gagariya.

Infosys Q2: ₹7,823 करोड़ मुनाफा, FY27 गाइडेंस 1-2% घटी

By Gagariya Editorial Desk•23 Oct 2026 IST•3 min read•Human Reviewed & Fact-Checked
Infosys Q2: ₹7,823 करोड़ मुनाफा, FY27 गाइडेंस 1-2% घटी
Photo: Own or licensed by the publisher

डिविडेंड बढ़ा, मुनाफा लगभग स्थिर

कंपनी के बोर्ड ने 22–23 अक्टूबर की बैठक में Q2 FY27 के नतीजों के साथ ₹26 प्रति शेयर अंतरिम डिविडेंड घोषित किया, पिछले साल के ₹23 से 13% ज़्यादा। रिकॉर्ड तारीख 3 नवंबर 2026 और भुगतान 11 नवंबर तय हुआ है। शुद्ध मुनाफा ₹7,823 करोड़ रहा, पिछले साल की समान तिमाही के ₹7,364 करोड़ से 6.2% ज़्यादा, लेकिन जून तिमाही के ₹7,769 करोड़ से मामूली ही ऊपर।

गाइडेंस क्यों घटी

FY27 के लिए constant currency रेवेन्यू गाइडेंस अब 1–2% है, पहले 1.5–3% थी। सितंबर तिमाही में constant currency बढ़ोतरी सिर्फ 1.5% रही, जबकि रुपये में रेवेन्यू 10.7% बढ़ा। यह फर्क रुपये की कमज़ोरी का है, डॉलर के मुकाबले ~94.8 के भाव पर हर डॉलर की बिलिंग रुपये में ज़्यादा दिखी। ऑपरेटिंग मार्जिन 21.0% पर स्थिर रहा और पूरे साल के लिए 20–22% का मार्जिन अनुमान बरकरार है। मांग का रुख मिला-जुला रहा, energy और utility ग्राहकों से ऑर्डर बढ़े और AI सेवाओं पर खर्च बढ़ा, लेकिन कुल मिलाकर ग्राहक खर्च को लेकर सतर्क हैं।

तिमाही के आंकड़े एक नज़र में

आंकड़ा Q2 FY26 Q1 FY27 Q2 FY27
शुद्ध मुनाफा (₹ करोड़) 7,364 7,769 7,823
रेवेन्यू (₹ करोड़) 44,490 48,211 49,244
CC बढ़ोतरी (YoY) – 2.4% 1.5%
ऑपरेटिंग मार्जिन 21.0% 21.1% 21.0%
FY27 गाइडेंस (CC) – 1.5–3% 1–2%

अनुमानों से तुलना

ब्रोकरों के अनुमान बिखरे हुए थे, Kotak का अनुमान ₹7,689 करोड़ के आसपास था, HDFC Institutional Equities का ₹8,038 करोड़ के करीब, और बाज़ार का औसत अनुमान ₹7,917 करोड़। ₹7,823 करोड़ का वास्तविक मुनाफा इस दायरे के अंदर है, औसत अनुमान से करीब 1% नीचे। EBIT ₹10,330 करोड़ रहा, जो ₹10,470 करोड़ के अनुमान से थोड़ा कम है। नतीजों के बाद कंपनी के अमेरिकी ADR प्रीमार्केट में करीब 6% गिरे, गाइडेंस कटौती से निवेशक सतर्क दिखे।

AI और बड़े सौदे: दो मज़बूत मोर्चे

कंपनी ने $5.2 अरब के बड़े सौदे जीते, 62% नया कारोबार, जिनमें $2 अरब से बड़ा एक मेगा सौदा भी शामिल है। पिछले साल की समान तिमाही में यह आंकड़ा $3.1 अरब था। AI से जुड़ा रेवेन्यू कुल रेवेन्यू का 10.5% पहुंचा और तिमाही में 29% बढ़ा। कंपनी के CEO के मुताबिक AI रेवेन्यू में तेज़ बढ़ोतरी बाज़ार में कंपनी की मज़बूत स्थिति को दर्शाती है, हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि ऑटोमेशन से रेवेन्यू पर दबाव भी बन रहा है।

