दवा की सही कीमत कैसे जानें? Pharma Sahi Daam ऐप

दुकान पर एक ही दवा अलग-अलग ब्रांड में अलग-अलग दाम पर मिलती है। कभी एक ही साल्ट की दो दवाओं की कीमत में बड़ा फर्क होता है, और ग्राहक को पता ही नहीं चलता कि सही दाम क्या है। इसी उलझन का सरकारी हल है Pharma Sahi Daam — एक ऐसा टूल जहाँ दवा की तय कीमत पहले से देखी जा सकती है, खरीदने से पहले।
Pharma Sahi Daam क्या है
Pharma Sahi Daam को राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (NPPA) ने बनाया है। NPPA रसायन और उर्वरक मंत्रालय के तहत काम करता है और दवाओं की कीमतें औषधि मूल्य नियंत्रण आदेश (DPCO), 2013 के तहत तय और संशोधित करता है। इसका ऐप और वेब पोर्टल, दोनों, दवा की कीमत की जानकारी देते हैं।
इसमें दो तरह की दवाएँ आती हैं: अनुसूचित (scheduled) दवाएँ, जिनकी कीमत सीधे नियंत्रण में होती है, और गैर-अनुसूचित (non-scheduled) दवाएँ। ऐप में दवा का ब्रांड नाम, उसकी संरचना (composition), सीलिंग प्राइस और अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) दिखता है। यानी सिर्फ MRP नहीं, बल्कि सरकार द्वारा तय सीमा भी सामने आ जाती है।
25 जून 2025 को NPPA ने इस प्लेटफॉर्म को एकीकृत कर दिया। अब कीमत देखने वाली सेवा (Pharma Sahi Daam) और शिकायत वाली सेवा (Pharma Jan Samadhan) एक ही पोर्टल में हैं। इसका मतलब है कि कीमत देखना और ज़्यादा वसूली की शिकायत करना, दोनों एक ही जगह से हो जाते हैं।
कीमत चेक करने के स्टेप
- Pharma Sahi Daam ऐप आधिकारिक स्टोर से डाउनलोड करें, या वेब पोर्टल खोलें।
- दवा का नाम डालकर खोजें, ब्रांड नाम, जेनेरिक नाम या संरचना से भी खोजा जा सकता है।
- दिखी हुई सीलिंग प्राइस और MRP को ध्यान से देखें।
- दुकान के बिल और पैक पर छपे MRP से इसका मिलान करें।
- अगर दुकान का दाम तय सीमा से ज़्यादा है, तो बिल और पैक संभालकर रखें, यही शिकायत का आधार बनेगा।
एक उदाहरण
उदाहरण के लिए, मान लीजिए ऐप किसी दवा की सीलिंग प्राइस ₹100 दिखाता है और दुकान ₹130 माँग रही है। फर्क ₹30 है — यही वह रकम है जिस पर शिकायत बनती है। ये आँकड़े सिर्फ समझाने के लिए हैं, किसी खास दवा की असली कीमत नहीं। असली कीमत हमेशा ऐप या पोर्टल पर उसी दवा के नाम से देखनी चाहिए।
सीलिंग प्राइस और MRP को साथ क्यों देखें
सिर्फ MRP देखना काफी नहीं है। MRP पैक पर छपा मूल्य है, जबकि सीलिंग प्राइस सरकार की तय सीमा है। दोनों को साथ देखने से ही पता चलता है कि दुकान का दाम सीमा के अंदर है या बाहर। यही वजह है कि Pharma Sahi Daam दोनों आँकड़े एक साथ दिखाता है।
एक और फायदा संरचना (composition) से खोजने का है। एक ही साल्ट की दवा अलग-अलग ब्रांड नामों से अलग-अलग दाम पर बिक सकती है। संरचना से खोजने पर उसी साल्ट वाली दूसरी दवाओं की कीमतें भी सामने आ जाती हैं, जिससे तुलना करना आसान हो जाता है। तुलना करने का मतलब यह नहीं है कि खुद से दवा बदल लें — ब्रांड बदलने का फैसला डॉक्टर से पूछकर ही करना चाहिए।
ज़्यादा दाम लगे तो शिकायत कैसे करें
अगर दुकान तय कीमत से ज़्यादा वसूल रही है, तो उसी एकीकृत पोर्टल से शिकायत दर्ज की जा सकती है। पहले यह काम Pharma Jan Samadhan सेवा से होता था, जो अब इसी प्लेटफॉर्म का हिस्सा है। शिकायत के साथ बिल और पैक की जानकारी रखना काम आता है, क्योंकि कीमत का दावा इन्हीं से साबित होता है।
शब्दावली: ये शब्द क्या हैं
- सीलिंग प्राइस: सरकार द्वारा तय की गई अधिकतम कीमत, जिससे ऊपर दवा नहीं बेची जा सकती।
- MRP: पैक पर छपा अधिकतम खुदरा मूल्य।
- अनुसूचित दवा: मूल्य नियंत्रण के दायरे में आने वाली दवा।
- गैर-अनुसूचित दवा: इस दायरे से बाहर की दवा, जिसकी जानकारी भी पोर्टल पर मिलती है।
- NPPA: दवाओं की कीमत तय करने और निगरानी रखने वाला सरकारी प्राधिकरण।
ऐप को लेकर एक छोटा मतभेद
