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Agniveer को अब 6 साल की सेवा: 2 साल का विस्तार

By Gagariya Editorial Desk•Published 4 Nov 2026 IST•4 min read•Reviewed by the Gagariya editorial team
Agniveer को अब 6 साल की सेवा: 2 साल का विस्तार
Photo: Own or licensed by the publisher

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 4 नवंबर 2026 को अग्निपथ योजना के तहत अग्निवीरों के लिए दो साल के अतिरिक्त कार्यकाल, 'Second Tour of Duty', को मंजूरी दे दी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस फैसले की घोषणा की। इससे पहले दिन में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एन. एस. राजा सुब्रमनी ने भी इस विस्तार की जानकारी दी थी। इस फैसले का सीधा असर उन अग्निवीरों पर पड़ेगा जिनका चार साल का कार्यकाल पूरा होने वाला है।

पहले क्या था, अब क्या बदलेगा

अग्निपथ योजना 14 जून 2022 को शुरू हुई थी। इसके तहत युवा थलसेना, नौसेना और वायुसेना में चार साल के लिए अग्निवीर के रूप में सेवा देते हैं। चार साल पूरे होने पर मेरिट के आधार पर 25 प्रतिशत तक अग्निवीरों को नियमित सैनिक के रूप में नामांकित किया जाता है। यह प्रावधान अब भी अपरिवर्तित रहेगा, इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है।

बदलाव शेष 75 प्रतिशत अग्निवीरों के लिए है। पहले ये अग्निवीर चार साल बाद सेवा से बाहर हो जाते। अब उन्हें दो साल का अतिरिक्त कार्यकाल दिया जाएगा, जिससे उनकी कुल सेवा छह साल हो जाएगी। विस्तार लेने वाले अग्निवीरों को विस्तार की अवधि में अधिक वेतन मिलेगा और Seva Nidhi में उनका योगदान भी बढ़ा हुआ होगा।

पहलू पहले अब
कुल कार्यकाल 4 साल 6 साल, दो साल के विस्तार के साथ
25 प्रतिशत का नियमित सैनिक बनना मेरिट के आधार पर अपरिवर्तित
शेष 75 प्रतिशत 4 साल बाद सेवा से बाहर 2 साल का अतिरिक्त कार्यकाल मिलेगा
विस्तार अवधि में वेतन और Seva Nidhi लागू नहीं अधिक वेतन और बढ़ा हुआ Seva Nidhi योगदान

यह फैसला क्यों लिया गया

चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ ने कहा कि यह फैसला तीन से चार महीने की संरचित अंतर-सेवा समीक्षा के बाद लिया गया है। इस दौरान अग्निवीरों के वार्षिक प्रदर्शन पर नजर रखी गई और उनके प्रदर्शन को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली। यानी यह विस्तार अचानक नहीं, बल्कि प्रदर्शन के आकलन के बाद तय हुआ है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस फैसले को सेना के दीर्घकालिक संरचनात्मक सुधारों का हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि इसका मकसद सेना को युवा, फिट, तकनीकी रूप से सक्षम और भविष्य के लिए तैयार बनाना है।

पृष्ठभूमि में यह भी है कि अग्निपथ योजना को लेकर छोटी सेवा अवधि और सेवा के बाद के भविष्य को लेकर आलोचना होती रही है। इसी चिंता के बीच उत्तर प्रदेश, हरियाणा और महाराष्ट्र सहित कई राज्यों ने पूर्व अग्निवीरों के लिए पुलिस और अन्य सरकारी सेवाओं में आरक्षण और रोजगार के अवसरों की घोषणा की थी। दो साल का विस्तार इसी बहस के बीच आया है, क्योंकि इससे अग्निवीरों को सेवा में अधिक समय और अनुभव मिलेगा।

किस पर असर पड़ेगा, किसे क्या करना है

सबसे पहला असर पहले बैच पर पड़ेगा। करीब 18,300 अग्निवीर ऐसे हैं जिनका चार साल का कार्यकाल पूरा होने वाला है। मूल कार्यक्रम के अनुसार उनका चरणबद्ध निकास 2026 के अंत से शुरू होना था, नौसेना में 21 नवंबर, वायुसेना में 21 दिसंबर और थलसेना में 31 दिसंबर 2026 से। अब इन अग्निवीरों के सामने दो साल के विस्तार का विकल्प होगा।

