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IMF ने भारत का ग्रोथ अनुमान बढ़ाया, FY27 में 7% की उम्मीद

By Gagariya Editorial Desk•14 Oct 2026 IST•4 min read•Human Reviewed & Fact-Checked
IMF ने भारत का ग्रोथ अनुमान बढ़ाया, FY27 में 7% की उम्मीद
Photo: Own or licensed by the publisher

जुलाई से अक्टूबर: 0.6 अंक का फासला

जुलाई में IMF कह रहा था 6.4%। अक्टूबर में वही अनुमान 7% हो गया। तीन महीनों में 0.6 अंक की बढ़ोतरी किसी बड़ी अर्थव्यवस्था के लिए हल्की बात नहीं। बैंकॉक में 13 अक्टूबर को जारी अक्टूबर 2026 के वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने भारत के FY27 का विकास अनुमान बढ़ा दिया। FY28 का अनुमान भी 6.7% से बढ़कर 7% हो गया। यानी अगले दो वित्त वर्षों में भारत 7% की रफ़्तार से बढ़ेगा, ऐसा IMF मान रहा है।

IMF ने इस बढ़ोतरी की वजह भी बताई है। रिपोर्ट कहती है कि भारत की रफ़्तार उम्मीद से बेहतर रही। घरेलू मांग मज़बूत रही और सर्विस सेक्टर की गतिविधि दमदार बनी रही। यही दो इंजन भारत की अर्थव्यवस्था को आगे धकेल रहे हैं।

बाकी दुनिया कहां, भारत कहां

दुनिया के हिसाब से भारत की रफ़्तार अलग ही दिखती है। IMF के अनुसार 2026 में विश्व अर्थव्यवस्था 3.1% बढ़ेगी। 2027 में 3.4% का अनुमान है। जुलाई के बाद वैश्विक अनुमान में सिर्फ 0.1 अंक का बदलाव हुआ। मतलब दुनिया जस की तस, लेकिन भारत का अंदाज़ा बड़ा।

रिपोर्ट में एक बात बार-बार सामने आती है: भारत सबसे तेज़ी से बढ़ने वाली बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में बना हुआ है। अमेरिका 2026 और 2027 दोनों वर्षों में 2.3% पर रहेगा। चीन की रफ़्तार 2025 के 5% से घटकर 2026 में 4.5% और 2027 में 4.0% रहेगी। उन्नत अर्थव्यवस्थाएं कुल मिलाकर 2.1% पर अटकी हैं।

मध्य-पूर्व और मध्य एशिया का हाल तो उल्टा है। IMF की रिपोर्ट के अनुसार यह क्षेत्र 2026 में 0.3% सिकुड़ेगा। सऊदी अरब की अर्थव्यवस्था 3.3% घटेगी। 2027 में 7.9% की वापसी का अनुमान ज़रूर है। तेल और जंग के इस माहौल में भारत का 7% और भी अलग नज़र आता है।

अनुमान जुलाई 2026 अक्टूबर 2026
भारत, FY27 6.4% 7.0%
भारत, FY28 6.7% 7.0%
विश्व, 2026 3.0% 3.1%
विश्व, 2027 3.4% 3.4%

विकास के पीछे की वजहें

पहली वजह सीधी है: घरेलू मांग। IMF का कहना है कि भारत की वृद्धि मज़बूत घरेलू मांग और सर्विसेज़ पर टिकी है। तेल महंगा होने के बावजूद रफ़्तार बनी रही। रिपोर्ट ने इस गति को "उम्मीद से बेहतर" बताया है।

फिर जनसांख्यिकी और बाज़ार का खेल है। रिपोर्ट में लिखा है कि अनुकूल जनसांख्यिकी, बड़ा और बढ़ता घरेलू बाज़ार और लगातार संरचनात्मक सुधार भारत की विकास क्षमता को मज़बूत कर रहे हैं। लंबी अवधि में यही चीज़ें भारत को अलग खड़ा करती हैं।

