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1 नवंबर से नंदिनी दूध ₹8 महंगा, चाय-कॉफी भी बढ़ेगी

By Gagariya Editorial Desk•30 Oct 2026 IST•4 min read•Human Reviewed & Fact-Checked

1 नवंबर से कर्नाटक के दूध उत्पादक किसानों को हर लीटर पर ₹7 ज्यादा मिलेंगे, और सहकारी समितियों को ₹1 प्रति लीटर अतिरिक्त मिलेगा। राज्य कैबिनेट ने 29 अक्टूबर को दूध का दाम ₹8 प्रति लीटर बढ़ाने का फैसला लिया है। इसी फैसले के साथ बेंगलुरु के होटलों और दर्शनियों में चाय और कॉफी के दाम बढ़ने की तैयारी भी शुरू हो गई है, और नई दरें भी 1 नवंबर से ही दिखने लगेंगी।

कैबिनेट ने क्या तय किया

मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा ने कैबिनेट बैठक के बाद बताया कि किसानों की मुश्किलों को देखते हुए यह फैसला सर्वसम्मति से लिया गया। उन्होंने कहा कि दूध उत्पादकों ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया था और सहकारी समितियों ने भी दाम बढ़ाने की मांग की थी। इस मुद्दे पर कैबिनेट में दो या तीन बार चर्चा हुई थी। मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार ने 30 अक्टूबर को इस फैसले का बचाव करते हुए कहा कि बढ़ोतरी का मकसद डेयरी किसानों को बढ़ते घाटे से बचाना है। उन्होंने कहा कि प्लास्टिक पैकेजिंग, डीजल, पेट्रोल और दूध के परिवहन की लागत बढ़ गई है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सभी दलों के विधायकों ने दाम बढ़ाने की मांग की थी, लेकिन चुनावों के कारण पहले फैसला नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि पड़ोसी आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु की तुलना में कर्नाटक में दूध अब भी सस्ता है, और कम दाम के कारण दूध आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र भेजा जा रहा था, जिसे रोकना जरूरी था।

पहले क्या था, अब क्या होगा

| मद | पहले | 1 नवंबर से | | किसान को मिलने वाला दाम | ₹35 प्रति लीटर | ₹42 प्रति लीटर | | सरकारी प्रोत्साहन | ₹5 प्रति लीटर | ₹5 प्रति लीटर, जारी रहेगा | | किसान को कुल भुगतान | ₹40 प्रति लीटर | ₹47 प्रति लीटर | | सहकारी समितियों को मिलने वाली बढ़ोतरी | — | ₹1 प्रति लीटर अतिरिक्त | | उपभोक्ता के लिए बढ़ोतरी | — | ₹8 प्रति लीटर | पिछली बार दूध के दाम 1 अप्रैल 2025 को ₹4 प्रति लीटर बढ़े थे। उससे पहले जून 2024 में ₹2 प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई थी, तब 500 मिलीलीटर के पैक में 50 मिलीलीटर दूध अतिरिक्त दिया गया था। इस बार की ₹8 की बढ़ोतरी एक ही बार में लागू हो रही है, और यही बात होटल कारोबारियों को सबसे ज्यादा खटक रही है।

चाय और कॉफी कितनी महंगी होगी

यहां अलग-अलग संगठनों के आंकड़े अलग हैं, और पाठकों को यही अंतर समझना जरूरी है। बेंगलुरु होटल्स एसोसिएशन के अध्यक्ष पी. सी. राव ने कहा कि ₹8 की बढ़ोतरी असामान्य रूप से बड़ी है, क्योंकि पहले दूध के दाम आमतौर पर ₹2 या ₹3 करके बढ़ते थे। एसोसिएशन का कहना है कि होटल दाम एक साथ नहीं, बल्कि चरणों में बढ़ाएंगे, और हर होटल की बढ़ोतरी उसकी लागत और मेन्यू के हिसाब से अलग हो सकती है। इसलिए एसोसिएशन ने कोई एक समान दर घोषित नहीं की है। दूसरी तरफ, कर्नाटक राज्य होटल्स एसोसिएशन के अध्यक्ष जी. के. शेट्टी ने कहा कि चाय, कॉफी और अन्य चीजों के दाम 5 प्रतिशत बढ़ाए जाएंगे। गाजर का हलवा, पायसम और बादाम दूध जैसे डेयरी डेजर्ट के दाम कुछ दिन में तय किए जाएंगे। वहीं, कर्नाटक राज्य कर्मिक परिषद (KRKP) के अध्यक्ष रवि शेट्टी बेंदूर ने कहा कि छोटी चाय और कॉफी की दुकानों के मालिकों ने ₹5 बढ़ाने का फैसला किया है। मतलब साफ है। किसी एक होटल में आपकी कॉफी ₹5 महंगी हो सकती है, किसी में 5 प्रतिशत, और किसी में बढ़ोतरी कुछ दिन बाद चरणों में दिख सकती है। बेंगलुरु के होटलों में अभी चाय और कॉफी ₹20 से ₹48 के बीच मिलती है। होटल कारोबारियों का कहना है कि चावल, दाल, परिवहन और रसोई गैस की लागत भी बढ़ी है, इसलिए सिर्फ दूध ही वजह नहीं है।