निवेशकों और कर्मचारियों के लिए क्या

शेयरधारकों के लिए डिविडेंड बढ़त राहत है, 3 नवंबर को रिकॉर्ड में दर्ज 100 शेयरों पर 11 नवंबर के आसपास ₹2,600 मिलेंगे। लेकिन गाइडेंस कटौती के बाद शेयर पर दबाव बना रह सकता है। कर्मचारियों की संख्या 3,32,542 पहुंची, जून तिमाही से 4,480 ज़्यादा, यानी नियुक्ति जारी है, हालांकि रफ़्तार धीमी है। IT सेक्टर पर नज़र रखने वालों के लिए संदेश दोहरा है, AI का कारोबार तेज़ी से बढ़ रहा है, पर पारंपरिक आउटसोर्सिंग की मांग नरम है।

शब्दावली

  • Constant currency: विनिमय दर के उतार-चढ़ाव को हटाकर मापी गई असली बढ़ोतरी।
  • Large deal TCV: बड़े अनुबंधों का कुल मूल्य, भविष्य के रेवेन्यू का संकेत।
  • Operating margin: खर्चों के बाद बचा मुनाफा, रेवेन्यू के प्रतिशत में।
  • ADR: अमेरिकी बाज़ार में सूचीबद्ध कंपनी के शेयर का प्रतिनिधि प्रमाणपत्र।

आगे क्या देखना होगा

अब नज़र 3 नवंबर की रिकॉर्ड तारीख और 11 नवंबर के डिविडेंड भुगतान पर रहेगी। दिसंबर तिमाही में यह देखना अहम होगा कि $5.2 अरब के नए सौदे रेवेन्यू में कितनी तेज़ी से बदलते हैं, और क्या AI से जुड़ा कारोबार गाइडेंस के ऊपरी छोर (2%) तक पहुंचने में मदद करता है।

This story is informational only and is not financial advice.

📷 फोटो: Vinu Thomas, Wikimedia Commons (CC BY-SA 2.0)

Questions people ask

Infosys का Q2 FY27 मुनाफा कितना रहा?
शुद्ध मुनाफा ₹7,823 करोड़ रहा, पिछले साल की समान तिमाही से 6.2% ज़्यादा, लेकिन जून तिमाही से लगभग स्थिर। बाज़ार के औसत अनुमान ₹7,917 करोड़ से यह करीब 1% नीचे रहा।
कंपनी ने गाइडेंस क्यों घटाई?
कंपनी ने FY27 की constant currency रेवेन्यू गाइडेंस 1.5–3% से घटाकर 1–2% कर दी। वजह मांग का मिला-जुला रुख है, AI सेवाओं पर खर्च बढ़ा है, लेकिन ग्राहक कुल खर्च को लेकर सतर्क हैं।
डिविडेंड कब मिलेगा?
₹26 प्रति शेयर अंतरिम डिविडेंड घोषित हुआ है। रिकॉर्ड तारीख 3 नवंबर 2026 है और भुगतान 11 नवंबर 2026 को होगा।
AI कारोबार की स्थिति क्या है?
AI से जुड़ा रेवेन्यू कुल रेवेन्यू का 10.5% पहुंच गया है और तिमाही में 29% बढ़ा है। हालांकि कंपनी के मुताबिक ऑटोमेशन से रेवेन्यू पर दबाव भी बन रहा है।
रुपया कमज़ोर होने से नतीजों पर क्या असर पड़ा?
रुपये में रेवेन्यू 10.7% बढ़ा, लेकिन constant currency में सिर्फ 1.5%। फर्क रुपये की कमज़ोरी (~94.8 प्रति डॉलर) का है, जिससे विदेशी बिलिंग रुपये में ज़्यादा दिखी।

Sources

  1. IANS (ianslive.in)
  2. YourStory (yourstory.com)
  3. ScanX (scanx.trade)
  4. Lapaas Voice (lapaasvoice.com)
  5. The Financial Economy (thefinancialeconomy.com)

Editorial Note: This explainer was researched using verified primary sources and official notifications, then independently fact-checked, reviewed, and finalized under human editorial guidance by the Gagariya desk.

This story is informational only and is not financial advice. Decisions about money belong with a registered adviser — the sources above are a good place to start reading.

Keep reading

The day’s verified stories, one email, 7 am IST. No noise.