gagariya.

MP कैबिनेट: ₹23,300 करोड़ के फैसले, धान पंजीयन आज तक

By Gagariya Editorial Desk•4 Nov 2026 IST•4 min read•Human Reviewed & Fact-Checked
MP कैबिनेट: ₹23,300 करोड़ के फैसले, धान पंजीयन आज तक
Photo: Own or licensed by the publisher

भोपाल में 3 नवंबर को मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में ₹23,300 करोड़ से अधिक के प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक के बाद सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री चेतन्य कश्यप ने फैसलों की जानकारी दी। सबसे बड़ा हिस्सा जंगल और वन्यजीव संरक्षण का है, लेकिन सिंचाई, शहरी बुनियादी ढांचा, मेट्रो और डूब प्रभावित परिवारों के लिए भी बड़े फैसले हुए हैं।

बड़ी राशियां एक नजर में

फैसला रकम अवधि
नौ वन और वन्यजीव योजनाएं ₹17,240.55 करोड़ 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031
सिंचाई परियोजनाओं का संचालन ₹4,103.73 करोड़ 2026-27 से 2030-31
मुख्यमंत्री शहरी क्षेत्र अधोसंरचना योजना, अतिरिक्त ₹700 करोड़ 1 अप्रैल 2027 से 31 मार्च 2029
भोपाल–इंदौर मेट्रो संचालन और रखरखाव ₹90.67 करोड़ वित्त वर्ष 2025-26
डूब प्रभावित परिवारों का विशेष पैकेज ₹1,782 करोड़ तीन परियोजनाओं के प्रभावित परिवार

जंगल और सिंचाई: पैसा कहां जाएगा

वन योजनाओं के ₹17,240.55 करोड़ में सबसे बड़ा हिस्सा ₹10,664.79 करोड़ कार्ययोजना संगठनों और वन वृत्तों की स्थापना का है। क्षतिपूरक वनीकरण के लिए ₹1,994.30 करोड़, राष्ट्रीय उद्यानों की स्थापना के लिए ₹1,623.79 करोड़, इमारती लकड़ी उत्पादन के लिए ₹1,107.06 करोड़ और चिड़ियाघरों व रेस्क्यू सेंटरों के लिए ₹604.23 करोड़ रखे गए हैं। बाकी रकम मुख्यालय स्थापना, वन प्रशिक्षण केंद्रों, कार्ययोजनाओं की तैयारी और संरक्षित क्षेत्रों के बाहर वन्यजीव प्रबंधन पर खर्च होगी।

सिंचाई के ₹4,103.73 करोड़ पन्ना, विदिशा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली और उज्जैन जिलों की परियोजनाओं के संचालन के लिए हैं। इन जिलों के किसानों के लिए इसका सीधा मतलब है कि मौजूदा सिंचाई ढांचे का संचालन अगले पांच वित्त वर्षों तक जारी रहेगा। जिलेवार रकम का ब्योरा अभी सामने नहीं आया है, इसलिए हर जिले को कितना मिलेगा, यह अलग से स्पष्ट होना बाकी है।

मेट्रो: पहले और अब

इंदौर मेट्रो की लागत को लेकर पहले की कैबिनेट बैठक में बड़ा फैसला हो चुका है। संशोधित अलाइनमेंट और भूमिगत खंडों के कारण कैबिनेट ने इंदौर मेट्रो के लिए अतिरिक्त ₹5,388 करोड़ मंजूर किए थे, जिससे कुल परियोजना लागत करीब ₹12,889 करोड़ हो गई। 31 किलोमीटर लंबी मेट्रो के 2030-31 तक पूरी तरह चालू होने की उम्मीद बताई गई है।

3 नवंबर की बैठक में मेट्रो से जुड़ा ताजा फैसला संचालन और रखरखाव का है। भोपाल और इंदौर मेट्रो परियोजनाओं के वित्त वर्ष 2025-26 के O&M के लिए ₹90.67 करोड़ मंजूर किए गए हैं। यात्रियों के लिए इसका मतलब है कि दोनों शहरों की मेट्रो सेवाओं के रोजमर्रा के संचालन के लिए बजट तय हो गया है। यह खबर 31 अक्टूबर की इंदौर–भोपाल मेट्रो टिकट वाली जानकारी से अलग है, वह किराये से जुड़ी थी और यह संचालन बजट से जुड़ी है।

