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इंदौर में 14 घंटे में 51 रोबोटिक सर्जरी का दावा

By the Gagariya desk · 20 Aug 2026 IST · 5 min read

इंदौर में 14 घंटे में 51 रोबोटिक सर्जरी का दावा
Photo: Own or licensed by the publisher

15 अगस्त 2026 की सुबह जब देश स्वतंत्रता दिवस मना रहा था, इंदौर में एक मेडिकल टीम ने ऑपरेशन थिएटर में एक अलग तरह की चुनौती शुरू की। लक्ष्य था एक दिन में बड़ी संख्या में रोबोटिक बैरिएट्रिक सर्जरी पूरी करना। 14 घंटे बाद टीम ने 51 सर्जरी पूरी करने की जानकारी दी।

इस पहल को 'Surgical Swaraj' नाम दिया गया। इसका नेतृत्व बैरिएट्रिक और रोबोटिक सर्जन डॉ. मोहित भंडारी ने किया। अभियान में छह रोबोटिक सर्जिकल सिस्टम का इस्तेमाल हुआ और सर्जनों के साथ एनेस्थीसियोलॉजिस्ट, नर्सिंग स्टाफ, टेक्नीशियन और दूसरे मेडिकल विशेषज्ञों की टीम ने काम किया।

यह कहानी सिर्फ 51 ऑपरेशन की संख्या की वजह से चर्चा में नहीं है। इसके पीछे एक बड़ा सवाल है—क्या भारत के बड़े महानगरों से बाहर भी अत्याधुनिक रोबोटिक सर्जरी बड़े पैमाने पर की जा सकती है?

आखिर इंदौर में हुआ क्या?

15 अगस्त को मोहक बैरिएट्रिक्स एंड रोबोटिक्स में 'Surgical Swaraj' पहल के तहत 51 रोबोटिक बैरिएट्रिक और मेटाबोलिक सर्जरी की गईं। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक इन मरीजों में 30 पुरुष और 21 महिलाएं थीं। मरीजों की उम्र 21 से 77 वर्ष के बीच बताई गई और औसत उम्र 43.6 वर्ष थी। औसत वजन करीब 122 किलोग्राम बताया गया।

बैरिएट्रिक सर्जरी मुख्य रूप से गंभीर मोटापे और उससे जुड़ी मेटाबोलिक समस्याओं के उपचार के लिए की जाती है। ऐसे ऑपरेशन में सिर्फ सर्जन की तकनीकी क्षमता ही पर्याप्त नहीं होती। एनेस्थीसिया, नर्सिंग, ऑपरेशन थिएटर प्रबंधन, रोबोटिक सिस्टम और मरीजों की निगरानी—हर स्तर पर तालमेल जरूरी होता है।

यही वजह है कि इस अभियान की असली कहानी संख्या से ज्यादा उसके पीछे मौजूद टीमवर्क की है।

छह रोबोट, एक बड़ी मेडिकल टीम

51 सर्जरी को 14 घंटे के भीतर पूरा करने के लिए छह रोबोटिक सर्जिकल सिस्टम इस्तेमाल किए गए। रिपोर्टों के अनुसार अलग-अलग स्तरों पर सर्जिकल, एनेस्थीसिया, नर्सिंग और तकनीकी टीमें तैनात थीं। डॉ. भंडारी को अभियान में designated console surgeon के रूप में बताया गया है।

रोबोटिक सर्जरी को अक्सर लोग ऐसी मशीन समझ लेते हैं जो अपने आप ऑपरेशन करती है। वास्तव में रोबोटिक सिस्टम सर्जन के नियंत्रण में काम करता है और उसे सूक्ष्म गतिविधियों तथा सीमित जगह में अधिक सटीक उपकरण नियंत्रण जैसी क्षमताएं देता है। इसलिए इस तरह के अभियान में तकनीक के साथ प्रशिक्षित मानव टीम की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रहती है।

'Surgical Swaraj' का संदेश भी इसी ओर था—तकनीक तभी प्रभावी बनती है जब उसके साथ योजना, विशेषज्ञता और टीमवर्क मौजूद हो।

51 सर्जरी का रिकॉर्ड कितना पक्का है?

