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भारत का पहला डेंगू टीका Qdenga: 4 से 60 साल तक CDSCO की मंजूरी, 2027 की पहली छमाही में प्राइवेट मार्केट में

By Gagariya Editorial Desk•18 Oct 2026 IST•4 min read•Human Reviewed & Fact-Checked
भारत का पहला डेंगू टीका Qdenga: 4 से 60 साल तक CDSCO की मंजूरी, 2027 की पहली छमाही में प्राइवेट मार्केट में
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क्या हुआ है

डेंगू से लड़ाई में भारत के लिए एक अहम मोड़ आया है। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) ने जुलाई 2026 में QDENGA (TAK-003) को मंजूरी दी — यह भारत का पहला स्वीकृत डेंगू टीका है, जो 4 से 60 साल तक की उम्र के लोगों के लिए साफ है। इसके बाद जापानी दवा कंपनी ताकेडा और भारत की डॉ. रेड्डीज़ लेबोरेटरीज़ ने 18 सितंबर 2026 को हैदराबाद में एक विशेष वितरण समझौते की घोषणा की। यह जानकारी डॉ. रेड्डीज़ की संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति (18 सितंबर 2026), मेडिकल डायलॉग्स और ट्रेडिंग व्यू की रिपोर्टों में है।

समझौते के तहत डॉ. रेड्डीज़ भारत के प्राइवेट मार्केट में बच्चों और वयस्कों दोनों के टीकाकरण के लिए QDENGA का विशेष प्रचार और वितरण करेगी। ताकेडा के पास पब्लिक मार्केट के व्यावसायीकरण अधिकार, निर्माण/आयात, टीके का कानूनी स्वामित्व और मेडिकल/नियामकीय निगरानी रहेगी। कोई अग्रिम भुगतान या माइलस्टोन भुगतान नहीं है; बाकी व्यावसायिक शर्तें गोपनीय रखी गई हैं।

टीका 2027 की पहली छमाही में उपलब्ध होने की उम्मीद है — "स्थानीय अधिकारियों के साथ लागू प्रक्रियाएं पूरी होने पर।" सार्वजनिक टीकाकरण कार्यक्रम में शामिल करना अभी सिर्फ "दीर्घकालिक महत्वाकांक्षा" है; शुरुआत प्राइवेट मार्केट से होगी।

टीका क्या है और कितना असरदार

QDENGA एक लाइव-अटेन्यूएटेड टेट्रावैलेंट डेंगू टीका है — यानी इसमें डेंगू के चारों सीरोटाइप के खिलाफ सुरक्षा है। यह DENV-2 के ढांचे पर बना है, जिसमें DENV-1, DENV-3 और DENV-4 के संरचनात्मक प्रोटीन जोड़े गए हैं। दो खुराकें, तीन महीने के अंतराल पर दी जाती हैं। (स्रोत: ट्रेडिंग व्यू; नास्डैक प्रेस विज्ञप्ति)

असरदारी के आंकड़े ताकेडा के सबसे बड़े ट्रायल TIDES से हैं — 8 डेंगू-प्रभावित देशों में 4 से 16 साल के 20,000 से ज़्यादा स्वस्थ बच्चों-किशोरों पर:

नतीजा असरदारी
लक्षणात्मक डेंगू से बचाव (12 महीने, प्राथमिक लक्ष्य) 80.2%
अस्पताल में भर्ती वाले डेंगू से बचाव (18 महीने) 90.4%
4.5 साल में अस्पताल में भर्ती के मामले रोके गए ~84%
4.5 साल में लक्षणात्मक मामले रोके गए ~61%

(स्रोत: अमेरिकन फार्मास्युटिकल रिव्यू; बिज़नेसवायर; न्यूज़-मेडिकल; कुछ स्रोतों में 84.1% और 61.2% — एक ही डेटा का अलग राउंडिंग)

एक बारीकी भी है: सीरोटाइप के हिसाब से असरदारी अलग-अलग रही। पहले से सीरोनेगेटिव लोगों में DENV-1 और DENV-2 के खिलाफ असरदारी दिखी, DENV-3 के खिलाफ नहीं दिखी, और DENV-4 के मामले कम होने के कारण उसका आकलन नहीं हो सका। कोई बीमारी-वृद्धि (disease enhancement) नहीं देखी गई और कोई महत्वपूर्ण सुरक्षा जोखिम नहीं पाया गया।

एक बड़ी राहत: पुराने डेंगवैक्सिया टीके के विपरीत, Qdenga के लिए पहले डेंगू हुआ है या नहीं, इसकी जांच ज़रूरी नहीं। (स्रोत: pingara.com)

