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जेवर एयरपोर्ट का नाम बदला: नरेंद्र मोदी इंटरनेशनल

By Gagariya Editorial Desk•9 Oct 2026 IST•5 min read•Human Reviewed & Fact-Checked
जेवर एयरपोर्ट का नाम बदला: नरेंद्र मोदी इंटरनेशनल
Photo: Own or licensed by the publisher

कैबिनेट का बड़ा फैसला

शुक्रवार को लखनऊ में उत्तर प्रदेश कैबिनेट की बैठक हुई। बैठक खत्म होते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पत्रकारों के सामने आए। उनके ऐलान ने पूरे देश में चर्चा पैदा कर दी। जेवर का नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर होगा।

कैबिनेट ने हवाई अड्डे को 'नरेंद्र मोदी इंटरनेशनल एयरपोर्ट, नोएडा-जेवर' नाम देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। योगी आदित्यनाथ ने बताया कि उत्तर प्रदेश की मंत्रिपरिषद प्रधानमंत्री की आभारी है। एयरपोर्ट को उन्होंने प्रधानमंत्री की तरफ से राज्य को मिला बड़ा उपहार बताया। उनकी बात में जोर इस पर था कि यह हवाई अड्डा उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा एयरपोर्ट बनने जा रहा है। आगे चलकर इसे देश का सबसे बड़ा एविएशन हब बनाने का इरादा है।

नाम के प्रस्ताव के साथ कैबिनेट ने एक और प्रस्ताव पारित किया। यह प्रस्ताव प्रधानमंत्री मोदी की सार्वजनिक सेवा के 25 साल पूरे होने पर उनके नेतृत्व और योगदान की सराहना का था। डेक्कन हेराल्ड की रिपोर्ट के अनुसार, मुख्यमंत्री की अध्यक्षता वाली बैठक में यह प्रस्ताव मंजूर हुआ। न्यूज़ मिल के मुताबिक, मंत्रिपरिषद ने सरकार के मुखिया के रूप में मोदी की लगातार 25 साल की जनसेवा को सम्मानित किया।

योगी ने कहा कि जेवर एयरपोर्ट को प्रधानमंत्री के नाम पर एक नई पहचान मिलेगी। उन्होंने मोदी के दृष्टिकोण और कार्यशैली की तारीफ की और कहा कि उनके मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश ने हर क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। डेक्कन हेराल्ड के अनुसार, मुख्यमंत्री ने मोदी के उत्तर प्रदेश से गहरे जुड़ाव का जिक्र किया और कहा कि काशी से शुरू हुई उनकी यात्रा राज्य के विकास की नींव बनी है। काशी वाराणसी का पुराना नाम है, और मोदी लोकसभा में वाराणसी का प्रतिनिधित्व करते हैं।

₹11,282 करोड़ का हवाई अड्डा: अब तक का सफर

जेवर एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश सरकार की सबसे महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में से एक है। प्रधानमंत्री मोदी ने 28 मार्च 2026 को इसका उद्घाटन किया था। करीब तीन महीने बाद, 15 जून को इसकी पहली उड़ान लखनऊ से आए इंडिगो के विमान ने उतरी। उसी दिन से एयरपोर्ट ने अपना व्यावसायिक सफर शुरू किया।

यह एयरपोर्ट कुल ₹11,282 करोड़ की लागत से बना है। पहले चरण में इसकी सालाना क्षमता 1.2 करोड़ यात्रियों की है। आने वाले कुछ वर्षों में इसे बढ़ाकर 7 करोड़ यात्रियों तक ले जाने की योजना है। यहां 3,900 मीटर लंबा रनवे है, जो बड़े चौड़े विमानों को संभाल सकता है। आधुनिक नेविगेशन सिस्टम भी लगाए गए हैं।

हवाई अड्डे को यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड ने विकसित किया है। यह कंपनी स्विट्जरलैंड की ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी की सहायक कंपनी है। उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड इस परियोजना की क्रियान्वयन एजेंसी है। टाइम्स नाउ के अनुसार, यह एयरपोर्ट सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल पर बना है।

दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट के साथ यह राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र का दूसरा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट है। बिज़नेस टुडे, टाइम्स नाउ और डेक्कन हेराल्ड ने इसकी पुष्टि की है। एनसीआर में यात्रियों का दबाव लगातार बढ़ रहा है, और जेवर को उसी दबाव को बांटने वाली बड़ी परियोजना के रूप में देखा जा रहा है।

पहलू विवरण
पुराना नाम नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर
प्रस्तावित नया नाम नरेंद्र मोदी इंटरनेशनल एयरपोर्ट, नोएडा-जेवर
स्थान जेवर, गौतम बुद्ध नगर, उत्तर प्रदेश
कुल लागत ₹11,282 करोड़
उद्घाटन 28 मार्च 2026
पहली उड़ान 15 जून 2026 (इंडिगो, लखनऊ से)
चरण-1 क्षमता 1.2 करोड़ यात्री प्रति वर्ष
विस्तार लक्ष्य 7 करोड़ यात्री प्रति वर्ष
रनवे 3,900 मीटर, चौड़े विमानों के अनुकूल
डेवलपर यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड (ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी की सहायक)
एनसीआर में दर्जा दिल्ली के बाद दूसरा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट

अखिलेश यादव का तीखा पलटवार

फैसले पर विपक्ष की प्रतिक्रिया भी जल्द आई। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने नाम बदलने की तीखी आलोचना की। वे शुक्रवार को देवरिया जिले के रक्षा गांव में पूर्व सपा विधायक सुरेश यादव के शोक सभा में मीडिया से बात कर रहे थे।

अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि नाम बदलने के पीछे राज्य सरकार की अपनी स्थिति को लेकर चिंता है। उनका कहना था कि मुख्यमंत्री नाम बदलने के लिए जाने जाते हैं, और प्रधानमंत्री के नाम पर चीजों का नाम इसलिए रखा जा रहा है क्योंकि उनकी अपनी कुर्सी खतरे में है। न्यूज़ मिल के मुताबिक, उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग जाने वाले हैं, वे दूसरों के नाम रखकर अपनी छाप छोड़ना चाहते हैं ताकि वे कह सकें कि डबल इंजन सरकार के लिए उन्होंने बड़ा काम किया।

सपा प्रमुख ने यह भी आरोप लगाया कि डबल इंजन सरकार के पास जनता के लिए काम नहीं है, और जाने वाले लोग सिर्फ अपना नाम यादगार के तौर पर छोड़ना चाहते हैं। यह प्रतिक्रिया अखिलेश यादव की व्यक्तिगत टिप्पणी है। इसे कैबिनेट के फैसले से जुड़े आधिकारिक तथ्यों से अलग करके पढ़ा जाना चाहिए।

नाम बदलने की राजनीति पर नज़र

यह पहली बार नहीं है जब जेवर एयरपोर्ट राजनीतिक खींचतान के केंद्र में आया है। परियोजना की नींव रखे जाने के समय से ही श्रेय को लेकर विवाद चलता रहा है। उद्घाटन के एक दिन बाद, 29 मार्च 2026 को बसपा प्रमुख मायावती ने दावा किया था कि एयरपोर्ट का ब्लूप्रिंट और जरूरी बुनियादी काम उनकी सरकार के दौरान शुरू हुए थे, और कांग्रेस व सपा पर देरी का आरोप लगाया था। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी इस परियोजना से जुड़े अपने दावे पेश किए थे।

आगे क्या देखना होगा

कैबिनेट ने प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। अब नजर इस पर रहेगी कि इस प्रस्ताव पर औपचारिक अमल कब और कैसे होता है। एनसीआर के दूसरे अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के रूप में इसकी परिचालन क्षमता भी लगातार बढ़ेगी। पहला चरण 1.2 करोड़ यात्रियों की क्षमता के साथ शुरू हुआ है, और विस्तार की योजना 7 करोड़ यात्रियों तक की है।

विपक्ष के आरोप और कैबिनेट के सराहना प्रस्ताव, दोनों ने इसे सिर्फ एक प्रशासनिक फैसले से आगे बढ़ा दिया है।

Questions people ask

जेवर एयरपोर्ट का नया नाम क्या रखा गया है?
उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने 9 अक्टूबर 2026 को प्रस्ताव मंजूर किया कि जेवर के नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को अब 'नरेंद्र मोदी इंटरनेशनल एयरपोर्ट, नोएडा-जेवर' कहा जाएगा। इस फैसले का ऐलान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में कैबिनेट बैठक के बाद प्रेस ब्रीफिंग में किया।
जेवर एयरपोर्ट कहां स्थित है और यह कितना बड़ा है?
यह एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर जिले के जेवर में है। यह ₹11,282 करोड़ की लागत से बना है। पहले चरण में इसकी सालाना क्षमता 1.2 करोड़ यात्रियों की है, जिसे बढ़ाकर 7 करोड़ तक ले जाने की योजना है। दिल्ली के बाद यह राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र का दूसरा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट है।
एयरपोर्ट का उद्घाटन कब हुआ था और पहली उड़ान कब आई?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 मार्च 2026 को इस एयरपोर्ट का उद्घाटन किया था। करीब तीन महीने बाद, 15 जून 2026 को लखनऊ से आए इंडिगो के विमान ने यहां पहली उड़ान उतारी। उसी दिन से एयरपोर्ट का व्यावसायिक संचालन आधिकारिक रूप से शुरू हो गया।
विपक्ष ने नाम बदलने पर क्या प्रतिक्रिया दी है?
समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने फैसले की आलोचना की। देवरिया में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री नाम बदलने के लिए जाने जाते हैं और प्रधानमंत्री के नाम पर नामकरण इसलिए हो रहा है क्योंकि सरकार की अपनी स्थिति डांवाडोल है। यह उनकी व्यक्तिगत टिप्पणी है।
कैबिनेट ने 25 साल की जनसेवा का क्या प्रस्ताव पारित किया?
नाम के प्रस्ताव के साथ कैबिनेट ने प्रधानमंत्री मोदी के सरकार के मुखिया के रूप में लगातार 25 साल की जनसेवा पूरी होने पर उनके नेतृत्व और योगदान की सराहना का प्रस्ताव भी पारित किया। डेक्कन हेराल्ड और न्यूज़ मिल दोनों ने इस प्रस्ताव की पुष्टि की है।

Sources

  1. NDTV — Jewar Airport Near Noida To Be Renamed Narendra Modi International Airport (ndtv.com)
  2. Business Standard — Noida's Jewar airport to be renamed as Narendra Modi International Airport (business-standard.com)
  3. Deccan Herald — Uttar Pradesh Cabinet approves renaming Jewar airport after PM Narendra Modi (deccanherald.com)
  4. The News Mill — Akhilesh Yadav criticises renaming Jewar Airport after PM Modi (thenewsmill.com)
  5. Business Today — Noida airport renamed Narendra Modi Int'l Airport, says UP CM Yogi Adityanath (businesstoday.in)
  6. News9live — Jewar Airport renamed Narendra Modi International Airport by UP Cabinet (news9live.com)

Editorial Note: This explainer was researched using verified primary sources and official notifications, then independently fact-checked, reviewed, and finalized under human editorial guidance by the Gagariya desk.

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