पिछला रिकॉर्ड भी साथ है। FY25-26 में भारत की अर्थव्यवस्था 7.8% बढ़ी। यह आधार खुद IMF की रिपोर्ट में दर्ज है। मज़बूत आधार पर बना अनुमान भरोसेमंद लगता है।

RBI और World Bank भी उसी रास्ते पर

IMF अकेला नहीं। भारतीय रिजर्व बैंक ने अक्टूबर की शुरुआत में FY27 का अनुमान 6.7% से बढ़ाकर 7.1% कर दिया था। World Bank ने 13 अक्टूबर को ही अपना अनुमान 0.5 अंक बढ़ाकर 7.1% कर दिया। लेकिन उसने एक चेतावनी भी जोड़ी: चालू वित्त वर्ष के दूसरे हाफ में रफ़्तार धीमी हो सकती है।

पिछले महीने ADB, OECD, S&P और Fitch भी भारत का FY27 अनुमान करीब 7% तक ले जा चुके हैं। OECD ने तो 0.8 अंक का उछाल करके अपना अनुमान 7.1% कर दिया। इतने संस्थानों का एक जैसी दिशा में आना अपने आप में संकेत है।

महंगाई 5% और घाटा 1.5%: दूसरी तरफ का पलड़ा

विकास के इस उजले चेहरे के पीछे दो चिंताएं भी हैं। पहली महंगाई। IMF के अनुसार FY27 में खुदरा महंगाई (CPI) 5% रहेगी। FY26 में यह 2% थी। FY28 में इसके 4.4% पर आने का अनुमान है। दिलचस्प बात यह है कि RBI का अपना महंगाई अनुमान IMF से भी ऊपर है: 5.2%।

दूसरी चिंता चालू खाता घाटा है। FY27 में यह GDP का 1.5% होगा। FY26 में यह सिर्फ 0.7% था। FY28 में इसके 1.3% पर सिमटने का अनुमान है। घाटा बढ़ेगा, लेकिन बेकाबू नहीं।

तेल की कीमतें दोनों मोर्चों पर दबाव बनाएंगी। IMF की गणना 2026 में औसतन $95.74 प्रति बैरल के तेल पर आधारित है। 2025 में यह $67.74 था। 2027 में $87.39 का अनुमान है।

व्यापार समझौतों से उम्मीद, कर्ज़ पर अच्छी खबर

IMF ने व्यापार समझौतों को भी उम्मीद की नज़र से देखा है। रिपोर्ट में EU-भारत, EU-Mercosur और UK-भारत समझौतों का ज़िक्र है। इनसे टैरिफ और गैर-टैरिफ बाधाएं घट सकती हैं और आपूर्ति शृंखलाएं मज़बूत हो सकती हैं।

Bloomberg Economics की एक रिपोर्ट के अनुसार लागू हो चुके FTA 2035 तक भारत के GDP में करीब $140 अरब जोड़ सकते हैं। यह धारणा है कि EU और न्यूज़ीलैंड के साथ समझौते 2027 से लागू होंगे।

सार्वजनिक ऋण के मोर्चे पर IMF ने भारत को अपवाद बताया है। रिपोर्ट के अनुसार कर्ज़-GDP अनुपात को 2025 के स्तर पर स्थिर रखने के लिए भारत को दूसरी अर्थव्यवस्थाओं से कम राजकोषीय समायोजन की ज़रूरत होगी।

आगे क्या: दूसरी छमाही की परीक्षा

IMF की मुख्य अर्थशास्त्री सिलवाना टेनरेरो ने रिपोर्ट के साथ एक ब्लॉग में लिखा है कि यह लचीलापन दबाव में है। उनका कहना है कि जोखिम नीचे की ओर झुके हैं। मध्य-पूर्व में लंबे टकराव से ऊर्जा और खाद्य कीमतें बढ़ सकती हैं। इससे महंगाई और चालू खाता दोनों बिगड़ सकते हैं।

