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दिसंबर में ब्रसेल्स में भारत-EU व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर

By Gagariya Editorial Desk•30 Oct 2026 IST•3 min read•Human Reviewed & Fact-Checked
दिसंबर में ब्रसेल्स में भारत-EU व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर
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भारत और यूरोपीय संघ ने इस मुक्त व्यापार समझौते की बातचीत 2026 में पहले ही पूरी कर ली थी। इसके दायरे में दो अरब से ज्यादा लोग आते हैं, और यह साझेदारी दुनिया की अर्थव्यवस्था के करीब एक चौथाई हिस्से को छूती है। अब इस समझौते पर औपचारिक हस्ताक्षर की बारी है, जो दिसंबर में ब्रसेल्स में होगा। यह घोषणा यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा ने 29 अक्टूबर को कनाडा में मॉन्ट्रियल काउंसिल ऑन फॉरेन रिलेशंस के एक कार्यक्रम में की। कोस्टा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा 17 दिसंबर से शुरू हो रही यूरोपीय नेताओं की बैठक से कुछ पहले होगी। हस्ताक्षर की सटीक तारीख अभी घोषित नहीं हुई है, इसलिए दिसंबर के अंदर का कोई एक दिन पक्का नहीं माना जाना चाहिए।

क्या तय हुआ है

यह समझौता 27 देशों वाले यूरोपीय संघ और भारत को जोड़ता है। भारत को यूरोपीय बाजार में अपने निर्यात के मूल्य के हिसाब से 99 प्रतिशत से ज्यादा हिस्से पर तरजीही या शुल्क मुक्त पहुंच मिलने की उम्मीद है। इससे कपड़ा, चमड़ा, रत्न और आभूषण जैसे क्षेत्रों को फायदा होने की उम्मीद है। कुछ संवेदनशील क्षेत्रों को लेकर धीरे-धीरे कदम उठाए जाएंगे। ऑटोमोबाइल और ऑटो पार्ट्स पर शुल्क में कटौती चरणों में लागू होगी, ताकि घरेलू उद्योग को अचानक झटका न लगे। भारत ने अपनी कृषि और डेयरी उद्योगों की सुरक्षा की मांग भी की है, ताकि समझौता स्थानीय उत्पादकों को नुकसान न पहुंचाए।

आगे का रास्ता, तारीखों के साथ

| कब | क्या होगा | स्थिति | | दिसंबर 2026 | ब्रसेल्स में औपचारिक हस्ताक्षर, मोदी की यात्रा | घोषित, सटीक तारीख अभी घोषित नहीं | | 17 दिसंबर 2026 से | ब्रसेल्स में यूरोपीय नेताओं की बैठक | तय कार्यक्रम | | वसंत 2027 | यूरोपीय संसद में सहमति मतदान की उम्मीद | अनुमानित | | 2027 के मध्य | समझौते के लागू होने की उम्मीद | अनुमानित | यूरोपीय संसद की विदेश मामलों की समिति के अध्यक्ष डेविड मैकएलिस्टर ने कहा है कि औपचारिक हस्ताक्षर दिसंबर के मध्य तक होने की राह पर है। उन्होंने यह भी कहा कि यूरोपीय संसद समझौते के पाठ में बदलाव नहीं कर सकती, लेकिन इसे लागू करने से पहले संसद की औपचारिक सहमति जरूरी है। मैकएलिस्टर का कहना है कि संसद में इस समझौते के पक्ष में पहले से व्यापक बहुमत है, और सहमति मतदान अगले साल वसंत में होने की उम्मीद है। मैकएलिस्टर ने यह भी संकेत दिया है कि मोदी की ब्रसेल्स यात्रा अमेरिका में G20 शिखर सम्मेलन से वापसी के रास्ते में पड़ सकती है, जिसमें कनाडा और जर्मनी में ठहराव भी संभव है। यह एक संभावना है, पक्का कार्यक्रम नहीं।

