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चोरबागान पूजा पंडाल भगदड़: 17 की मौत, 25 घायल

By Gagariya Editorial Desk•19 Oct 2026 IST•3 min read•Human Reviewed & Fact-Checked
चोरबागान पूजा पंडाल भगदड़: 17 की मौत, 25 घायल
Photo: Own or licensed by the publisher

17 अक्टूबर, शाम करीब 7:40 बजे उत्तर कोलकाता का चोरबागान। सारदा पार्क दुर्गा पूजा पंडाल के बाहर बारिश में भीगी भीड़ जमा थी। तभी निकास द्वार की ओर धक्का लगा — लोग सड़क पर गिरे और रौंदे गए।

कोलकाता पुलिस के बयान के अनुसार भगदड़ पंडाल के निकास द्वार पर हुई, जहां बारिश के दौरान दर्शनार्थियों की भारी भीड़ जमा थी। यह बयान द डेली जागरण और लाइवमिंट के हवाले से सामने आया।

क्या हुआ — शाम 7:40 का मंज़र

घटना गिरीश पार्क थाना क्षेत्र के चोरबागान में सारदा पार्क (चोरेबागान) पूजा पंडाल में हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बारिश हो रही थी और पंडाल के बाहर बड़ी संख्या में लोग इंतज़ार कर रहे थे।

आनंदबाजार पत्रिका के हवाले से लाइवमिंट ने लिखा कि 40–50 लोगों को कलकत्ता मेडिकल कॉलेज लाया गया, जिनमें से 11 को SSKM अस्पताल भेजा गया। हादसे के बाद कई भीड़भाड़ वाले पंडाल अस्थायी रूप से बंद कर दिए गए। कोलकाता में करीब 3,500 दुर्गा पूजा पंडाल हैं।

भगदड़ क्यों मची

प्रत्यक्षदर्शियों और शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार बारिश की वजह से बाहर इंतज़ार कर रहे लोग छत वाले पंडाल की ओर भागने लगे। उसी दौरान आयोजकों की तरफ से लाउडस्पीकर पर की गई एक घोषणा से धक्का और तेज़ हो गया। लोग सड़क पर गिर पड़े और भीड़ उन्हें रौंदती चली गई।

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने इंतज़ामों में "कमियों" का ज़िक्र किया है। भगदड़ का सटीक क्रम अभी जांच का विषय है — पुलिस ने किसी एक वजह को अंतिम नहीं ठहराया है।

आंकड़ों में मतभेद — स्रोत क्या कह रहे हैं

स्रोत मृतक खबर की तिथि
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी (बयान) 17 17 अक्टूबर, शाम
TBS News, लाइवमिंट, द डेली जागरण 17 17–18 अक्टूबर
fact.net.in (अपडेटेड रिपोर्ट) 19 18 अक्टूबर

यानी 17 का आंकड़ा CM के शुरुआती बयान से आया, जबकि बाद की एक रिपोर्ट में 19 का ज़िक्र है। किसी एक आंकड़े को अंतिम नहीं माना जा रहा। 13 मृतकों में महिलाएं बताई गई हैं, जिनमें एक 7 साल की बच्ची भी शामिल है — यह जानकारी TBS News ने दी।

मुआवजा और जांच — PM से लेकर CM तक के ऐलान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मृतकों के प्रति संवेदना जताई, PMO ने मृतकों के परिजनों को ₹2 लाख और घायलों को ₹50,000 की अनुग्रह राशि घोषित की — यह जानकारी kumasi.city की रिपोर्ट में दी गई।

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने जांच के लिए विशेष टीम (SIT) की घोषणा की, जिसकी अगुवाई राज्य हाईकोर्ट के एक जज करेंगे। kumasi.city के अनुसार पुलिस ने पंडाल के आयोजकों, निजी सुरक्षा कर्मियों और ड्यूटी पर तैनात कुछ स्टाफ को हिरासत में लिया है।

