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होर्मुज में जहाज़ पर प्रोजेक्टाइल हमला, 11 भारतीय घायल

By Gagariya Editorial Desk•7 Oct 2026 IST•5 min read•Human Reviewed & Fact-Checked
होर्मुज में जहाज़ पर प्रोजेक्टाइल हमला, 11 भारतीय घायल
Photo: Own or licensed by the publisher

मंगलवार का हमला: प्रोजेक्टाइल सीधा टैंकर पर

6 अक्टूबर को होर्मुज जलडमरूमध्य में एक तेल टैंकर निशाना बना। ओमान के तट के पास से गुज़र रहे पनामियन झंडे वाले टैंकर एमटी ऑन पीस (IMO 9893204) पर एक प्रोजेक्टाइल आकर गिरा। ब्रिटेन की समुद्री एजेंसी UKMTO ने उसी दिन X पर लिखा कि होर्मुज से बाहर निकल रहा एक तेल टैंकर प्रोजेक्टाइल की चपेट में आया है और वह वॉटरलाइन के ऊपर लगा।

रॉयटर्स के मुताबिक यह आफ्रामैक्स आकार का तेल टैंकर है। इसका प्रबंधन हॉन्गकॉन्ग की एंग्लो-ईस्टर्न टैंकर मैनेजमेंट करती है और ऑपरेटर ONEX DMCC है। एनालिटिक्स फर्म केपलर के आंकड़ों का हवाला देते हुए रॉयटर्स ने बताया कि यह टैंकर 26 अगस्त को संयुक्त अरब अमीरात के फुजैरा में ईंधन तेल उतारता दिखा था, उस वक्त इसका ट्रांसपोंडर बंद था। The National अख़बार के मुताबिक जहाज़ दुबई की शिपिंग कंपनी Onex का है, हालांकि कंपनी ने टिप्पणी के अनुरोध का अब तक जवाब नहीं दिया।

दल में 19 लोग, 17 भारतीय; 12 घायल

जहाज़ पर कुल 19 लोग सवार थे, जिनमें 17 भारतीय नागरिक थे। हमले में 12 लोग घायल हुए, उनमें 11 भारतीय हैं। विदेश मंत्रालय के बयान के मुताबिक ओमान के अधिकारियों की मदद से घायलों को निकाल लिया गया और उन्हें ओमान के ख़साब में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है। भारत ने ओमान के सहयोग के लिए शुक्रिया कहा।

मंगलवार को दिनभर यह ख़बर भारतीय मीडिया पर छाई रही। इंडिया टीवी, न्यूज़18, दैनिक जागरण, टाइम्स ऑफ इंडिया, फर्स्टपोस्ट, WION और ऑल इंडिया रेडियो समेत कई मीडिया संस्थानों ने इसे ब्रेकिंग न्यूज़ के तौर पर दिखाया। विदेश में VOA फ़ारसी और BBC फ़ारसी ने भी इस पर रिपोर्ट की।

दिल्ली ने क्या कहा

विदेश मंत्रालय ने उसी शाम बयान जारी किया। बयान में कहा गया कि इस क्षेत्र में जहाज़ों पर हो रहे लगातार हमले भारत के लिए गहरी चिंता का विषय हैं। मंत्रालय ने मांग की कि ऐसे हमले शांति और स्थिरता के हित में तुरंत रोके जाएं, वाणिज्यिक जहाज़ों, नाविकों और नागरिक ढांचे को निशाना बनाना बंद हो, और अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों के ज़रिए नौवहन और व्यापार जल्द से जल्द बहाल हो।

PTI के मुताबिक मंत्रालय ने यह भी कहा कि वह संघर्षों को खत्म करने के लिए संवाद और कूटनीति की मांग जारी रखेगा। मंत्रालय ने इन हमलों को वैश्विक वाणिज्य और दुनिया भर के लोगों के कल्याण को गंभीर रूप से कमज़ोर करने वाला बताया।

एक बात साफ़ रखनी ज़रूरी है: बयान में यह नहीं बताया गया कि प्रोजेक्टाइल किसने दागा। हमलावर की पहचान पर मंत्रालय ने कुछ नहीं कहा।