भारतीय कारोबार पर क्या असर पड़ेगा

आंकड़े बताते हैं कि यह साझेदारी पहले से ही बड़ी है। 2024-25 में भारत और यूरोपीय संघ के बीच वस्तुओं का व्यापार 136.54 अरब डॉलर तक पहुंचा, जिसमें भारत का निर्यात 75.85 अरब डॉलर और आयात 60.68 अरब डॉलर रहा। सेवाओं का व्यापार 2024 में 83.1 अरब डॉलर रहा। समझौता लागू होने के बाद इन आंकड़ों में और बढ़ोतरी की उम्मीद है। सिर्फ वस्तुएं ही नहीं, सेवाएं भी इस समझौते में शामिल हैं। सूचना प्रौद्योगिकी, पेशेवर सेवाएं, बिजनेस सलाह और शोध एवं विकास जैसे क्षेत्रों को फायदा होगा। कुशल भारतीय पेशेवरों की आवाजाही को आसान बनाने के प्रावधान भी हैं। मैकएलिस्टर ने साथ में चल रहे निवेश सुरक्षा समझौते की अहमियत भी बताई है।

शब्दावली

मुक्त व्यापार समझौता यानी FTA का मतलब है कि दो पक्ष एक-दूसरे के सामानों और सेवाओं पर शुल्क और बाधाएं घटाते हैं, ताकि व्यापार आसान और सस्ता हो। तरजीही पहुंच का मतलब है कि किसी देश के सामानों को दूसरे देश के बाजार में सामान्य दर से कम शुल्क या बिना शुल्क के प्रवेश मिलता है। सहमति मतदान का मतलब है कि यूरोपीय संसद समझौते को मंजूरी देती है या नहीं, यह तय करती है, लेकिन वह समझौते का पाठ बदल नहीं सकती।

आगे क्या होगा

दिसंबर में ब्रसेल्स में हस्ताक्षर के बाद नजर 2027 के वसंत में यूरोपीय संसद के सहमति मतदान पर रहेगी। अगर संसद मंजूरी देती है, तो समझौता 2027 के मध्य तक लागू होने की उम्मीद है। तब तक भारतीय निर्यातकों को यह देखना होगा कि किन-किन उत्पादों पर शुल्क में कटौती पहले लागू होती है और किन पर चरणों में, क्योंकि ऑटोमोबाइल जैसे क्षेत्रों में कटौती धीरे-धीरे होगी। निवेश सुरक्षा समझौते पर प्रगति पर भी ध्यान रहेगा।

स्रोत

Questions people ask

भारत-EU व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर कब होंगे?
दिसंबर 2026 में ब्रसेल्स में, 17 दिसंबर से शुरू हो रही बैठक से कुछ पहले; सटीक तारीख अभी घोषित नहीं।
भारत को क्या फायदा होगा?
निर्यात के मूल्य के हिसाब से 99 प्रतिशत से ज्यादा हिस्से पर तरजीही या शुल्क मुक्त पहुंच; कपड़ा, चमड़ा, रत्न, आभूषण।
समझौता कब लागू होगा?
वसंत 2027 में सहमति मतदान की उम्मीद, 2027 के मध्य तक लागू होने की उम्मीद।
क्या यूरोपीय संसद समझौता बदल सकती है?
नहीं; पाठ नहीं बदल सकती, पर औपचारिक सहमति जरूरी है।
किसानों और डेयरी उद्योग पर क्या असर पड़ेगा?
भारत ने कृषि और डेयरी की सुरक्षा की मांग की है; ऑटोमोबाइल जैसे क्षेत्रों में शुल्क कटौती चरणों में होगी।

Editorial Note: This explainer was researched using verified primary sources and official notifications, then independently fact-checked, reviewed, and finalized under human editorial guidance by the Gagariya desk.

This story is informational only and is not financial advice. Decisions about money belong with a registered adviser — the sources above are a good place to start reading.

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