ऐप की उपलब्धता को लेकर दो जानकारियों में थोड़ा फर्क है। राज्यसभा में दिए गए एक लिखित उत्तर में कहा गया है कि Pharma Sahi Daam ऐप Android के Google Play Store और Apple के App Store, दोनों पर उपलब्ध है। वहीं एक रिपोर्ट में कहा गया है कि मंत्रालय के बयान में खास तौर पर Google Play Store का ज़िक्र था, और iOS के बारे में पुष्टि नहीं हुई थी। दोनों में एक बात पर सहमति है: वेब पोर्टल हर डिवाइस पर खुलता है। इसलिए अगर ऐप न मिले तो वेब पोर्टल से कीमत देखना सबसे पक्का तरीका है।
9 नवंबर से जुड़ा संदर्भ
यह टूल 9 नवंबर से और काम का हो जाएगा। उस दिन से कैंसर की 137 दवाओं की नई कीमतें लागू हो रही हैं, जिनके बारे में gagariya ने 19 अक्टूबर को बताया था। इन दवाओं पर 30 प्रतिशत ट्रेड मार्जिन की सीमा लगाई गई है, जिससे उनकी कीमतें घटने की उम्मीद है। नई दरें लागू होने के बाद दवा खरीदते समय बिल और पैक पर छपे MRP की जाँच करना और भी ज़रूरी हो जाएगा — और यही जाँच Pharma Sahi Daam से की जा सकती है।
खरीदते वक्त तीन आदतें
कीमत की जाँच को आदत बनाने के तीन सीधे तरीके हैं। पहला, दवा खरीदने से पहले उसका नाम ऐप या पोर्टल पर डालकर सीलिंग प्राइस देख लें। दूसरा, दुकान से बिल ज़रूर लें और उस पर लिखे दाम को पैक के MRP से मिलाएँ। तीसरा, अगर दाम तय सीमा से ज़्यादा लगे तो उसी वक्त बिल और पैक संभालकर रखें, ताकि शिकायत के लिए सबूत हाथ में रहे। ये तीन आदतें किसी भी दवा की खरीद पर लागू होती हैं, चाहे वह महंगी हो या सस्ती।
एक बात साफ रखनी चाहिए: यह जानकारी दवा की कीमत के बारे में है, इलाज की सलाह नहीं। कौन-सी दवा लेनी है, यह डॉक्टर के कहने पर ही तय होना चाहिए।
📷 Illustration: AI-generated
Questions people ask
- Pharma Sahi Daam ऐप कहाँ से डाउनलोड करें?
- इसे आधिकारिक स्टोर से डाउनलोड करें — राज्यसभा के उत्तर के अनुसार यह Google Play Store और Apple App Store, दोनों पर है। वेब पोर्टल हर डिवाइस पर खुलता है।
- क्या बिना ऐप के भी कीमत देख सकते हैं?
- हाँ, NPPA के एकीकृत वेब पोर्टल से भी दवा की कीमत देखी जा सकती है, बिना ऐप डाउनलोड किए।
- क्या जेनेरिक दवा की कीमत भी दिखती है?
- हाँ, ब्रांड नाम के अलावा जेनेरिक नाम या संरचना (composition) से भी खोजा जा सकता है, और सीलिंग प्राइस व MRP दिखते हैं।
- ज़्यादा दाम वसूलने पर शिकायत के लिए क्या चाहिए?
- उसी पोर्टल से शिकायत दर्ज होती है। बिल और पैक की जानकारी संभालकर रखें, क्योंकि कीमत का दावा इन्हीं से साबित होता है।
- क्या हर दवा की कीमत इस पर मिलती है?
- अनुसूचित और गैर-अनुसूचित, दोनों तरह की दवाओं की जानकारी इस प्लेटफॉर्म पर दी जाती है।
Sources
- NPPA's Pharma Sahi Daam app — Press Information Bureau, Rajya Sabha reply (pib.gov.in)
- NPPA merges Pharma Jan Samadhan and Pharma Sahi Daam into one portal — NationPress (nationpress.com)
- Hack of the day: How to check medicine price before buying from pharmacy — Times of India (newspointapp.com)
- Transparency and Regulation in Drug Pricing: Govt Framework and Consumer Access — Devdiscourse (devdiscourse.com)
- 137 दवाओं की नई कीमतें 9 नवंबर से — gagariya (19 Oct 2026) (gagariya.com)
Editorial Note: This explainer was researched using verified primary sources and official notifications, then independently fact-checked, reviewed, and finalized under human editorial guidance by the Gagariya desk.
This story is informational only and is not medical advice. Decisions about your health belong with a qualified doctor — the sources above are a good place to start reading.
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