी मार्जिन 51.9%।

कर्ज का अनुपात भी घटा है। नेट लेवरेज रेश्यो वित्त वर्ष 24 में 0.88 गुना से घटकर वित्त वर्ष 25 में 0.71 गुना और वित्त वर्ष 26 में 0.36 गुना रह गया। ग्राहक आधार वित्त वर्ष 26 के अंत में 52.44 करोड़ पहुंचा, एक साल पहले यह 48.82 करोड़ था।

फॉर्च्यून इंडिया के मुताबिक कंपनी 5जी नेटवर्क के विस्तार, फिक्स्ड ब्रॉडबैंड, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और क्लाउड सेवाओं, एंटरप्राइज डिजिटल समाधानों और अंतरराष्ट्रीय तकनीकी साझेदारियों में निवेश जारी रखेगी।

निवेशकों का कोटा और आगे का रास्ता

फॉर्च्यून इंडिया ने आईपीओ दस्तावेजों के हवाले से लिखा है कि इश्यू का 50% क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए, 35% रिटेल निवेशकों के लिए और 15% गैर-संस्थागत निवेशकों के लिए आरक्षित होगा।

लाइवमिंट की रिपोर्ट के मुताबिक जियो प्लेटफॉर्म्स अमेरिका, ब्रिटेन, दुबई, हांगकांग और सिंगापुर में निवेशकों से बैठकें पूरी कर चुकी है। सीएनबीसी-टीवी18 ने भी विदेशी निवेशकों की उत्साहजनक प्रतिक्रिया और घरेलू निवेशकों की उम्मीद से ज्यादा दिलचस्पी की बात कही है।

अब सबकी नजर 15 या 16 अक्टूबर पर होगी, जब रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस आएगा। उसी के बाद प्राइस बैंड, लॉट साइज़ और न्यूनतम निवेश की तस्वीर साफ होगी। कंपनी सेबी की नियामकीय प्रक्रिया लगभग पूरी कर चुकी है — ड्राफ्ट जून में दाखिल हुआ था और अगस्त 28 को सेबी की अंतिम टिप्पणियां मिल चुकी हैं।

Questions people ask

जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ कब खुलेगा और लिस्टिंग कब होगी?
इकॉनॉमिक टाइम्स और फॉर्च्यून इंडिया के सूत्रों के मुताबिक आईपीओ 21 अक्टूबर को खुलेगा और 23 अक्टूबर को बंद होगा। एंकर बुक 19 अक्टूबर को खुलेगी, शेयरों का आवंटन 26 अक्टूबर को होगा और एनएसई-बीएसई पर लिस्टिंग 28 अक्टूबर को प्रस्तावित है। कंपनी 30 अक्टूबर से पहले सारी प्रक्रिया पूरी करना चाहती है।
आईपीओ का प्राइस बैंड और लॉट साइज़ क्या है?
अभी प्राइस बैंड और लॉट साइज़ घोषित नहीं हुआ है। फॉर्च्यून इंडिया के सूत्र ₹1,300 से ₹1,450 प्रति शेयर का बैंड बता रहे हैं, जबकि इकॉनॉमिक टाइम्स के सूत्र ₹1,150 से ₹1,220 की बात कह रहे हैं। अंतिम प्राइस बैंड रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस के साथ तय होगा, जो 15 या 16 अक्टूबर के आसपास आने की उम्मीद है।
ग्रे मार्केट प्रीमियम ₹160 का क्या मतलब है? क्या निवेश करना सही रहेगा?
₹160 का जीएमपी यानी अनौपचारिक बाजार में शेयर इश्यू भाव से ₹160 ऊपर के भाव का संकेत दे रहे हैं — यह निवेशकों की मजबूत दिलचस्पी दिखाता है। लेकिन ग्रे मार्केट के भाव आधिकारिक नहीं होते और बदल सकते हैं। यह निवेश की सलाह नहीं है; फैसला लेने से पहले प्रमाणित वित्तीय सलाहकार से जरूर बात करें।
आईपीओ से जुटा पैसा कहां खर्च होगा?
यह पूरी तरह फ्रेश इश्यू है, कोई ऑफर फॉर सेल नहीं। आईपीओ दस्तावेजों के मुताबिक करीब ₹27,500 करोड़ रिलायंस जियो इन्फोकॉम के कर्ज की अदायगी में लगेगा। बाकी रकम सामान्य कॉर्पोरेट कामों के लिए रखी जाएगी, जिसकी सीमा सकल इश्यू राशि के 25% तक तय है।
रिटेल निवेशकों के लिए कितना कोटा आरक्षित है?
आईपीओ दस्तावेजों के मुताबिक इश्यू का 35% रिटेल निवेशकों के लिए, 50% क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए और 15% गैर-संस्थागत निवेशकों के लिए आरक्षित होगा। यह रिलायंस समूह के डिजिटल और टेलीकॉम कारोबार में आम निवेशकों की भागीदारी का अब तक का सबसे बड़ा मौका होगा।

Sources

  1. The Economic Times — Jio Platforms IPO: Rs 37,700 crore issue likely to open on Oct 21 (m.economictimes.com)
  2. Fortune India — Jio Platforms IPO: Key Details on India's Largest Public Offering and ₹15 Lakh Crore Valuation (fortuneindia.com)
  3. LiveMint — Jio IPO GMP latest price today: Grey market premium is rising day by day (livemint.com)
  4. CNBC-TV18 — Jio Platforms set to list on Oct 28 (Instagram reel) (instagram.com)

Editorial Note: This explainer was researched using verified primary sources and official notifications, then independently fact-checked, reviewed, and finalized under human editorial guidance by the Gagariya desk.

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