मदद के लिए — हेल्पलाइन नंबर

आनंदबाजार पत्रिका के हवाले से लाइवमिंट ने बताया कि राज्य सरकार ने प्रभावतियों की जानकारी के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन 18003455678 शुरू की है।

भगदड़ में मौत कैसे होती है — NDMA क्या कहती है

fact.net.in की रिपोर्ट के अनुसार NDMA की 2014 की दिशानिर्देश बताते हैं कि भीड़ आपदाएं अत्यधिक घनत्व, संकरे प्रवेश-निकास द्वार, कमजोर बैरिकेड और खराब समन्वय से पैदा होती हैं। दबाव से सांस रुकना (compressive asphyxia) मौत का आम कारण है।

भारत में पहले भी ऐसे हादसे हुए हैं — नासिक कुंभ 2003 में 29 लोगों की मौत हुई थी, और 2005 के मांधरदेवी हादसे में 293 लोगों की जान गई थी।

परिजनों के लिए जरूरी बातें

  • हेल्पलाइन 18003455678 पर प्रभावतियों की जानकारी मिल सकती है।
  • घायलों का इलाज कलकत्ता मेडिकल कॉलेज और SSKM अस्पताल में चल रहा है।
  • मृतकों के परिजनों को PMO से ₹2 लाख और घायलों को ₹50,000 का मुआवजा मिलेगा।
  • पंडाल आयोजकों समेत कई लोग हिरासत में हैं; जांच हाईकोर्ट जज की अगुवाई में होगी।
  • कई भीड़भाड़ वाले पंडाल अस्थायी रूप से बंद हैं — जाने से पहले स्थानीय प्रशासन की सूचना देखें।

Questions people ask

कोलकाता में भगदड़ कहाँ हुई और कितने लोग मरे?
17 अक्टूबर की शाम करीब 7:40 बजे उत्तर कोलकाता के चोरबागान में सारदा पार्क (चोरेबागान) दुर्गा पूजा पंडाल के निकास द्वार पर भगदड़ हुई। CM के बयान के अनुसार 17 लोगों की मौत हुई और 25 घायल हुए; बाद की एक रिपोर्ट में मृतकों की संख्या 19 बताई गई है।
पंडाल में भगदड़ क्यों मची?
बारिश के बीच भारी भीड़ जमा थी। बाहर इंतज़ार कर रहे लोग छत वाले पंडाल की ओर भागे और आयोजकों की लाउडस्पीकर घोषणा से धक्का तेज़ हो गया। लोग सड़क पर गिरे और रौंदे गए। सटीक क्रम की जांच जारी है।
घायलों और मृतकों के परिजनों को कितना मुआवजा मिलेगा?
PMO ने मृतकों के परिजनों को ₹2 लाख और घायलों को ₹50,000 की अनुग्रह राशि घोषित की है।
जांच कौन करेगा?
मुख्यमंत्री ने हाईकोर्ट के एक जज की अगुवाई में विशेष जांच टीम (SIT) की घोषणा की है। पुलिस ने आयोजकों, निजी सुरक्षा कर्मियों और ड्यूटी स्टाफ को हिरासत में लिया है।
लापता या घायल परिजनों की जानकारी कहाँ मिलेगी?
राज्य सरकार की टोल-फ्री हेल्पलाइन 18003455678 पर संपर्क करें।
भगदड़ में मौत दबकर होती है या सांस रुकने से?
NDMA के अनुसार भीड़ के दबाव से सांस रुकना (compressive asphyxia) मौत का आम कारण है — भीड़ का भार छाती पर इतना दबाव डालता है कि सांस लेना बंद हो जाता है।

Sources

  1. TBS News (tbsnews.net)
  2. The Daily Jagran (thedailyjagran.com)
  3. Livemint (livemint.com)
  4. kumasi.city (kumasi.city)
  5. fact.net.in (fact.net.in)

Editorial Note: This explainer was researched using verified primary sources and official notifications, then independently fact-checked, reviewed, and finalized under human editorial guidance by the Gagariya desk.

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