जोशीमठ के पास हेलिकॉप्टर क्रैश, 6 लोग सवार थे

क्या हुआ
दोपहर करीब 1.12 बजे बद्रीनाथ से उड़ान भरने के बाद हेलिकॉप्टर का आखिरी संपर्क जोशीमठ के सामने हाथी पहाड़ के ऊपर सेना की चौकी के पास दर्ज हुआ। इसके बाद उसका पता नहीं चल सका। हेलिकॉप्टर Trans Bharat Aviation का था और उसका रजिस्ट्रेशन नंबर VT-HCX बताया गया है। उसमें एक पायलट और पाँच यात्री सवार थे। शुरुआती जानकारी के अनुसार हेलिकॉप्टर चाय गाँव के पास, विष्णुप्रयाग क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हुआ।
बचाव अभियान की स्थिति
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हादसे की पुष्टि की है और कहा है कि वे खुद हालात पर नज़र रख रहे हैं। उनके अनुसार जिला प्रशासन, आपदा प्रबंधन विभाग और SDRF का संयुक्त बचाव अभियान चल रहा है। मेडिकल टीमें भी मौके पर भेजी गई हैं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि गंभीर रूप से घायल पाए गए यात्रियों को तुरंत बेहतर इलाज के लिए एयरलिफ्ट किया जाए। लेकिन यह निर्देश अपने आप में यह पुष्टि नहीं करता कि कोई यात्री घायल है। सवार लोगों की हालत के बारे में अभी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं आई है।
बारिश और बादल से तलाश में दिक्कत
लगातार बारिश और घने बादलों ने तलाश और बचाव के काम को मुश्किल बना दिया है। हवाई टोही के लिए दूसरे हेलिकॉप्टर भी लगाए गए हैं। चमोली के आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदकिशोर जोशी के अनुसार, जेपी डैम के ऊपर जंगल में एक सफेद चीज़ जलती हुई देखे जाने की खबर मिली है। यह हेलिकॉप्टर हो सकता है, लेकिन इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है।
कहाँ-कहाँ फर्क है खबरों में
शुरुआती खबरों में हेलिकॉप्टर के लापता होने और दुर्घटनाग्रस्त होने, दोनों तरह की जानकारी सामने आई। एक शुरुआती रिपोर्ट में उसे देहरादून जा रहा बताया गया, जबकि दूसरी रिपोर्ट में आगे का गंतव्य साफ नहीं है। सवार लोगों की हालत के बारे में भी अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, इसलिए किसी भी तरह के हताहत होने के दावे को अंतिम नहीं माना जा सकता।
| समय | क्या हुआ |
|---|---|
| 30 अक्टूबर, दोपहर करीब 1.12 बजे | बद्रीनाथ से उड़ान भरी |
| इसके बाद | हाथी पहाड़ के पास आखिरी संपर्क दर्ज हुआ |
| शुक्रवार दोपहर | चाय गाँव के पास हादसे की खबर, बचाव अभियान शुरू |
| अक्टूबर में पहले | रुद्रप्रयाग और टिहरी में दो हेलिकॉप्टर की आपात लैंडिंग |
चार धाम रूट पर उड़ान भरने वालों के लिए
अक्टूबर में पहले भी चार धाम रूट पर दो हेलिकॉप्टर को आपात लैंडिंग करनी पड़ी थी, एक खराब मौसम के कारण रुद्रप्रयाग में और दूसरा तकनीकी दिक्कत के कारण टिहरी में। इस रूट पर उड़ान भरने वाले यात्रियों को उड़ान से पहले मौसम और संचालक से उड़ान की स्थिति ज़रूर जांच लेनी चाहिए और प्रशासन की एडवाइज़री का पालन करना चाहिए।
आगे क्या देखना होगा
अगले कुछ घंटों में बचाव टीमों के घटनास्थल तक पहुँचने और सवार लोगों की हालत के बारे में आधिकारिक जानकारी आने पर स्थिति ज़्यादा साफ होगी। हादसे की वजह की जांच भी इसके बाद ही संभव होगी। मौसम साफ होने पर हवाई तलाश तेज़ होने की उम्मीद है। 📷 Illustration: AI-generated
Questions people ask
- हेलिकॉप्टर में कितने लोग सवार थे?
- एक पायलट और पाँच यात्री, कुल 6 लोग।
- हेलिकॉप्टर कहाँ से कहाँ जा रहा था?
- उसने बद्रीनाथ से उड़ान भरी थी। एक शुरुआती रिपोर्ट में गंतव्य देहरादून बताया गया है, जबकि दूसरी रिपोर्ट में आगे का गंतव्य साफ नहीं है।
- सवार लोगों की हालत क्या है?
- अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि गंभीर रूप से घायल पाए गए यात्रियों को एयरलिफ्ट किया जाए, लेकिन इससे यह साबित नहीं होता कि कोई घायल है। हालत की जानकारी आना बाकी है।
- बचाव में कौन-कौन लगा है?
- जिला प्रशासन, आपदा प्रबंधन विभाग और SDRF की संयुक्त टीम, साथ में मेडिकल टीमें और हवाई टोही के लिए दूसरे हेलिकॉप्टर।
- मौसम से क्या दिक्कत हो रही है?
- लगातार बारिश और घने बादलों के कारण तलाश और बचाव का काम मुश्किल हो रहा है।
Sources
- LatestLY/ANI (latestly.com)
- IANS via hi INDiA (hiindia.com)
- PTI headline via Daily World (dailyworld.in)
Editorial Note: This explainer was researched using verified primary sources and official notifications, then independently fact-checked, reviewed, and finalized under human editorial guidance by the Gagariya desk.
Keep reading

india · 31 Oct 2026
दिल्ली-NCR में 5 से 20 नवंबर तक 50% WFH, निर्माण पर रोक
दिल्ली और NCR के पांच जिलों में 5 से 20 नवंबर तक दफ्तर आधी क्षमता से चलेंगे और धूल वाला निर्माण रुकेगा, जरूरी प्रोजेक्ट को छूट के साथ।

india · 31 Oct 2026
Rafale Marine पहली बार INS Vikrant पर उतरा
Rafale Marine पहली बार INS Vikrant पर उतरा: 29 अक्टूबर की ऐतिहासिक लैंडिंग, पर परिचालन सेवा में आना अभी बाकी है।

india · 31 Oct 2026
काशी-दिल्ली वंदे भारत स्लीपर आज शाम, 9 घंटे 20 मिनट में सफर
काशी-दिल्ली वंदे भारत स्लीपर आज शाम शुरू: वाराणसी से रात 8:50 बजे, सुबह 6:10 बजे दिल्ली। किराया और बुकिंग की तारीख अभी घोषित नहीं।
The day’s verified stories, one email, 7 am IST. No noise.