पहले बैच के अग्निवीरों के लिए अगला कदम रक्षा मंत्रालय और तीनों सेनाओं की अधिसूचनाओं का इंतजार करना है, क्योंकि विस्तार से जुड़े विस्तृत चयन नियम और मानक अभी जारी नहीं हुए हैं। जो अग्निवीर अभी सेवा के शुरुआती वर्षों में हैं, उनके लिए भी यह फैसला मायने रखता है, क्योंकि उनके कार्यकाल पूरा होने पर यही ढांचा लागू होगा। जो युवा अग्निवीर बनने की तैयारी कर रहे हैं, उनके लिए संदेश यह है कि सेवा का क्षितिज अब चार साल से बढ़कर छह साल हो गया है, लेकिन छह साल के बाद आगे की भर्ती के नियम अभी तय होने बाकी हैं, इसलिए किसी निश्चित दावे पर भरोसा करने से पहले आधिकारिक अधिसूचना देखना जरूरी होगा।

टाइमलाइन

  • 14 जून 2022: अग्निपथ योजना शुरू हुई, चार साल के कार्यकाल के साथ।
  • 2022 से 2026: पहला बैच थलसेना, नौसेना और वायुसेना में सेवा देता रहा, वार्षिक प्रदर्शन आकलन के साथ।
  • 2026 के अंत: पहले बैच का चार साल का कार्यकाल पूरा होने का समय। मूल कार्यक्रम के अनुसार नौसेना में 21 नवंबर, वायुसेना में 21 दिसंबर और थलसेना में 31 दिसंबर 2026 से चरणबद्ध निकास तय था।
  • 4 नवंबर 2026: केंद्रीय मंत्रिमंडल ने दो साल के Second Tour of Duty को मंजूरी दी।
  • छह साल पूरे होने के बाद: इच्छुक अग्निवीर वस्तुनिष्ठ चयन मानदंडों के अधीन सशस्त्र बलों में नामांकन के पात्र होंगे। इसके विस्तृत नियम अभी जारी होने बाकी हैं।

आगे क्या होगा

अगला पड़ाव रक्षा मंत्रालय और तीनों सेनाओं की अधिसूचनाएँ हैं, जिनमें विस्तार के लिए विस्तृत चयन नियम और मानक बताए जाने हैं। ये अधिसूचनाएँ ही तय करेंगी कि विस्तार के लिए कौन पात्र होगा और प्रक्रिया क्या होगी। इसके बाद पहले बैच के अग्निवीरों के विस्तार से जुड़े फैसले नवंबर और दिसंबर 2026 की मूल निकास तारीखों के आसपास सामने आने की संभावना है। छह साल की सेवा पूरी करने के बाद इच्छुक अग्निवीरों के नामांकन की प्रक्रिया भी इन्हीं आने वाली अधिसूचनाओं पर निर्भर करेगी, इसलिए आधिकारिक नियमों का प्रकाशन ही इस फैसले का अगला निर्णायक चरण होगा।

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📷 फोटो: Government of India, Wikimedia Commons (GODL-India) — फाइल फोटो

Questions people ask

Second Tour of Duty क्या है?
यह अग्निवीरों के लिए दो साल का अतिरिक्त कार्यकाल है। इसे लेने पर उनकी कुल सेवा चार साल से बढ़कर छह साल हो जाएगी।
क्या 25 प्रतिशत अग्निवीरों को नियमित सैनिक बनाने का नियम बदल गया है?
नहीं, यह प्रावधान अपरिवर्तित रहेगा। मेरिट के आधार पर 25 प्रतिशत तक अग्निवीर नियमित सैनिक बनते रहेंगे।
विस्तार लेने वाले अग्निवीरों को क्या मिलेगा?
विस्तार की अवधि में उन्हें अधिक वेतन मिलेगा और Seva Nidhi में उनका योगदान भी बढ़ा हुआ होगा।
पहले बैच पर इसका क्या असर पड़ेगा?
करीब 18,300 अग्निवीरों का चार साल का कार्यकाल 2026 के अंत में पूरा हो रहा था। अब उन्हें दो साल के विस्तार का विकल्प मिलेगा।
छह साल के बाद क्या होगा?
छह साल के बाद इच्छुक अग्निवीर वस्तुनिष्ठ चयन मानदंडों के अधीन सशस्त्र बलों में नामांकन के पात्र होंगे। इसके विस्तृत नियम अभी जारी नहीं हुए हैं।

Editorial note: This story was researched from public sources and drafted with the help of AI tools. It was then read, checked against those sources and approved by the Gagariya editorial team before publication. How we work.

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