चीन से व्यापार घाटा 105.93 अरब डॉलर पार, 20.7% बढ़ा; सीतारमण ने बैंकॉक में नॉन-टैरिफ बैरियर को 'सबसे बड़ी बाधा' बताया

जनवरी से सितंबर 2026 के बीच चीन के साथ भारत का व्यापार घाटा 105.93 अरब डॉलर तक पहुंच गया है, जो पिछले साल की समान अवधि से 20.7 प्रतिशत अधिक है। China Customs के आंकड़ों के अनुसार, इस दौरान दोनों देशों के बीच कुल द्विपक्षीय व्यापार 144.45 अरब डॉलर रहा, जिसमें 25.4 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज हुई। ये आंकड़े easemyprep ने प्रकाशित किए हैं। घाटे का बढ़ना ऐसे समय में सामने आया है जब वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने चीन के non-tariff barriers को दोनों देशों के व्यापार की सबसे बड़ी बाधा बताया है।
आंकड़े क्या कहते हैं
China Customs के जनवरी–सितंबर के आंकड़ों के अनुसार, चीन का भारत को निर्यात 125.19 अरब डॉलर रहा, जो साल-दर-साल 23.3 प्रतिशत बढ़ा। वहीं, भारत का चीन को निर्यात 19.26 अरब डॉलर रहा, जिसमें 40.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई — easemyprep के अनुसार। यानी भारतीय निर्यात की रफ्तार चीनी निर्यात से तेज़ रही, फिर भी आयात का पैमाना इतना बड़ा है कि घाटा बढ़ता ही गया।
निर्यात बनाम आयात: एक नज़र में
| मद (जनवरी–सितंबर 2026) | राशि | साल-दर-साल बदलाव |
|---|---|---|
| कुल द्विपक्षीय व्यापार | $144.45 अरब | +25.4% |
| चीन का भारत को निर्यात (भारत का आयात) | $125.19 अरब | +23.3% |
| भारत का चीन को निर्यात | $19.26 अरब | +40.7% |
| भारत का व्यापार घाटा | $105.93 अरब | +20.7% |
सभी आंकड़े China Customs के हैं, easemyprep के अनुसार। तालिका से साफ है कि द्विपक्षीय व्यापार बढ़ रहा है, लेकिन इसका फायदा असमान रूप से बंटा है — आयात पक्ष कहीं भारी है।
घाटा क्यों बढ़ रहा है
आंकड़ों की गणना से पता चलता है कि घाटा इसलिए बढ़ रहा है क्योंकि आयात का आधार ही बहुत बड़ा है। चीन से भारत का आयात 125.19 अरब डॉलर है, जबकि भारत का निर्यात 19.26 अरब डॉलर — दोनों के बीच का अंतर ही 105.93 अरब डॉलर का घाटा है, China Customs के आंकड़ों के अनुसार।
सीतारमण ने बैंकॉक में क्या कहा
वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman ने 16 अक्टूबर को Bangkok में IMF-World Bank की annual meetings के sidelines पर Atlantic Council के Michael Kugelman के साथ session में कहा कि non-tariff barriers "the biggest hurdle" हैं, ANI और LatestLY के अनुसार। उनके अनुसार भारतीय generics, bovine meat, vegetables और perishables को चीन के बाज़ार तक पहुंच नहीं मिल रही है, और phytosanitary measures का इस्तेमाल market access रोकने के लिए हो रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत ने कभी punitive tariffs या countervailing duties का रास्ता नहीं अपनाया और हमेशा बातचीत को तरजीह दी।
भारत का रुख: बातचीत, दंड नहीं
Sitharaman के बयान का एक अहम पहलू यह है कि बढ़ते व्यापार घाटे के बावजूद भारत ने चीन से आयात पर जवाबी या दंडात्मक शुल्क लगाने से परहेज़ किया है, ANI/LatestLY के अनुसार। यह भारत की उस नीति को दर्शाता है जिसमें व्यापारिक मतभेदों को संवाद से सुलझाने पर ज़ोर दिया जाता है।
चीन का जवाब: 'संतुलित' समाधान को तैयार
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Mao Ning ने 16 अक्टूबर को कहा कि चीन भारत के साथ "each other's economic and trade concerns" को "balanced way" में दूर करने के लिए तैयार है, easemyprep के अनुसार। Mao Ning ने यह भी कहा कि चीन "never aims for trade surplus" — यानी चीन व्यापार अधिशेष का लक्ष्य नहीं रखता। यह बयान सीतारमण के बैंकॉक बयान के उसी दिन आया, इसलिए दोनों पक्षों के रुख की तुलना एक ही समय-सीमा में करना संभव है।
दोनों पक्षों के दावों में अंतर — बिना पक्ष लिए
यहां दोनों पक्षों के रुख में एक बारीकी दर्ज है, और gagariya इनमें से किसी का समर्थन या खंडन नहीं करता। चीन का कहना है कि वह trade surplus का लक्ष्य नहीं रखता और दोनों पक्षों की चिंताओं को संतुलित तरीके से दूर करने को तैयार है, Mao Ning के 16 अक्टूबर के बयान के अनुसार (easemyprep)। दूसरी ओर, भारत का कहना है कि वर्षों की बातचीत के बावजूद भारतीय उत्पादों को चीन के बाज़ार में ठोस पहुंच नहीं मिली है और non-tariff barriers सबसे बड़ी बाधा हैं, Sitharaman के बयान के अनुसार (ANI/LatestLY)।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर भी उम्मीद
Sitharaman ने India-US trade agreement के जल्द conclusion की उम्मीद भी जताई, orbitprimenews के अनुसार। इससे एक दिन पहले वाणिज्य मंत्री Piyush Goyal ने कहा था कि समझौते का पहला चरण final हो चुका है और legal drafting चल रही है, orbitprimenews के अनुसार।
पाठकों के लिए मुख्य बातें
- नौ महीनों में चीन से व्यापार घाटा 105.93 अरब डॉलर — पिछले साल से 20.7% अधिक (China Customs, easemyprep के अनुसार)।
- भारत का चीन को निर्यात 40.7% बढ़कर 19.26 अरब डॉलर हुआ, लेकिन चीन से आयात 125.19 अरब डॉलर है — पैमाने का अंतर ही घाटे की जड़ है।
- Sitharaman ने 16 अक्टूबर को बैंकॉक में non-tariff barriers को सबसे बड़ी बाधा बताया; generics, bovine meat, vegetables और perishables के लिए market access की मांग दोहराई (ANI/LatestLY)।
- चीन के प्रवक्ता Mao Ning ने उसी दिन कहा कि चीन surplus का लक्ष्य नहीं रखता और संतुलित समाधान को तैयार है (easemyprep) — दोनों दावे ऊपर दर्ज हैं, बिना पक्ष लिए।
- भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का पहला चरण final, legal drafting जारी — Goyal के अनुसार (orbitprimenews)।
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