gagariya.

आप Gen Z नहीं हो — दिल्ली हाई कोर्ट ने CJP नेताओं सौरव दास (27) और आशुतोष रांका से कहा; हिरासत-विस्तार की याचिका पर सुनवाई

By Gagariya Editorial Desk•21 Oct 2026 IST•4 min read•Human Reviewed & Fact-Checked
आप Gen Z नहीं हो — दिल्ली हाई कोर्ट ने CJP नेताओं सौरव दास (27) और आशुतोष रांका से कहा; हिरासत-विस्तार की याचिका पर सुनवाई
Photo: Own or licensed by the publisher

दिल्ली हाई कोर्ट ने बुधवार, 21 अक्टूबर को Cockroach Janata Party (CJP) के नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका की याचिका पर सुनवाई की। दोनों ने स्पेशल एक्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के 19 अक्टूबर के उस आदेश को चुनौती दी थी जिसमें उनकी न्यायिक हिरासत 21 अक्टूबर तक बढ़ा दी गई थी। सुनवाई के दौरान जस्टिस सुब्रमोनियम प्रसाद ने दोनों की उम्र सुनकर कहा — "Then you are not Gen Z. What is Gen Z?"

कोर्ट में आज क्या हुआ

NDTV Profit की रिपोर्ट के अनुसार, याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वकील अभिक चिमनी ने कोर्ट को बताया कि सौरव दास 27 साल के हैं और आशुतोष रांका 31 साल के। इस पर जज ने टिप्पणी की, "तो आप Gen Z नहीं हो।" Bar and Bench के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि वकील ने बताया कि 1997 के बाद जन्मे लोग आमतौर पर Gen Z माने जाते हैं, जिसके बाद जज ने अपनी बात दोहराई — "Then you are not Gen Z."

Mathrubhumi की रिपोर्ट के अनुसार, कोर्ट ने नेताओं की उम्र के साथ-साथ जंतर-मंतर पर उनके प्रदर्शन के तरीके और बैरिकेड तोड़ने के आरोप पर भी सवाल उठाए।

बॉन्ड टूटने का दूसरा मामला

The Indian Express की रिपोर्ट के अनुसार, जस्टिस प्रसाद ने कहा कि दोनों ने 10 अक्टूबर को शांति बनाए रखने का बॉन्ड दिया था, जो कथित तौर पर अगले ही दिन, 11 अक्टूबर को तोड़ दिया गया। कोर्ट ने टिप्पणी की — "Your second incident. You are a person who has actually broken a bond. Your remedy actually lies in revision."

कोर्ट ने सवाल उठाया कि जब मजिस्ट्रेट के आदेश के खिलाफ revision का वैकल्पिक रास्ता मौजूद था, तो याचिकाकर्ता सीधे हाई कोर्ट क्यों आए। News18 की रिपोर्ट के अनुसार, जज ने याचिका वापस लेने और स्पेशल एक्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के सामने की कार्यवाही का नतीजा आने के बाद उपलब्ध उपायों पर विचार करने का सुझाव दिया।

Mathrubhumi के अनुसार, कोर्ट ने इस बात पर भी चिंता जताई कि जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थल का दर्जा खत्म (डी-नोटिफाई) किए जाने के बाद वहां प्रदर्शन क्यों किया गया, और बैरिकेड तोड़ने से कानून-व्यवस्था बिगड़ने का खतरा रहता है।

एक मतभेद: रांका की उम्र 31 या 32

ज्यादातर रिपोर्टों — NDTV Profit, Indian Express, Deccan Herald और Mathrubhumi — में आशुतोष रांका की उम्र 31 साल बताई गई है। लेकिन News18 की रिपोर्ट के "At a Glance" बॉक्स में उनकी उम्र 32 साल लिखी है। किसी एक आंकड़े को अंतिम नहीं माना जा रहा।

पृष्ठभूमि: 13 अक्टूबर की हिरासत

Deccan Herald की रिपोर्ट के अनुसार, दास और रांका को 13 अक्टूबर को हिरासत में लिया गया था। दिल्ली पुलिस का आरोप है कि दोनों ने जंतर-मंतर के बंद गेट पर चढ़कर प्रवेश किया, तिरंगा दिखाया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारे लगाए। पहले उन्हें 5 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया था, फिर 19 अक्टूबर को मंदिर मार्ग थाने में नियुक्त नए स्पेशल एक्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट ने 2 दिन की और हिरासत दे दी।

Questions people ask

दिल्ली हाई कोर्ट ने Gen Z वाली टिप्पणी क्यों की?
क्योंकि वकील ने सौरव दास की उम्र 27 और आशुतोष रांका की उम्र 31 बताई; 1997 के बाद जन्मे लोग Gen Z माने जाते हैं, इसलिए जज ने कहा कि वे इस श्रेणी में नहीं आते। (NDTV Profit, Indian Express)
CJP नेताओं की हिरासत क्यों बढ़ाई गई थी?
स्पेशल एक्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट ने 19 अक्टूबर के आदेश में BNSS की धाराओं 126 और 170 के तहत निवारक कार्यवाही में उनकी न्यायिक हिरासत 21 अक्टूबर तक बढ़ा दी थी। (NDTV Profit, Indian Express)
13 अक्टूबर को क्या हुआ था?
दिल्ली पुलिस के अनुसार दोनों ने जंतर-मंतर के बंद गेट पर चढ़कर अंदर प्रवेश किया, तिरंगा दिखाया और CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारे लगाए; उन्हें निवारक हिरासत में लिया गया। (Deccan Herald)
क्या कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी?
खबरों के अनुसार कोर्ट ने याचिका पर विचार करने से पहले वैकल्पिक उपाय (revision) का रास्ता सुझाया और याचिका वापस लेकर SEM के सामने की कार्यवाही का इंतजार करने को कहा; कोई अंतिम आदेश रिपोर्ट नहीं हुआ। (News18)

Sources

  1. NDTV Profit (ndtvprofit.com)
  2. The Indian Express (indianexpress.com)
  3. Mathrubhumi (english.mathrubhumi.com)
  4. News18 (news18.com)
  5. Deccan Herald (deccanherald.com)

Editorial Note: This explainer was researched using verified primary sources and official notifications, then independently fact-checked, reviewed, and finalized under human editorial guidance by the Gagariya desk.

Keep reading

The day’s verified stories, one email, 7 am IST. No noise.