यहां एक जरूरी फर्क समझना चाहिए। कुछ रिपोर्टों ने इस उपलब्धि को विश्व रिकॉर्ड के रूप में पेश किया है, जबकि अन्य रिपोर्टों ने इसे record claim या रिकॉर्ड के लिए प्रस्तुत उपलब्धि बताया है। News9 के अनुसार दस्तावेज Guinness World Records और World Book of Records को औपचारिक सत्यापन के लिए भेजे गए हैं और अंतिम मान्यता उस प्रक्रिया पर निर्भर करती है।

इसलिए फिलहाल सबसे सटीक भाषा यह है कि टीम ने 14 घंटे में 51 रोबोटिक बैरिएट्रिक सर्जरी पूरी करने का दावा किया है और इसे रिकॉर्ड सत्यापन के लिए प्रस्तुत किया गया है। औपचारिक रिकॉर्ड मान्यता और अभियान की उपलब्धि को एक ही बात मानना सही नहीं होगा।

यही सावधानी इसलिए भी जरूरी है क्योंकि डॉ. भंडारी के पुराने रिकॉर्ड और प्रोफाइल को लेकर अलग-अलग संस्थानों में अलग-अलग संख्याएं दिखाई देती हैं। हाल की इस पहल के लिए उपलब्ध स्वतंत्र रिपोर्टों में 51 सर्जरी और 14 घंटे का आंकड़ा समान रूप से सामने आता है।

डॉ. मोहित भंडारी कौन हैं?

डॉ. मोहित भंडारी बैरिएट्रिक, मेटाबोलिक और रोबोटिक सर्जरी के क्षेत्र में काम करने वाले सर्जन हैं और इंदौर स्थित मोहक बैरिएट्रिक्स एंड रोबोटिक्स से जुड़े हैं। उनके संस्थान और हालिया रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने अपने करियर में 40,000 से अधिक बैरिएट्रिक सर्जरी करने का अनुभव बताया है।

उनकी वेबसाइट वर्तमान में इससे भी अधिक, 45,000 से ज्यादा बैरिएट्रिक, मेटाबोलिक और नॉन-सर्जिकल वेट-लॉस प्रक्रियाओं का आंकड़ा देती है। चूंकि अलग-अलग समय पर आंकड़े अपडेट होते हैं, इस संख्या को वर्तमान संस्थागत दावा समझना उचित है।

उनका काम सिर्फ पारंपरिक बैरिएट्रिक सर्जरी तक सीमित नहीं रहा है। उनकी आधिकारिक प्रोफाइल में रोबोटिक सर्जरी, एंडोस्कोपिक प्रक्रियाओं और टेली-सर्जरी से जुड़े कई प्रयासों का उल्लेख है।

इंदौर के लिए इसका महत्व क्या है?

भारत में अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं की चर्चा अक्सर दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद या चेन्नई जैसे बड़े महानगरों के संदर्भ में होती है। इंदौर का यह अभियान इस तस्वीर को थोड़ा बदलता है।

यह दिखाता है कि टियर-2 शहर में भी ऐसी चिकित्सा तकनीक के लिए विशेषज्ञता, बुनियादी ढांचा और प्रशिक्षित स्टाफ का बड़ा नेटवर्क बनाया जा सकता है। हालांकि एक सफल अभियान को पूरे शहर की मेडिकल व्यवस्था का प्रतिनिधि मानना जल्दबाजी होगी, लेकिन यह इंदौर की हेल्थकेयर क्षमता को राष्ट्रीय चर्चा में जरूर लाता है।

इस पहल में इस्तेमाल की गई तकनीक को लेकर भी एक दिलचस्प पहलू है। टीम ने SSI Mantra Surgical Robotic System का इस्तेमाल किया, और डॉ. भंडारी की आधिकारिक वेबसाइट इसे भारतीय रोबोटिक तकनीक से जोड़ती है।

असली उपलब्धि सिर्फ संख्या नहीं

डॉ. भंडारी ने 'Surgical Swaraj' को सिर्फ ज्यादा ऑपरेशन करने की कोशिश के रूप में नहीं बताया। उनके अनुसार इसका उद्देश्य आधुनिक तकनीक, बेहतर योजना, विशेषज्ञता और टीमवर्क के जरिए भारतीय हेल्थकेयर की क्षमता को सामने रखना था।

यह दृष्टिकोण महत्वपूर्ण है। चिकित्सा में किसी भी रिकॉर्ड की उपयोगिता अंततः इस बात से तय होती है कि उससे मरीजों की देखभाल, प्रशिक्षण, तकनीकी क्षमता और स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच में क्या सुधार आता है।

एक दिन में 51 ऑपरेशन निश्चित रूप से बड़ा आंकड़ा है। लेकिन इससे भी बड़ा सवाल यह होगा कि इस तरह की तकनीक को सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और ज्यादा मरीजों तक कैसे पहुंचाया जा सकता है।

मरीजों के लिए इसका क्या मतलब है?