काला सागर में दूसरा हमला, दो की मौत

उसी बयान में एक और हमले की निंदा भी थी, इस बार काला सागर में। व्यापारी जहाज़ MV Royad Mammadov पर हमले में दो विदेशी नाविक मारे गए और दल के कुछ सदस्य घायल हुए, जिनमें भारतीय भी शामिल हैं। मंत्रालय के मुताबिक घायलों को रोमानियाई अधिकारियों ने बचाया और उनका इलाज चल रहा है। जहाज़ पर सवार तीन भारतीय सुरक्षित हैं। नई दिल्ली ने रोमानिया के अधिकारियों की तेज़ कार्रवाई के लिए शुक्रिया कहा।

The Hindu के मुताबिक काला सागर वाले जहाज़ में सोमवार, 5 अक्टूबर को आग लग गई थी और 11 लोगों को बचाया गया। The Hindu ने लिखा कि काला सागर रूस-यूक्रेन युद्ध में ड्रोन हमलों का बढ़ता मैदान बनता जा रहा है।

यह कोई अकेली घटना नहीं

होर्मुज में एमटी ऑन पीस पर हमला अचानक नहीं हुआ। इसके ठीक तीन दिन पहले, 3 अक्टूबर को कुवैती झंडे वाले टैंकर MT Kazimah III पर भी प्रोजेक्टाइल हमला हुआ था। IANS के मुताबिक विदेश मंत्रालय ने उसी दिन बताया था कि जहाज़ पर सवार पांच भारतीय नागरिकों को सफलतापूर्वक बचा लिया गया। मंत्रालय ने X पर लिखा था कि वह विदेश में अपने नाविकों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। IANS के मुताबिक ओमान स्थित भारतीय दूतावास ने बताया कि उसने इस बचाव का समन्वय किया था और पांचों भारतीयों को सुरक्षित तट पर पहुंचाया गया।

हमलों का सिलसिला इससे भी बड़ा है। News9Live के मुताबिक रॉयटर्स की 5 अक्टूबर की रिपोर्ट में कहा गया था कि अक्टूबर के पहले हफ़्ते में ही कम से कम सात टैंकरों पर हमले दर्ज किए गए, जिनमें कुवैती MT Kazimah III और लाइबेरियाई झंडे वाला लिप्सी भी शामिल थे। वहीं The National ने वॉल स्ट्रीट जर्नल के हवाले से लिखा कि हाल के हफ़्तों में जलडमरूमध्य के पास नौ वाणिज्यिक जहाज़ों पर हमले हो चुके हैं। दोनों आंकड़ों का दायरा अलग है, एक हफ़्ते के टैंकर बनाम कुछ हफ़्तों के जहाज़, इसलिए इन्हें उनके स्रोत के साथ ही रखा गया है।

रॉयटर्स की उसी रिपोर्ट के मुताबिक होर्मुज से कच्चे तेल की ढुलाई युद्ध से पहले के स्तर के करीब पहुंच गई थी। यानी हमले जारी हैं, लेकिन तेल का प्रवाह थमा नहीं है।

दो हमले, एक नज़र में

एमटी ऑन पीस (होर्मुज) MV Royad Mammadov (काला सागर)
तारीख़ 6 अक्टूबर 2026 5 अक्टूबर 2026
जगह ओमान तट के पास, होर्मुज जलडमरूमध्य काला सागर
हमला प्रोजेक्टाइल, वॉटरलाइन के ऊपर लगा हमले के बाद जहाज़ में आग
हताहत 12 घायल, जिनमें 11 भारतीय 2 विदेशी नाविकों की मौत; भारतीयों समेत कुछ घायल
बचाव ओमान की मदद से, ख़साब में इलाज रोमानिया की मदद से बचाव
भारतीय दल 19 में से 17 भारतीय 3 भारतीय सुरक्षित

होर्मुज इतना नाज़ुक क्यों

होर्मुज जलडमरूमध्य फ़ारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है। खाड़ी के देशों से निकलने वाले तेल और गैस का बड़ा हिस्सा इसी संकीर्ण रास्ते से दुनिया भर जाता है। यहीं से भारत की ऊर्जा सुरक्षा भी जुड़ी है। इस रास्ते पर कोई भी रुकावट सीधे तेल बाज़ार और शिपिंग लागत पर असर डालती है।