किस पर क्या असर पड़ेगा, क्या करें

घरेलू खरीदारों के लिए हिसाब सीधा है। जो परिवार रोज 1 लीटर दूध लेता है, उसका महीना भर का खर्च ₹8 गुणा 30 दिन के हिसाब से करीब ₹240 बढ़ जाएगा। यह एक साधारण गुणा है, कोई सरकारी आंकड़ा नहीं। दूध के साथ दही, मक्खन, घी और खोए की मिठाइयों पर भी असर पड़ सकता है, क्योंकि ये सभी दूध से ही बनते हैं। किसानों के लिए यह राहत की खबर है। उन्हें अब ₹42 प्रति लीटर मिलेगा और ₹5 का सरकारी प्रोत्साहन जारी रहेगा, यानी कुल ₹47 प्रति लीटर। मंत्री गौड़ा ने कहा कि इससे लाखों किसान परिवारों को फायदा होगा। बेकरी और मिठाई की दुकानों पर अभी राहत है। कर्नाटक बेकरी, स्वीट्स और कैफे एसोसिएशन के सचिव मधु अयंगर ने कहा कि उनकी दुकानें फिलहाल मिठाई या बेकरी चीजों के दाम नहीं बढ़ाएंगी, क्योंकि बाजार में काफी मुकाबला है। उन्होंने यह भी कहा कि चीनी और अन्य चीजों के दाम बढ़ने से बेकरी का मुनाफा पहले ही 10 से 12 प्रतिशत घट चुका है।

आगे क्या होगा

1 नवंबर से दूध का नया दाम लागू हो जाएगा। उसी दिन से बेंगलुरु के होटलों और दर्शनियों में बदली हुई दरें दिखने लगेंगी, लेकिन हर जगह एक जैसी दर की उम्मीद न करें। डेजर्ट के नए दाम अगले कुछ दिन में तय होंगे। बेंगलुरु होटल्स एसोसिएशन ने सरकार से नंदिनी दूध और डेयरी उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी पर नियंत्रण और डेयरी कारोबार की प्रशासनिक लागत पर काबू की मांग की है, इसलिए इस मांग पर सरकार के रुख पर भी नजर रहेगी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा है कि बस किराए में प्रस्तावित बढ़ोतरी पर फैसला परिवहन विभाग खुद करेगा।

स्रोत

Questions people ask

1 नवंबर से नंदिनी दूध कितना महंगा होगा?
₹8 प्रति लीटर। इसमें से ₹7 किसानों को और ₹1 सहकारी समितियों को जाएगा।
किसानों को अब कुल कितना मिलेगा?
₹42 प्रति लीटर दाम और ₹5 सरकारी प्रोत्साहन, यानी कुल ₹47 प्रति लीटर।
चाय-कॉफी कितनी महंगी होगी, ₹5 या 5 प्रतिशत?
दोनों आंकड़े अलग-अलग संगठनों के हैं। छोटी दुकानों ने ₹5 बढ़ाने का फैसला किया है, राज्य होटल्स एसोसिएशन ने 5 प्रतिशत कहा है, और बेंगलुरु होटल्स एसोसिएशन चरणों में अलग-अलग बढ़ोतरी की बात कह रहा है।
क्या मिठाई और बेकरी चीजें भी महंगी होंगी?
बेकरी एसोसिएशन ने फिलहाल दाम न बढ़ाने का फैसला किया है, लेकिन होटलों के डेजर्ट जैसे गाजर हलवा और पायसम के दाम कुछ दिन में तय होंगे।
पिछली बार दूध कब महंगा हुआ था?
1 अप्रैल 2025 को ₹4 प्रति लीटर, और उससे पहले जून 2024 में ₹2 प्रति लीटर।

Editorial Note: This explainer was researched using verified primary sources and official notifications, then independently fact-checked, reviewed, and finalized under human editorial guidance by the Gagariya desk.

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