रोबोटिक सर्जरी को लेकर आम लोगों में अक्सर यह धारणा होती है कि रोबोट का इस्तेमाल अपने आप बेहतर परिणाम की गारंटी देता है। ऐसा निष्कर्ष केवल ऑपरेशन की संख्या से नहीं निकाला जा सकता। किसी भी सर्जरी की सफलता में मरीज का चयन, बीमारी की स्थिति, सर्जिकल तकनीक, अस्पताल की व्यवस्था, डॉक्टर की विशेषज्ञता और ऑपरेशन के बाद की देखभाल जैसे कई कारक शामिल होते हैं।

इसलिए 'Surgical Swaraj' को मुख्य रूप से एक बड़े-scale surgical coordination और technology demonstration के रूप में देखना ज्यादा उचित है, न कि हर मरीज के लिए रोबोटिक सर्जरी को स्वतः बेहतर विकल्प मानना।

आगे क्या देखना होगा?

अब सबसे ज्यादा नजर रिकॉर्ड सत्यापन और इस अभियान से जुड़े मरीजों के आगे के परिणामों पर होगी। News9 ने भी उल्लेख किया है कि सभी मरीजों के विस्तृत दीर्घकालिक परिणाम अभी सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।

अगर रिकॉर्ड को औपचारिक मान्यता मिलती है, तो इंदौर की यह उपलब्धि भारतीय रोबोटिक और बैरिएट्रिक सर्जरी के इतिहास में एक और उल्लेखनीय अध्याय बन सकती है। लेकिन उससे भी महत्वपूर्ण यह होगा कि इस तरह की तकनीक और विशेषज्ञता भारत के दूसरे शहरों तक कितनी तेजी से पहुंचती है।

इंदौर ने एक दिन में 51 सर्जरी के आंकड़े से ध्यान जरूर खींचा है। अब अगली कहानी रिकॉर्ड से आगे की है—तकनीक कितने मरीजों तक पहुंचती है, उसके परिणाम कैसे रहते हैं और भारतीय अस्पताल इस स्तर की रोबोटिक क्षमता को नियमित चिकित्सा सेवा में कैसे बदलते हैं।

Questions people ask

इंदौर में 51 रोबोटिक सर्जरी कब की गईं?
डॉ. मोहित भंडारी के नेतृत्व में 'Surgical Swaraj' पहल के तहत 15 अगस्त 2026 को इंदौर में 51 रोबोटिक बैरिएट्रिक और मेटाबोलिक सर्जरी की गईं। रिपोर्टों के अनुसार पूरी प्रक्रिया लगभग 14 घंटे चली और इसमें छह रोबोटिक सर्जिकल सिस्टम इस्तेमाल हुए।
क्या 51 सर्जरी का विश्व रिकॉर्ड आधिकारिक रूप से मान्य हो गया है?
51 सर्जरी को विश्व रिकॉर्ड के रूप में पेश किया गया है, लेकिन उपलब्ध स्वतंत्र रिपोर्टों के अनुसार रिकॉर्ड से जुड़े दस्तावेज Guinness World Records और World Book of Records को सत्यापन के लिए भेजे गए हैं। इसलिए औपचारिक मान्यता की स्थिति को अलग से देखना जरूरी है।
Surgical Swaraj क्या है?
Surgical Swaraj डॉ. मोहित भंडारी और उनकी टीम की 15 अगस्त 2026 की विशेष पहल का नाम है, जिसमें एक ही दिन में 51 रोबोटिक बैरिएट्रिक और मेटाबोलिक सर्जरी की गईं। अभियान का उद्देश्य तकनीक, विशेषज्ञता, योजना और टीमवर्क की क्षमता दिखाना था।
इन 51 मरीजों की औसत उम्र और वजन कितना था?
उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार 51 मरीजों में 30 पुरुष और 21 महिलाएं थीं। उनकी उम्र 21 से 77 वर्ष के बीच थी, औसत उम्र 43.6 वर्ष और औसत वजन लगभग 122 किलोग्राम बताया गया।
रोबोटिक बैरिएट्रिक सर्जरी में रोबोट क्या करता है?
रोबोटिक सर्जरी में रोबोट अपने आप ऑपरेशन नहीं करता। सर्जन रोबोटिक सिस्टम को नियंत्रित करता है, जिससे छोटे उपकरणों को सूक्ष्म और नियंत्रित गतिविधियों के साथ संचालित किया जा सकता है। परिणाम केवल तकनीक पर निर्भर नहीं करते, बल्कि सर्जन, मरीज और पूरी मेडिकल टीम की विशेषज्ञता पर भी निर्भर होते हैं।

Sources

  1. Aaj Tak: इंदौर का नाम वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज, 1 दिन में 51 रोबोटिक बैरिएट्रिक सर्जरी
  2. News9: Indore team completes 51 robotic weight-loss surgeries in 14 hours
  3. Free Press Journal: Dr Mohit Bhandari leads 14-hour surgical marathon
  4. Dr Mohit Bhandari: Surgical Swaraj

This story is informational only and is not medical advice. Decisions about your health belong with a qualified doctor — the sources above are a good place to start reading.

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