अब नज़र दूसरी छमाही पर रहेगी। World Bank की चेतावनी को परखने के लिए अक्टूबर-दिसंबर और जनवरी-मार्च के आंकड़े अहम होंगे। तेल की कीमतों की दिशा, RBI की दिसंबर की नीति और वैश्विक महंगाई के 4.7% से 4.1% पर उतरने का रास्ता, तीनों मिलकर तय करेंगे कि IMF का 7% का भरोसा टिका रहता है या नहीं।

📷 फोटो: Pinakpani, Wikimedia Commons (CC BY-SA 4.0)

Questions people ask

IMF ने भारत का विकास अनुमान कितना बढ़ाया?
IMF ने अक्टूबर 2026 के वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक में भारत के FY27 का अनुमान 6.4% से बढ़ाकर 7% कर दिया, यानी 0.6 अंक का उछाल। FY28 का अनुमान भी 6.7% से बढ़ाकर 7% किया गया। जुलाई 2026 के अपडेट और अप्रैल 2026 के अनुमानों की तुलना में दोनों साल के आंकड़े सुधरे हैं।
IMF को भारत पर इतना भरोसा क्यों आया?
IMF के अनुसार उम्मीद से बेहतर गति, मज़बूत घरेलू मांग और सर्विस सेक्टर की दमदार गतिविधि मुख्य वजहें हैं। रिपोर्ट में अनुकूल जनसांख्यिकी, बड़ा और बढ़ता घरेलू बाज़ार और लगातार संरचनात्मक सुधारों का भी ज़िक्र है। रिपोर्ट में दर्ज FY25-26 की 7.8% वृद्धि ने इस भरोसे को ठोस आधार दिया।
वित्तीय वर्ष और कैलेंडर वर्ष के अनुमानों में क्या फर्क है?
IMF भारत के लिए वित्तीय वर्ष (अप्रैल से मार्च) के आधार पर अनुमान देता है। FY27 में विकास 7% रहने का अनुमान है। IMF के अनुसार कैलेंडर वर्ष के हिसाब से 2026 में यह 7.4% और 2027 में 7.0% रहेगा। दोनों तरीकों में भारत सबसे तेज़ी से बढ़ने वाली बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में बना हुआ है।
क्या RBI और World Bank भी 7% मान रहे हैं?
हां। RBI ने अक्टूबर की शुरुआत में FY27 का अनुमान 6.7% से बढ़ाकर 7.1% किया। World Bank ने 13 अक्टूबर को 0.5 अंक बढ़ाकर 7.1% किया, हालांकि उसने दूसरे हाफ में रफ़्तार धीमी होने की चेतावनी दी। ADB, OECD, S&P और Fitch भी करीब 7% के अनुमान पर पहुंच चुके हैं।
इस तस्वीर में सबसे बड़ा खतरा क्या है?
तेल की कीमतें। IMF की गणना 2026 में औसतन $95.74 प्रति बैरल के तेल पर टिकी है। मुख्य अर्थशास्त्री सिलवाना टेनरेरो ने चेताया है कि यह लचीलापन दबाव में है। मध्य-पूर्व में लंबे टकराव से ऊर्जा और खाद्य कीमतें बढ़ सकती हैं, जिससे महंगाई और चालू खाता दोनों बिगड़ सकते हैं।

Sources

  1. The Statesman: IMF raises India's GDP growth forecast to 7 pc (thestatesman.com)
  2. tennews (IANS): IMF raises India's growth forecast to 7 pc (tennews.in)
  3. Hindu BusinessLine: IMF raises India's FY27 growth forecast to 7% (thehindubusinessline.com)
  4. Firstpost: India's 7% growth outlook as IMF sees global economy expanding 3.1% (firstpost.com)

Editorial Note: This explainer was researched using verified primary sources and official notifications, then independently fact-checked, reviewed, and finalized under human editorial guidance by the Gagariya desk.

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