किसानों के लिए आज की डेडलाइन

किसानों के लिए सबसे जरूरी बात समय से जुड़ी है। धान खरीदी के लिए पंजीयन की आखिरी तारीख आज, 4 नवंबर है। मुख्यमंत्री ने 2 नवंबर को बलराम कृषि महोत्सव के दौरान यह विस्तार घोषित किया था और 3 नवंबर की कैबिनेट जानकारी में भी इसे दोहराया गया। जो किसान अब तक पंजीयन नहीं करा पाए हैं, वे आज ही पंजीयन करा लें, ताकि समर्थन मूल्य पर उपज बेचने का मौका हाथ से न जाए। 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है और सरकार का कहना है कि कोई पात्र किसान छूटे नहीं, यही इस विस्तार का मकसद है।

डूब प्रभावित परिवारों का पैकेज

कैबिनेट ने डूब से प्रभावित परिवारों के लिए ₹1,782 करोड़ का विशेष पैकेज भी मंजूर किया है। यह पैकेज अपर नर्मदा परियोजना, राघवपुर बहुउद्देशीय परियोजना और बसानिया बहुउद्देशीय परियोजना से प्रभावित परिवारों के लिए है, जो क्रमशः अनूपपुर, मंडला और डिंडौरी जिलों में हैं। प्रति परिवार मदद का ब्योरा अभी सामने नहीं आया है।

शहरी विकास की दिशा में भी एक बड़ी घोषणा हुई है। मौजूदा शहरों पर दबाव कम करने के लिए 15 नए सैटेलाइट टाउन विकसित करने की योजना बताई गई है। इनके स्थान और जमीन का ब्योरा अभी घोषित नहीं हुआ है।

आगे क्या होगा

अगली कैबिनेट बैठक 18 नवंबर को गांधी सागर में होगी, जिसमें कृषि और औद्योगिक विकास पर विशेष ध्यान रहेगा। तब तक नजर इस बात पर रहेगी कि धान पंजीयन का आज का आंकड़ा कितना पहुंचता है, सिंचाई और वन योजनाओं की जिलेवार राशि कब सामने आती है और सैटेलाइट टाउन के स्थानों की घोषणा कब होती है। स्वामित्व योजना के तहत अब तक करीब 15 लाख संपत्ति पंजीयन पूरे हो चुके हैं और 15 नवंबर तक 20 लाख का लक्ष्य रखा गया है। 6 नवंबर को केंद्रीय मंत्री, सांसद और विधायक अपने पैतृक गांवों या चुने हुए गांवों में जाकर शत-प्रतिशत पंजीयन की निगरानी करेंगे।

Further reading

📷 Illustration: AI-generated

Questions people ask

MP कैबिनेट ने 3 नवंबर को कुल कितने के प्रस्ताव मंजूर किए?
₹23,300 करोड़ से अधिक के। सबसे बड़ा हिस्सा ₹17,240.55 करोड़ की नौ वन और वन्यजीव योजनाओं का है।
धान खरीदी के लिए पंजीयन की आखिरी तारीख क्या है?
आज, 4 नवंबर 2026। पंजीयन न कराने पर समर्थन मूल्य पर उपज बेचने का मौका हाथ से निकल सकता है।
इंदौर मेट्रो की कुल लागत कितनी हो गई है?
पहले की कैबिनेट मंजूरी के बाद अतिरिक्त ₹5,388 करोड़ जुड़कर कुल लागत करीब ₹12,889 करोड़ हो गई है। 31 किलोमीटर मेट्रो के 2030-31 तक पूरी तरह चालू होने की उम्मीद है।
डूब प्रभावित परिवारों का पैकेज किनके लिए है?
अपर नर्मदा, राघवपुर और बसानिया परियोजनाओं से प्रभावित परिवारों के लिए, जो अनूपपुर, मंडला और डिंडौरी जिलों में हैं। पैकेज ₹1,782 करोड़ का है।
अगली कैबिनेट बैठक कब और कहां होगी?
18 नवंबर को गांधी सागर में, जिसमें कृषि और औद्योगिक विकास पर विशेष ध्यान रहेगा।

Editorial Note: This explainer was researched using verified primary sources and official notifications, then independently fact-checked, reviewed, and finalized under human editorial guidance by the Gagariya desk.

Keep reading

The day’s verified stories, one email, 7 am IST. No noise.