gagariya.

भुवनेश्वर में RBI का ₹169 करोड़ डेटा सेंटर शुरू

By Gagariya Editorial Desk•25 Oct 2026 IST•3 min read•Human Reviewed & Fact-Checked
भुवनेश्वर में RBI का ₹169 करोड़ डेटा सेंटर शुरू
Photo: Own or licensed by the publisher

25 अक्टूबर 2026 की शाम, भुवनेश्वर से सटे जतनी में भारतीय रिज़र्व बैंक के नए डेटा सेंटर का उद्घाटन हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ₹169 करोड़ की लागत से बने इस परिसर का उद्घाटन किया, जिसमें एक साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण संस्थान भी है।

क्या-क्या शुरू हुआ

जतनी का यह परिसर इनफ़ो वैली-II में 18.55 एकड़ में फैला है। इसमें एक ग्रीनफ़ील्ड डेटा सेंटर और एक एंटरप्राइज़ कंप्यूटिंग व साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण संस्थान एक साथ बने हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय की 24 अक्टूबर की घोषणा के अनुसार उद्घाटन 25 अक्टूबर की शाम करीब 4:45 बजे होना था, और उसी कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने एक जनसभा को भी संबोधित किया।

नया परिसर चार उन्नत डेटा सेंटरों से बना है, जो RTGS, NEFT और RBI के अन्य केंद्रीय बैंकिंग कामकाज को संभालेंगे। इसे Uptime Institute का Tier IV प्रमाणन मिला है, जो डेटा सेंटर की दोष-सहिष्णुता और निरंतर संचालन का सबसे ऊँचा वैश्विक मानक है। यह परिसर नवी मुंबई के खरघर स्थित RBI के प्राथमिक केंद्र का दूसरा आपदा-रिकवरी केंद्र होगा।

पहले क्या था, अब क्या बदला

अब तक RBI का मुख्य कंप्यूटिंग ढाँचा खरघर केंद्र पर केंद्रित था। साइबर सुरक्षा का नियामकीय ढाँचा 2018 से मौजूद है, पर बैंकों और भुगतान कंपनियों के लिए समर्पित प्रशिक्षण क्षमता पीछे थी। अब भुवनेश्वर में दूसरा केंद्र जुड़ने से किसी क्षेत्रीय व्यवधान की स्थिति में भी भुगतान तंत्र चलते रह सकेंगे, और साथ में बना प्रशिक्षण संस्थान इस क्षेत्र के लिए प्रशिक्षित लोग तैयार करेगा।

किसे क्या मिलेगा

बैंकों और भुगतान कंपनियों के लिए इसका सीधा मतलब है कि RTGS और NEFT जैसे तंत्रों पर उनकी निर्भरता के पीछे अब एक और मज़बूत बैकअप होगा। आम भुगतानकर्ता के लिए रोज़मर्रा के भुगतान का तरीका नहीं बदलता, क्योंकि यह पीछे का ढाँचा है, पर तंत्र की मज़बूती बढ़ेगी।

ओडिशा के लिए यह मुंबई-दिल्ली से बाहर उच्च-मूल्य डिजिटल ढाँचे का एक बड़ा उदाहरण है। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा कि यह केंद्र राज्य के विकास में योगदान देगा। यह 2024 में राज्य में भाजपा सरकार बनने के बाद प्रधानमंत्री की नौवीं ओडिशा यात्रा थी।

संस्थान क्या सिखाएगा

नया साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण संस्थान बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं और बीमा क्षेत्र के लिए क्षमता निर्माण, शोध और खतरा-निवारण का मंच होगा। इसके तीन मुख्य क्षेत्र होंगे: AI और मशीन लर्निंग से लेन-देन में गड़बड़ी पकड़ना और धोखाधड़ी रोकना, क्वांटम कंप्यूटिंग के लिए पोस्ट-क्वांटम क्रिप्टोग्राफ़ी मानक तैयार करना, और बैंकिंग पेशेवरों के लिए कार्यकारी व तकनीकी साइबर रक्षा प्रशिक्षण।