भारत ने समुद्री सुरक्षा को लेकर कूटनीतिक मोर्चा भी संभाला है। PTI के मुताबिक सितंबर में संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान भारत और लाइबेरिया ने 25 देशों का ग्रुप ऑफ फ्रेंड्स ऑन सेफ्टी एंड सिक्योरिटी ऑफ शिपिंग एंड सीफेयर्स लॉन्च किया था, जिसका मकसद लक्षित हमलों से व्यापारी दल और वाणिज्यिक जहाज़ों की सुरक्षा है।

आगे क्या देखना होगा

घायल 11 भारतीय नाविक इस वक्त ख़साब, ओमान में इलाज करा रहे हैं। उनकी हालत को लेकर अभी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं आई है।

तीन सवाल अगले कुछ दिनों में साफ़ होंगे। पहला, क्या भारत हमलावर की पहचान सार्वजनिक करेगा या कूटनीतिक चैनलों से दबाव बनाएगा। दूसरा, क्या होर्मुज में हमलों का सिलसिला थमेगा, या शिपिंग कंपनियां रूट बदलने और बीमा बढ़ाने जैसे क़दम उठाएंगी। तीसरा, सितंबर में बना 25 देशों का समूह इन हमलों पर कोई ठोस कार्रवाई करता है या बयानबाज़ी तक सीमित रहता है।

Questions people ask

होर्मुज में एमटी ऑन पीस पर क्या हुआ था?
6 अक्टूबर 2026 को पनामियन झंडे वाले टैंकर एमटी ऑन पीस पर होर्मुज जलडमरूमध्य में ओमान के तट के पास प्रोजेक्टाइल गिरा। 19 सदस्यीय दल में 17 भारतीय थे। हमले में 12 लोग घायल हुए, जिनमें 11 भारतीय शामिल हैं। ब्रिटेन की एजेंसी UKMTO के मुताबिक प्रोजेक्टाइल वॉटरलाइन के ऊपर लगा था।
घायल भारतीय नाविक इस वक्त कहाँ हैं?
सभी 12 घायलों को ओमान के अधिकारियों की मदद से जहाज़ से निकाला गया और ओमान के ख़साब में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है। विदेश मंत्रालय ने ओमान के सहयोग के लिए शुक्रिया कहा है। घायलों की हालत को लेकर अभी कोई आधिकारिक जानकारी जारी नहीं हुई है।
क्या होर्मुज में यह पहला हमला था?
नहीं। 3 अक्टूबर को कुवैती टैंकर MT Kazimah III पर भी प्रोजेक्टाइल हमला हुआ था, जिसमें सवार पांच भारतीयों को बचा लिया गया था। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक अक्टूबर के पहले हफ़्ते में ही कम से कम सात टैंकरों पर हमले हुए, जबकि वॉल स्ट्रीट जर्नल के मुताबिक हाल के हफ़्तों में नौ जहाज़ निशाना बने।
काला सागर वाले हमले में भारतीयों पर क्या बीती?
MV Royad Mammadov पर हमले में दो विदेशी नाविक मारे गए और दल के कुछ सदस्य घायल हुए, जिनमें भारतीय भी शामिल हैं। विदेश मंत्रालय के मुताबिक घायलों को रोमानियाई अधिकारियों ने बचाया और जहाज़ पर सवार तीन भारतीय सुरक्षित हैं। The Hindu के मुताबिक जहाज़ में 5 अक्टूबर को आग लग गई थी।
होर्मुज जलडमरूमध्य भारत के लिए इतना अहम क्यों है?
होर्मुज फ़ारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ने वाला संकीर्ण रास्ता है, जिससे खाड़ी देशों का तेल और गैस दुनिया भर जाता है। भारत की ऊर्जा सुरक्षा भी इसी रास्ते से जुड़ी है। यहां कोई भी रुकावट तेल बाज़ार और शिपिंग लागत पर सीधा असर डालती है, इसलिए इस पर हमले भारत के लिए सीधी चिंता हैं।

Sources

  1. The Hindu (thehindu.com)
  2. Times of India (timesofindia.indiatimes.com)
  3. ABP Live (PTI) (news.abplive.com)
  4. Deccan Herald (deccanherald.com)
  5. Reuters (reuters.com)
  6. The National (thenationalnews.com)
  7. IANS (ianslive.in)
  8. News9Live (news9live.com)

Editorial Note: This explainer was researched using verified primary sources and official notifications, then independently fact-checked, reviewed, and finalized under human editorial guidance by the Gagariya desk.

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