भारत में डेंगू का बोझ कितना बड़ा है

कंपनियों के हवाले से ट्रेडिंग व्यू ने लिखा है कि भारत में रिपोर्ट किए गए डेंगू के मामले दो दशकों में 11 गुना बढ़े हैं। ICMR की वायरस रिसर्च और डायग्नोस्टिक प्रयोगशाला निगरानी के अनुसार चारों सीरोटाइप एक साथ फैल रहे हैं — और हर 14 में से 1 मरीज़ एक साथ कई सीरोटाइप से संक्रमित पाया गया।

2025 के आंकड़ों को लेकर स्रोतों में कट-ऑफ का फर्क है, जिसे यहां बिना पक्ष लिए दर्ज किया जा रहा है:

  • 1,13,450 मामले, 95 मौतें — नवंबर 2025 तक के अनंतिम आंकड़े (रिसर्चस्क्वायर की राष्ट्रीय निगरानी तालिका; स्वास्थ्य राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल के 16 दिसंबर 2025 के राज्यसभा जवाब में 1,13,440 मामले, 94 मौतें — newkerala, healthandfamily)।
  • 1,21,824 मामले, 131 मौतें — NCVBDC के हवाले से WHO क्षेत्रीय निगरानी का बाद का कट (healthandfamily.in)।

यह विरोधाभास नहीं, डेटा के समय का फर्क है। लेख में नवंबर 2025 तक के अनंतिम आंकड़ों को आधार माना गया है।

कीमत अभी तय नहीं हुई है — "स्थानीय नियामकीय प्रक्रियाओं और मूल्य निर्धारण पर परामर्श चल रहा है" — और शुरुआत में टीका प्राइवेट अस्पतालों और हेल्थकेयर नेटवर्कों के माध्यम से मिलेगा। (स्रोत: द इंडियन प्रैक्टिशनर; pingara.com)

Qdenga बनाम DengiAll: दो रास्ते

भारत का अपना स्वदेशी टीका भी दौड़ में है — DengiAll, जिसे पैनेशिया बायोटेक ने ICMR के सहयोग से विकसित किया है। दोनों की तुलना:

पहलू Qdenga (ताकेडा) DengiAll (पैनेशिया/ICMR)
स्थिति CDSCO से मंजूर (जुलाई 2026) फेज़ III ट्रायल में
खुराक 2 खुराक, 3 महीने के अंतराल पर सिंगल-डोज़ डिज़ाइन
उम्र 4–60 साल स्वस्थ वयस्क (ट्रायल)
ट्रायल TIDES: 20,000+ बच्चे, 8 देश 19 साइटें, 18 राज्य/केंद्रशासित प्रदेश
उपलब्धता 2027 की पहली छमाही (प्राइवेट) ICMR DG के अनुसार 2027 के अंत तक संभव

DengiAll का फेज़ III ट्रायल अगस्त 2024 में शुरू हुआ था (पहला टीकाकरण 14 अगस्त 2024 को PGIMS रोहतक में); इसे मुख्य रूप से ICMR वित्तपोषित कर रहा है। ट्रायल के आकार को लेकर स्रोतों में फर्क है — स्वास्थ्य मंत्रालय/फार्माबिज़ के अनुसार 19 साइटों पर 10,335 प्रतिभागी, जबकि सितंबर 2026 की कुछ रिपोर्टों में "13,000 से ज़्यादा" प्रतिभागी 20 केंद्रों पर (संभवतः ट्रायल का विस्तार; अनसुलझा)। ICMR के महानिदेशक डॉ. राजीव बहल के अनुसार ट्रायल के सफल नतीजों और नियामकीय मंज़ूरी पर यह 2027 के अंत तक आ सकता है।

जानने लायक बातें

  • Qdenga भारत का पहला CDSCO-स्वीकृत डेंगू टीका है; 2027 की पहली छमाही में प्राइवेट मार्केट में आने की उम्मीद।
  • दो खुराक, 3 महीने का अंतराल; पहले डेंगू की जांच ज़रूरी नहीं।
  • 12 महीने में लक्षणात्मक डेंगू से 80.2% और 18 महीने में अस्पताल में भर्ती से 90.4% सुरक्षा — TIDES ट्रायल के आंकड़े।
  • कीमत अभी तय नहीं; शुरुआत प्राइवेट अस्पतालों से होगी।
  • स्वदेशी DengiAll फेज़ III में है — 2027 के अंत तक संभव, लेकिन ट्रायल के नतीजों पर निर्भर।

Editorial Note: This explainer was researched using verified primary sources and official notifications, then independently fact-checked, reviewed, and finalized under human editorial guidance by the Gagariya desk.

This story is informational only and is not medical advice. Decisions about your health belong with a qualified doctor — the sources above are a good place to start reading.

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