एक छोटी शब्दावली: Tier IV का मतलब है डेटा सेंटर का सबसे ऊँचा fault-tolerance स्तर, यानी लगभग शून्य अनियोजित डाउनटाइम। आपदा-रिकवरी केंद्र वह दूसरा केंद्र है जो मुख्य केंद्र ठप होने पर काम सँभाल लेता है। RTGS बड़े रकम का तुरंत निपटान है और NEFT छोटे-बड़े हर भुगतान का बैच निपटान है।

टाइमलाइन

2022 में केंद्र सरकार ने डेटा सेंटर को बुनियादी ढाँचे का दर्जा दिया और क्लाउड व डेटा भंडारण के स्थानीयकरण के लिए राजकोषीय उपाय किए। मार्च 2023 में तत्कालीन RBI गवर्नर शक्तिकांत दास ने जतनी केंद्र की आधारशिला रखी। 24 अक्टूबर 2026 को प्रधानमंत्री कार्यालय ने उद्घाटन कार्यक्रम की घोषणा की। 25 अक्टूबर 2026 को उद्घाटन हुआ, जिसमें वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा, मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी, केंद्रीय मंत्री जुआल ओरांव और दोनों उपमुख्यमंत्री मौजूद रहे। उद्घाटन में प्रधानमंत्री ने आधुनिक डेटा सेंटर को "डिजिटल युग का तिजोरी" बताया।

आगे क्या देखना होगा

संस्थान के पहले प्रशिक्षण बैच और शोध कार्यक्रमों की घोषणा अभी बाकी है, और इनकी तारीख घोषित नहीं हुई है। केंद्र की तकनीकी क्षमता के विस्तृत आँकड़े भी अब तक सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। ओडिशा सरकार ने इसे राज्य में डेटा और फ़िनटेक निवेश आकर्षित करने के कदम के रूप में पेश किया है, इसलिए अगले महीनों में इस क्षेत्र की निवेश घोषणाओं पर नज़र रहेगी।

📷 फोटो: Sailko, Wikimedia Commons (CC BY 3.0)

Questions people ask

भुवनेश्वर का RBI डेटा सेंटर कहाँ है?
जतनी में, खुर्दा ज़िले के इनफ़ो वैली-II में, भुवनेश्वर के पास। यह 18.55 एकड़ में फैला है।
इसकी लागत कितनी है?
₹169 करोड़।
Tier IV प्रमाणन का मतलब क्या है?
यह Uptime Institute का सबसे ऊँचा मानक है — डेटा सेंटर दोष-सहिष्णु होता है और लगभग शून्य अनियोजित डाउनटाइम के साथ चलता है।
क्या इससे आम लोगों के UPI भुगतान बदलेंगे?
नहीं, रोज़मर्रा के भुगतान का तरीका नहीं बदलता। यह पीछे का ढाँचा है, जो भुगतान तंत्रों को ज़्यादा मज़बूत बनाता है।
RBI का पहला ऐसा केंद्र कहाँ है?
नवी मुंबई के खरघर में। भुवनेश्वर उसका दूसरा आपदा-रिकवरी केंद्र होगा।

Sources

  1. Flash Finance — RBI Tier-IV data centre inauguration (flashfinance.news)
  2. Nation Press — Modi inaugurates RBI data centre in Odisha (nationpress.com)
  3. Dharmakshethra — PMO announcement of the inauguration (dharmakshethra.com)

Editorial Note: This explainer was researched using verified primary sources and official notifications, then independently fact-checked, reviewed, and finalized under human editorial guidance by the Gagariya desk.

This story is informational only and is not financial advice. Decisions about money belong with a registered adviser — the sources above are a good place to start reading.

Keep reading

The day’s verified stories, one email, 7 am IST. No noise.